NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
संयुक्त राष्ट्र ने एकतरफ़ा निर्णय की बढ़ती चिंताओं के बीच 75 वीं वर्षगांठ मनाई
विश्व शांति और सुरक्षा को संरक्षित करने के लिए बहुपक्षीय मंच के रूप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र का गठन किया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
22 Sep 2020
Xi Jinping

इसके अधिकांश सदस्य देशों के नेताओं ने सोमवार 21 सितंबर को अपने 75 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक विशेष सत्र में वीडियो के ज़रिए चर्चा की। अधिकांश नेताओं ने बहुपक्षवाद के लिए सशक्त प्रतिबद्धता की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और कुछ देशों द्वारा अन्य देशों या अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर "बॉस" दिखाने के प्रयासों को लेकर चेतावनी दी। दुनिया के शीर्ष नेताओं की इस बैठक का थीम था "द फ्यूचर वी वांट, द यूनाइटेड नेशन्स वी नीड"।

इस बैठक में बोलते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र दुनिया के अधिकांश लोगों को उम्मीद देता है। हालांकि, यह "उसी तरह मज़बूत है जैसा कि इसके सदस्य देशों का उनके अपने विचारों और एक दूसरे के प्रति प्रतिबद्धता"। उन्होंने ऐसे समय में बहुपक्षवाद की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया जब दुनिया COVID-19 महामारी और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर ख़तरों का सामना कर रही है।

इस वर्चुअल मीटिंग में बोलते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि किसी भी देश को दुनिया पर हावी नहीं होने देना चाहिए और विकास के सभी सुविधाओं को अपने पास रखना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र को और अधिक संतुलित बनाने के लिए विकासशील देशों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बहुपक्षवाद के मामले में भी चर्चा की और कहा कि, “अपवाद या दोयम दर्जे का व्यवहार नहीं होना चाहिए। न ही अंतरराष्ट्रीय क़ानून को तोड़-मरोड़ किया जाना चाहिए और न ही इसे अन्य देशों के वैध अधिकारों और विश्व शांति और स्थिरता के हितों को कमज़ोर करने के बहाने के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सदस्य देशों में पहले वक्ता के रूप में सूचीबद्ध होने के बावजूद बैठक में भाग नहीं लिया। संयुक्त राष्ट्र में कार्यवाहक उप प्रतिनिधि चेरिथ नॉर्मन चैलेट ने अमेरिका का प्रतिनिधित्व किया।

इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक को संबोधित करने वाले अन्य नेताओं में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो, तुर्की के रेसेप तैयप एर्दोगन और नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी शामिल थें।

विश्व नेताओं की जनरल एसेंबली की वार्षिक बैठक आज से शुरू हो रही है। ये बैठक प्रत्येक सदस्य देश के एक प्रतिनिधि के साथ साथ शारीरिक दूरी के सख्त नियमों के साथ आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विश्व नेताओं के पहले से रिकॉर्ड किए गए भाषणों का प्रसारण किया जाएगा।

United nations
Xi Jinping
75th anniversary of UN
Cold War mentality
World peace and security

Related Stories

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 

यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की

चीन-रूसी सैन्य गठबंधन के मायने क्या हैं! 

वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है

अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार और हमारे बुनियादी सरोकार


बाकी खबरें

  • केवल बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    14 Sep 2021
    हम कैसे समय में जी रहे हैं जहाँ हमसे एक ऐसी दुनिया में तर्कसंगत रहने की बात कही जाती है जहाँ केवल अव्यवस्था ही एकमात्र आदर्श है, युद्ध और बाढ़ के कारण अव्यवस्था, किसी-न-किसी महामारी के कारण अव्यवस्था।
  •  'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    प्रभात पटनायक
    'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    14 Sep 2021
    भारत में मोदी सरकार का अपना ही विचित्र एजेंडा है। हरेक चीज को एक माल में तब्दील कर देने का एजेंडा। कुछ भी पवित्र नहीं हैं, कुछ भी पूजनीय नहीं है, कुछ भी बाजार से ऊपर नहीं है, सब कुछ बिकाऊ है।
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल: सेब के उचित दाम न मिलने से गुस्साए किसानों का प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन
    14 Sep 2021
    संयुक्त किसान मंच ने सरकार को चेताया है कि अगर आगामी 15 दिनों के भीतर सरकार बागवानों और किसानों के साथ मिलकर उनकी मांगों पर अमल नहीं करती है तो संयुक्त किसान मंच, अन्य संगठनों के साथ मिलकर 27 सितंबर…
  • इको गॉर्डन, लखनऊ में 10 सितंबर को युवाओं को सम्बोधित करते किसान नेता डॉ. दर्शन पाल।
    लाल बहादुर सिंह
    युवा रोज़गार आंदोलन किसान-मज़दूर आंदोलन के साथ जुड़कर नवउदारवाद और फ़ासीवाद के लिए चुनौती बनेगा
    14 Sep 2021
    27 सितम्बर का भारत बन्द इस मिशन का अहम पड़ाव है। इसके अलावा मोदी जी के जन्मदिन 17 सितंबर को इस वर्ष भी युवाओं ने जुमला दिवस-बेरोजगार दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है।
  • अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    जूलियन इंजुगारट, एना डागोरेट
    अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    14 Sep 2021
    महामारी अपने साथ पहले से कहीं ज़्यादा ग़ैर-बराबरी और नाइंसाफ़ी लेकर आयी। लेकिन,ज़मीनी स्तर के आंदोलनों ने संघर्ष कर रहे लोगों को एकजुट किया, संगठित किया और उनके लिए खाने-पीने का इंतज़ाम किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License