NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
छात्रों और शिक्षकों के लंबे संघर्ष के बाद यूजीसी सभी परीक्षाओं को कैंसिल करने को तैयार
सबसे पहले के अपने गाइड लाइन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने फ़ाइनल ईयर के छात्रों को छोड़कर बाकि सभी को प्रमोट करने के लिए कहा था। अब उसने फ़ाइनल ईयर/सेमस्टर के एग्जाम को भी कैंसिल करने का सुझाव दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Jun 2020
UGC
image courtesy : The Indian Express

देश में लगातार बढ़ते छात्रों और शिक्षकों के विरोध के बाद बुधवार यानि 24 जून को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने फ़ाइनल ईयर/सेमस्टर के एग्जाम को भी कैंसिल करने का सुझाव दिया है। इसको लेकर निर्देश भी जल्द ही जारी किये जा सकते है। इससे पहले के अपने गाइड लाइन में यूजीसी ने फ़ाइनल ईयर के छात्रों को छोड़कर बाकि सभी को प्रमोट करने के लिए कहा था। इसका पूरे देशभर में छात्र विरोध कर रहे थे। 22 जून को आइसा, एसएफआई, केवाईएस सहित कई संगठनों ने संयुक्त रूप से देशव्यापी प्रदर्शन किया था। जिसके एक दिन बाद ही यूजीसी ने यह फ़ैसला लिया है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने भी कोरोना काल में कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को परीक्षा आयोजित करने तथा नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने के बारे में जारी दिशानिर्देश पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को फिर से विचार करने की सलाह दी थी। यह जानकारी उन्होंने ट्वीट कर दी। जिसके बाद से ही एग्जाम के रद्द होने की संभावना बढ़ गई थी। उन्होंने कहा “मैंने  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को सलाह दी है कि पिछले दिनों उसने परीक्षाओं को आयोजित करने के बारे में जो दिशा निर्देश जारी किए थे उस पर वह विचार करे।”

tweet 2.PNG

सभी छात्र और शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे आंदोलन की जीत बताया। आपको बता दें कि इस निर्णय से पूर्व ही चार राज्यों ने इसी तरह का फैसला लेते हुए   सभी प्रकार के एग्जाम को कैंसिल कर दिया है। इसमें महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेश और हरियाणा शामिल हैं।  इसके अलावा तमिलनाडु सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने भी सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया हैं।
 
परन्तु अब भी कई विश्वविद्यालय हैं जिन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। यूजीसी के अनुशंसा के बाद भी दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने ओपन बुक ऑनलाइन एग्जाम लेने के फैसले को वापस नहीं लिया है। इसको लेकर आज यानि 25 जून को छात्र इसका सोशल मीडिया पर #ScrapOBE और #DUAgainstOnlineExams के हैशटैग के साथ विरोध दर्ज करा रहे हैं।  

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय को तुंरत अपने इस फैसले को वापस लेना चाहिए। दिल्ली विश्विद्यालय के शोध छात्र और दिल्ली एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष सुमित कटारिया ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि यूजीसी का यह फैसला देशभर के छात्र आंदोलन की संयुक्त जीत है। लेकिन यह हमारे संघर्षों में बस एक पड़ाव है हमारा संघर्ष तब तक चलेगा जबतक की विश्वविद्यालय इसे लागू नहीं करते।

छात्र संगठन केवाईएस ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि छात्रों और शिक्षकों ने ओपन बुक परीक्षा के प्रति अपनी व्यापक समस्याएँ जताई हैं। डूटा और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा करवाए गए सर्वेक्षणों से साफ ज़ाहिर है कि न छात्र और न ही शिक्षक ऑनलाइन परीक्षा के पक्ष में हैं।  साथ ही, लॉकडाउन और कोरोना महामारी के चलते छात्रों और उनके परिवारों को हो रही समस्याएँ भी इन सर्वेक्षणों के माध्यम से डीयू प्रशासन को ज्ञात कारवाई गई हैं। परंतु, डीयू प्रशासन छात्रों की समस्याओं पर उदासीन रवैया अख़्तियार किए हुए है।

आगे उन्होंने कहा कि यूजीसी कमिटी की अनुशंसाएँ और एचआरडी मंत्रालय द्वारा यूजीसी को निर्देश छात्रों और शिक्षकों की चिंताओं और उनके द्वारा सुझाए गए उपायों को सही साबित करते हैं।  केवाईएस इन अनुशंसाओं और एचआरडी मंत्रालय के निर्णय का स्वागत करता है और संकल्प लेता है अपना संघर्ष तब तक जारी रखेगा जब तक डीयू प्रशासन इन अनुशंसाओं को नहीं मानता।  

आपको बता दे देश में कोरोना का संक्रमण देश में बहुत तेज़ी से फैल रहा है देश में संक्रमण के मामले 4.7 लाख हो चुके हैं जबकि मौत का अकड़ा 14,500 हो चुका है। 

UGC
HRD
Coronavirus
COVID-19
Exam in Corona Period
ramesh pokhriyal
online exam
twitter
#DUAgainstOnlineExams

Related Stories

कॉमन एंट्रेंस टेस्ट से जितने लाभ नहीं, उतनी उसमें ख़ामियाँ हैं  

कोरोना लॉकडाउन के दो वर्ष, बिहार के प्रवासी मज़दूरों के बच्चे और उम्मीदों के स्कूल

नेट परीक्षा: सरकार ने दिसंबर-20 और जून-21 चक्र की परीक्षा कराई एक साथ, फ़ेलोशिप दीं सिर्फ़ एक के बराबर 

यूजीसी का फ़रमान, हमें मंज़ूर नहीं, बोले DU के छात्र, शिक्षक

नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 

कर्नाटक: वंचित समुदाय के लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों, सूदखोरी और बच्चों के अनिश्चित भविष्य पर अपने बयान दर्ज कराये

45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होगी प्रवेश परीक्षा, 12वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रवेश खत्म

शिक्षाविदों का कहना है कि यूजीसी का मसौदा ढांचा अनुसंधान के लिए विनाशकारी साबित होगा

लॉकडाउन में लड़कियां हुई शिक्षा से दूर, 67% नहीं ले पाईं ऑनलाइन क्लास : रिपोर्ट

शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत 'हमेशा के लिए दाग': संयुक्त राष्ट्र समूह
    21 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र वर्किंग ग्रुप ने मनमानी हिरासत पर भारत सरकार से उन परिस्थितियों की प्रभावी जांच करने को कहा जिनके कारण फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु हुई थी
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    कांग्रेस का असल संकट और 'आप' के भगत अम्बेडकर
    20 Mar 2022
    कांग्रेस का असल संकट क्या है? 18 और 23 असंतुष्ट नेताओं के ग्रुप वैचारिक दबाव-समूह हैं या चुनावी राजनीति में अपने-अपने स्वार्थ के अखाड़ेबाज? पंजाब में अपनी शानदार चुनावी सफलता के बाद आम आदमी पार्टी(आप…
  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या लाभार्थी थे भाजपा की जीत की वज़ह?
    20 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में नीलांजन बात करते हैं समाजशास्त्री हिलाल अहमद से. वे बात करते हैं देश के बदलते चरित्र की.
  • Kanwal Bharti
    राज वाल्मीकि
    भेदभाव का सवाल व्यक्ति की पढ़ाई-लिखाई, धन और पद से नहीं बल्कि जाति से जुड़ा है : कंवल भारती 
    20 Mar 2022
    आपने 2022 में दलित साहित्य के समक्ष चुनौतियों की बात पूछी है, तो मैं कहूँगा कि यह चुनौती अब ज्यादा बड़ी है। हालांकि स्थापना का संघर्ष अब नहीं है, परन्तु विकास और दिशा की चुनौती अभी भी है।
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक
    20 Mar 2022
    हर हफ़्ते की ज़रूरी ख़बरों को एक पिटारे में एक बार फिर लेकर हाज़िर हैं अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License