NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यमन की समस्याओं के बावजूद यूके की सऊदी अरब को हथियार बिक्री जारी रखने की घोषणा
पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या में शामिल होने के आरोप में सऊदी नागरिकों पर प्रतिबंध लगाने के ठीक एक दिन बाद यूके सरकार ने ये घोषणा की है।
पीपल्स डिस्पैच
08 Jul 2020
 यमन की समस्याओं के बावजूद यूके की सऊदी अरब को हथियार बिक्री जारी रखने की घोषणा

जमाल खशोगी की हत्या को लेकर सऊदी अरब के नागरिकों पर प्रतिबंध लगाने के ठीक एक दिन बाद यूनाइटेड किंगडम ने मंगलवार 7 जुलाई को घोषणा की कि वह सऊदी अरब को हथियार बेचना जारी रखेगा। यूके के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सचिव लिज़ ट्रूस ने ब्रिटिश संसद को बताया कि कोई सरकारी मूल्यांकन "एक स्पष्ट जोखिम सिद्ध करने में सक्षम नहीं है कि सऊदी अरब को हथियारों और सैन्य उपकरणों के निर्यात का उपयोग [अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून] के गंभीर उल्लंघन के कृत्य में किया जा सकता है।"

ट्रूस ने कहा कि पिछले साल अदालत के फैसले के अनुपालन में हथियार निर्यात लाइसेंस को कैसे प्रदान किया गया है इसकी सरकार ने समीक्षा भी की है। अदालत के फैसले में सऊदी अरब को उसके यमन में युद्ध में शामिल होने और कार्रवाईयों को लेकर नए हथियारों की बिक्री को रोक दिया गया था।

सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन का मानव जीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के विशाल और अहम सबूतों के साथ-साथ इसके स्पष्ट और दोहराव, जानबूझकर और लगातार निशाना बनाने और नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर बमबारी के बावजूद ट्रूस ने कहा कि यूके सरकार उन्हें अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखती है और उक्त समीक्षा में सरकार ने पाया कि सऊदी अरब का "वास्तविक उद्देश्य था और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय क़ानून का पालन करने की क्षमता थी।"

यूके ने मार्च 2015 से कम से कम 5.3 मिलियन ब्रिटिश पाउंड के हथियार और गोला-बारूद की सऊदी अरब को आपूर्ति की है। इसी वर्ष सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में सैन्य दखल देने का फैसला किया था।

पिछले साल जून में अदालत ने फैसला सुनाया था कि सरकार यमन में इस्तेमाल के लिए सऊदी को यूके- निर्मित हथियारों की बिक्री के लिए हथियार निर्यात लाइसेंस देकर ग़ैरक़ानूनी तरीके से काम कर रही थी। प्रतिकूल प्रभाव का आकलन किए बिना इसका वहां मानवीय स्थिति पर उलटा प्रभाव पड़ेगा या ऐसा न हो कि सऊदी सैन्य अभियान अंतर्राष्ट्रीय मानवीय क़ानून का उल्लंघन करता हो।

मंगलवार की घोषणा को संसद में विपक्षी नेताओं के साथ-साथ एक्टिविस्ट और मानवाधिकार समूहों द्वारा 'नैतिक रूप से असमर्थनीय' के रूप में निंदा की गई थी। कैंपेन अगेंस्ट द आर्म्स ट्रेड (सीएएटी) ने इस निर्णय को 'नैतिक रूप से दिवालिया' कहा। सीएएटी के एंड्रयू स्मिथ ने कहा, "यमन में सऊदी के नेतृत्व में बमबारी ने दुनिया का सबसे ख़राब मानवीय संकट पैदा कर दिया है और सरकार खुद स्वीकार करती है कि ऐसा हो सकता है कि यूके-निर्मित हथियारों ने इस बमबारी में अहम भूमिका निभाई हो। हम अपने वकीलों के साथ इस नए फैसले पर विचार करेंगे और इसे चुनौती देने के लिए उपलब्ध सभी विकल्पों की तलाश करेंगे।”

 

UK
Saudi Arabia
yemen
yemen crisis
Saudi led war on Yemen

Related Stories

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?

पड़ताल दुनिया भर कीः यमन का ड्रोन हमला हो या यूक्रेन पर तनाव, कब्ज़ा और लालच है असल मकसद

दुनिया को गौर करना चाहिए कि बाइडेन की प्रेसीडेंसी ढलान पर है

AUKUS के विश्वासघात के ख़िलाफ़ मैक्रोन का बदला


बाकी खबरें

  • Lenin
    अनीश अंकुर
    लेनिन: ‘‘कल बहुत जल्दी होता... और कल बहुत देर हो चुकी होगी... समय है आज’’
    22 Apr 2022
    लेनिन के जन्म की 152वीं सालगिरह पर पुनर्प्रकाशित: कहा जाता है कि सत्रहवी शताब्दी की अंग्रेज़ क्रांति क्रामवेल के बगैर, अठारहवीं सदी की फ्रांसीसी क्रांति रॉब्सपीयर के बगैर भी संपन्न होती लेकिन बीसवीं…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,451 नए मामले, 54 मरीज़ों की मौत 
    22 Apr 2022
    दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए, 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को बूस्टर डोज मुफ्त देने का ऐलान किया है। 
  • पीपल्स डिस्पैच
    नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर
    22 Apr 2022
    जर्मनी, कनाडा, यूके, नीदरलैंड और रोमानिया उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने यूक्रेन को और ज़्यादा हथियारों की आपूर्ति का वादा किया है। अमेरिका पहले ही एक हफ़्ते में एक अरब डॉलर क़ीमत के हथियारों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    सामूहिक विनाश के प्रवासी पक्षी
    22 Apr 2022
    रूसियों ने चौंकाने वाला दावा किया है कि, पेंटागन की जैव-प्रयोगशालाओं में तैयार किए गए डिजिटलीकृत प्रवासी पक्षी वास्तव में उनके क़ब्ज़े में आ गए हैं।
  • रश्मि सहगल
    उत्तराखंड समान नागरिक संहिता चाहता है, इसका क्या मतलब है?
    21 Apr 2022
    भाजपा के नेता समय-समय पर, मतदाताओं का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण करने के लिए, यूसीसी का मुद्दा उछालते रहते हैं। फिर, यह केवल एक संहिता का मामला नहीं है, जो मुसलमानों को फिक्रमंद करता है। यह हिंदुओं पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License