NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
यूएन ने अल्जीरिया से हिरक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों के हनन को रोकने का आह्वान किया
मानवाधिकार कार्यालय ने अल्जीरियाई अधिकारियों द्वारा राजनीतिक बंदियों के ख़िलाफ़ शारीरिक और यौन हिंसा की रिपोर्ट मिलने का भी खुलासा किया है।
पीपल्स डिस्पैच
13 May 2021
यूएन ने अल्जीरिया से हिरक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों के हनन को रोकने का आह्वान किया

संयुक्त राष्ट्र ने अल्जीरिया में बिगड़ती मानवाधिकारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और अल्जीरियाई सरकार से आग्रह किया है कि वह देश में सरकार विरोधी हिरक आंदोलन के प्रदर्शनकारियों, समर्थकों और सहानुभूति रखने वालों पर हो रही व्यवस्थित कार्रवाई को बंद करे। बुधवार 12 मई को कई मीडिया संस्थानों ये रिपोर्ट प्रकाशित की है।

इन विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए सरकार द्वारा की गई कई कार्रवाइयों की निंदा करते हुए, द ऑफिस ऑफ द यूनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स (ओएचसीएचआर) ने सरकार से कहा है कि वह निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अधिकारियों और सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर किए गए कई प्रकार के मानवाधिकार उल्लंघनों की तेजी से जांच करे।

मंगलवार को मानवाधिकार कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में यूनाइटेड नेशंस हाई कमीशनर फॉर ह्यूमन राइट्स के प्रवक्ता रूपर्ट कोलविले ने कहा कि "हम अल्जीरिया में इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं जहां विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा करने और सार्वजनिक मामलों में शामिल होने को लेकर लगातार हमला जारी है। COVID-19 महामारी के कारण हिरक मूवमेंट द्वारा ऑनलाइन प्रदर्शन आयोजित किए जाने के बाद 13 फरवरी 2021 को अल्जीरिया की सड़कों पर प्रदर्शनों के फिर से शुरू होने के बाद हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनावश्यक और असंगत कार्रवाई की निरंतर रिपोर्ट मिली है साथ ही साथ गिरफ्तार करने की प्रक्रिया जारी है।”

यूएन ने इस तथ्य पर भी चिंता जताई कि लगभग 70 अल्जीरियाई लोगों को अभी भी अधिकारियों द्वारा हिरक विरोध प्रदर्शन के मामले में हिरासत में लिया गया है जिनमें से कुछ प्रदर्शनकारी लंबी जेल की सजा काट रहे हैं।

इसके अलावा इसने सरकार से आग्रह किया है कि वह संबंधित दंड संहिता की समीक्षा करे, साथ ही ऐसे अन्य अन्यायपूर्ण और दमनकारी कानून की समीक्षा करे जो हाल ही में रैलियों और प्रदर्शनों को प्रतिबंधित करने और प्रदर्शनकारियों और आलोचकों के खिलाफ मुख्य रूप से हिरक आंदोलन से जुड़े लोगों के लिए दंडात्मक रूप से इस्तेमाल करने के लिए पारित किए गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने शारीरिक और यौन हिंसा के मामलों को लेकर भी विशेष रूप से चिंता जाहिर की है जो कि अल्जीरियाई सुरक्षा बलों द्वारा राजनीतिक कैदियों के खिलाफ भी होने लगे हैं। अन्य परेशान करने वाली रिपोर्टों से यह भी पता चला है कि कैसे अधिकारी भविष्य में होने वाले किसी भी प्रदर्शन या रैलियों में भाग नहीं लेने को लेकर कई बंदियों को शपथ पत्र और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

Algeria
USA
America
Hirak movement
hirak protesters
Joe Biden

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License