NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
अंतरराष्ट्रीय
यूएन महासचिव ने COVID-19 वैक्सीन की "असमान" वैश्विक उपलब्धता की आलोचना की
महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि अभी तक कुल टीकाकरण का 75% केवल दस देशों में दिया गया है जबकि 130 देशों को इसकी एक भी खुराक नहीं मिली है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Feb 2021
एंटोनियो गुटेरेस

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने विश्व भर में कोरोनावायरस वैक्सीन के "असमान और अनुचित" उपलब्धता को लेकर तीखी आलोचना की। बुधवार 17 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक उच्च स्तरीय बैठक में बोलते हुए उन्होंने ऐसे समय में ये बात कही जब 130 देशों को वैक्सीन की एक भी खुराक नहीं मिली है जबकि केवल 10 देशों ने कुल टीका का 75% हासिल कर लिया है।

उन्होंने कहा कि संघर्ष क्षेत्रों में अधिकांश लोग पीछे रह जाते हैं और उन्होंने जी-20 देशों से आग्रह किया कि वे COVID-19 के टीकों के वैश्विक उत्पादन और वितरण में तेजी लाने की व्यवस्था के लिए तत्काल कदम उठाएं।

गुटेरेस ने "आवश्यक शक्ति, विशेषज्ञता और उत्पादन क्षमता वाले उन सभी को एक साथ लाने के लिए वैश्विक टीकाकरण योजना" की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित किया, ताकि "हर किसी को, हर जगह, जितनी जल्दी हो सके टीकाकरण किया जाए।"

कोरोनावायरस ने विश्व भर में 109 मिलियन से अधिक लोगों को संक्रमित किया है और इससे 2.4 मिलियन से अधिक लोगों की मौत हुई। प्रभावित लोगों की बड़ी संख्या गरीब देशों में है जिनके पास उच्च लागत और सीमित उत्पादन के कारण विकसित देशों के निर्माताओं से उत्पादन किए गए टीकों को खरीदने के लिए संसाधनों की कमी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कोवैक्स कार्यक्रम (Covax program) जो गरीब देशों को टीके प्रदान करने की एक पहल है वह उत्पादकों द्वारा फंड और मदद की कमी के कारण इसका वितरण शुरू करने के लिए अपने डेडलाइन को पूरा करने के लिए जूझ कर रहा है।

डब्ल्यूएचओ और यूएन द्वारा कई देशों पर उनके द्वारा नियंत्रित गरीब देशों को टीका देने से इनकार करने को लेकर "वैक्सीन राष्ट्रवाद" या यहां तक कि "वैक्सीन रंगभेद" जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। इजरायल जहां विश्व की तुलना में सबसे ज़्यादा प्रतिशत में टीकाकरण किया गया है उस पर एक्टिविस्टों ने इसके नियंत्रण वाले क्षेत्र फिलिस्तीन को जानबूझकर नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।

बैठक में बोलते हुए चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बढ़ते "प्रतिरक्षा विभाजन" की आलोचना की और दुनिया के देशों को गरीब देशों और संघर्षरत क्षेत्रों में लोगों की मदद करने के लिए एकजुट होने के लिए कहा है। उन्होंने इन देशों से अपने "वैक्सीन राष्ट्रवाद" को छोड़ने का भी आग्रह किया। उन्होंने जोर दिया कि चीन पहले ही 53 देशों को वैक्सीन दान कर चुका है और कम से कम 10 देशों के साथ मिलकर टीका विकसित कर रहा है। वांग यी ने प्रारंभिक योगदान के तौर पर कोवैक्स कार्यक्रम के लिए अपने टीके की 10 मिलियन खुराक देने की भी घोषणा की।

COVID-19
United nations
Antonio Guterres

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • make in india
    बी. सिवरामन
    मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम
    07 Jan 2022
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों के गिग कार्यकर्ता नई पीढ़ी के श्रमिक कहे जा सकते  हैं, लेकिन वे सीधे संघर्ष में उतरने के मामले में ऑटो व अन्य उच्च तकनीक वाले एमएनसी श्रमिकों से अब टक्कर लेने लगे हैं। 
  • municipal elections
    फर्राह साकिब
    बिहारः नगर निकाय चुनावों में अब राजनीतिक पार्टियां भी होंगी शामिल!
    07 Jan 2022
    ये नई व्यवस्था प्रक्रिया के लगभग अंतिम चरण में है। बिहार सरकार इस प्रस्ताव को विधि विभाग से मंज़ूरी मिलने के पश्चात राज्य मंत्रिपरिषद में लाने की तैयारी में है। सरकार की कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस…
  • Tigray
    एम. के. भद्रकुमार
    नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 
    07 Jan 2022
    हिंद महासागर को स्वेज नहर से जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण लाल सागर पर अपने नियंत्रण को स्थापित करने की अमेरिकी रणनीति की पृष्ठभूमि में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अफ्रीकी यात्रा काफी…
  • Supreme Court
    अजय कुमार
    EWS कोटे की ₹8 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट को किस तरह के तर्कों का सामना करना पड़ा?
    07 Jan 2022
    आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए ₹8 लाख की सीमा केवल इस साल की परीक्षा के लिए लागू होगी। मार्च 2022 के तीसरे हफ्ते में आर्थिक तौर पर कमजोर सीमा के लिए निर्धारित क्राइटेरिया की वैधता पर…
  • bulli bai aap
    सना सुल्तान
    विचार: शाहीन बाग़ से डरकर रचा गया सुल्लीडील... बुल्लीडील
    07 Jan 2022
    "इन साज़िशों से मुस्लिम औरतें ख़ासतौर से हम जैसी नौजवान लड़कियां ख़ौफ़ज़दा नहीं हुईं हैं, बल्कि हमारी आवाज़ और बुलंद हुई है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License