NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लीबिया में अंतरिम सरकार के लिए उम्मीदवारों की घोषणा का यूएन ने स्वागत किया
कार्यवाहक यूएनएसएमआईएल के प्रमुख स्टेफनी विलियम्स ने लीबिया के विभिन्न राजनीतिक गुटों की यूनिटी टॉक के समापन और अंतरिम प्रशासन का चयन करने के लिए समझौता करने की सराहना की।
पीपल्स डिस्पैच
02 Feb 2021
लीबिया में अंतरिम सरकार के लिए उम्मीदवारों की घोषणा का यूएन ने स्वागत किया

लीबिया के विभिन्न राजनीतिक गुटों ने 1-5 फरवरी से स्विट्जरलैंड के जिनेवा में पांच दिवसीय बैठक शुरू की है ताकि यह तय किया जा सके कि दिसंबर में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले अंतरिम कार्यकाल के लिए देश का नेतृत्व कौन करेगा। इस बैठक में 45 उम्मीदवारों की पूर्व-चयनित सूची में से एक अंतरिम प्रधानमंत्री और तीन सदस्यीय प्रेसिडेंसी काउंसिल का चयन होगा। इन उम्मीदवारों में 24 प्रेसिडेंसी काउंसिल के लिए और 21 प्रधानमंत्री पद के लिए हैं।

30 जनवरी को 75 राजनीतिक गुटों से जुड़े लीबिया के प्रतिनिधियों के बीच तीन महीने से अधिक समय की बातचीत के बाद उम्मीदवारों की सूची की घोषणा की गई थी।

यूएनएसएमआईएल (लीबिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन) के कार्यवाहक प्रमुख स्टेफ़नी विलियम्स ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए एक बयान में कहा कि लीबियन पॉलिटिकल डायलॉग फॉरम द्वारा ट्यूनिस में इस रोडमैप को अपनाना “लीबिया के लोगों की मांग और आकांक्षाओं” और एक संप्रभु और एकीकृत लीबिया को साकार करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रगतिशील कदम है।

नॉर्थ अफ्रीका पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न पदों के लिए चुने गए 45 उम्मीदवार लीबिया के तीनों क्षेत्रों अर्थात् पूर्व, पश्चिम और दक्षिण के हैं। वे सभी विभिन्न राजनीतिक समूहों के साथ-साथ देश के सभी हिस्सों के विभिन्न स्थानीय लीबियाई जनजातियों का भी प्रतिनिधित्व करेंगे। उम्मीदवारों की इस सूची में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

24 दिसंबर 2021 को होने वाले लीबिया के राष्ट्रीय चुनावों तक अंतिम रूप से चुनी जाने वाली अंतरिम सरकार अगले 10 महीनों तक देश पर शासन करेगी। सरकार चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री फैज अल सराज के नेतृत्व वाली त्रिपोली स्थित जीएनए (गवर्नमेंट ऑफ नेशनल एकॉर्ड) और विद्रोही खलीफा हफ्तार के नेतृत्व वाले पूर्व-आधारित एनएलए (लिबियन नेशनल आर्मी) और संबंधित प्रतिनिधि सभा का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इन 45 उम्मीदवारों में से एक उम्मीदवार जो अंत में अंतरिम पदों के लिए चुने जाएंगे उन्हें भी यह कहते हुए एक कानूनी सहमति पर हस्ताक्षर करना होगा कि वे दिसंबर में चुनाव नहीं लड़ेंगे और वे मौजूदा लीबिया राष्ट्रीयता कानून का पालन करेंगे।

libya
United nations
UNSMIL
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा


बाकी खबरें

  • women
    वर्षा सिंह
    पहाड़ों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी, कैसे तीसरी लहर का मुकाबला करेगा उत्तराखंड?
    01 Sep 2021
    उत्तराखंड के लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए मात्र 17% सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और 41% बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर राज्य की स्थिति और अधिक बिगड़ी हुई है। राज्य…
  • सूहीत के सेन 
    न्यायपालिका को बेख़ौफ़ सत्ता पर नज़र रखनी होगी
    01 Sep 2021
    न्यायपालिका हुकूमत की ज़्यादतियों पर रोक लगाने का काम कर रही है और साथ ही पूरी की पूरी कार्यकारी के हथियारों पर अंकुश लगाने के लिए क़दम बढ़ा रही है। यह सतर्क आशावाद का नतीजा है।
  • अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी : कम वेतन के ख़िलाफ़, नियमतिकरण की मांग के साथ 45000 मनरेगा मज़दूर पहुंचे लखनऊ
    01 Sep 2021
    'क़रीब 45,000 अनुबंधित मज़दूर मनरेगा के तहत पिछले 14 साल से काम कर रहे हैं जिनमें से कई की हालत सरकार की नज़रअंदाज़ी की वजह से काफ़ी ख़राब है। कई मज़दूर आर्थिक तंगी या स्वास्थ्य सेवा की कमी की वजह से…
  • न्यूज़क्लिक  डेली राउंडअप
    न्यूज़क्लिक टीम
    देश में बढ़ते सांप्रदायिक हमले, ई-श्रम पोर्टल और अन्य ख़बरें
    31 Aug 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी देश में बढ़ते सांप्रदायिक हमले, ई-श्रम पोर्टल और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • caa
    अजय कुमार
    क्या नागरिकता क़ानून अफ़ग़ानिस्तानी शरणार्थियों की मदद कर पा रहा है? नहीं, बिल्कुल नहीं
    31 Aug 2021
    भाजपा समर्थक कह रहे है कि नागरिकता संशोधन कानून की वजह से ही अफ़ग़ानिस्तान के सिख और हिंदू भारत में आ रहे हैं। ये सिर्फ़ एक झूठ है। कैसे, आइए समझिए
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License