NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
चुनाव 2022
विधानसभा चुनाव
भारत
राजनीति
मतगणना से पहले अखिलेश यादव का बड़ा आरोप- 'बनारस में ट्रक में पकड़ीं गईं EVM, मुख्य सचिव जिलाधिकारियों को कर रहे फोन'
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव परिणामों में गड़बड़ी की आशंकाओं के बीच अपनी पार्टी और गठबंधन के कार्यकर्ताओं को चेताया है कि वे एक-एक विधानसभा पर नज़र रखें..
श्याम मीरा सिंह
08 Mar 2022
EVM
अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं से की अपील (फोटो- @yadavakhilesh)

उत्तर प्रदेश राज्य के विधानसभा चुनाव के परिणामों में अधिक वक्त नहीं बचा है, एक तरफ सत्ताधारी पार्टी अपने वापस आने की उम्मीद में है वहीँ विपक्षी पार्टियाँ भी अपने-अपने गणित के हिसाब से सत्ता परिवर्तन होने का दावा कर रही हैं, इस बीच 7 मार्च की शाम को आए एग्जिट पोल के नतीजे आए, अधिकतर एग्जिट पोल भाजपा की सरकार बनाते दिखा रहे हैं, हालाँकि एग्जिट पोल का इतिहास ऐसा रहा है कि इन पर अधिक विश्वास का कोई मतलब नहीं है, लेकिन एग्जिट पोल ने विपक्षी पार्टियों को सतर्क कर दिया है, और किसी भी भावी गड़बड़ी से बचने के लिए आगाह कर दिया है।

इस बीच बनारस में EVM से भरे ट्रक पकड़े जाने का आरोप लगाया जा रहा है, समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक तत्काल प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर ये आरोप लगाया है। अखिलेश यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाते हुए कहा है- ''आज बनारस में देखने को मिला जहां EVM ले जाई जा रहीं थीं, वहां एक ट्रक पकड़ा गया, दो ट्रक लेकर भाग गए, इसका लाइव है, अगर सरकार वोट की चोरी नहीं कर रही थी तो सरकार बताए कि वो दो ट्रक कहाँ गए? अगर चोरी नहीं कर रही थी तो बताए कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किये बिना इतनी EVM कहाँ ले जाई जा रही हैं।''

अखिलेश यादव ने आगे कहा- ''EVM के बारे में ये नियम है कि अगर किसी भी स्ट्रोंग रूम में रखी हो तो बिना प्रत्याशी को सूचित किये आप EVM मूव नहीं कर सकते, कम से कम प्रत्याशियों को बताना चाहिए था।''

एग्जिट पोल पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा- ''मैं एग्जिट पोल पर बात नहीं करना चाहता था, जमीन पर चुनाव भाजपा के खिलाफ जा रहा था, लेकिन कल जो एग्जिट पोल आए हैं वो ये परसेप्शन बनाने के लिए हैं कि हाँ भाजपा जीत रही है जिससे वो अगर चोरी भी करें तो ये पता न लगे कि चोरी हुई है''

प्रदेश के मुख्य सचिव पर आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा है- मुख्यमंत्री के सचिव जगह-जगह डीएम को फोन कर रहे हैं कि जहां बीजेपी हारती दिखे वहां काउंटिंग स्लो होनी चाहिए, अगर हम पिछला चुनाव देखें तो भारतीय जनता पार्टी की जहाँ हार हुई है वहां 47 सीटें ऐसी हैं जहां पांच हजार वोट से कम फांसले से भाजपा की जीत हुई है।''

वहीं गुस्साई भीड़ ने जब पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारियों से EVM पर सवाल किया किया तो प्रशासन ने कहा कि इन्हें ट्रेनिंग के लिए ले जाया जा रहा था।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रिजल्ट के दिन गड़बड़ी की आशंका के बीच अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी चेताया है कि वे एक-एक विधानसभा पर नज़र रखें, अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर पर कहा है- वाराणसी में EVM पकड़े जाने का समाचार उप्र की हर विधानसभा को चौकन्ना रहने का संदेश दे रहा है। मतगणना में धांधली की कोशिश को नाकाम करने के लिए सपा-गठबंधन के सभी प्रत्याशी और समर्थक अपने-अपने कैमरों के साथ तैयार रहें। युवा लोकतंत्र व भविष्य की रक्षा के लिए मतगणना में सिपाही बने''

इसके साथ ही अखिलेश यादव ने गठबंधन के अपने सहयोगियों के साथ एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर की है, इस तस्वीर को शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा है- आज से, अभी से हर युवा, हर मतदाता अगले 3 दिन तक मत की रक्षा के लिए मतगणना केंद्र की क़िलेबंदी कर दे और ढोल-मंजीरा लेकर आज़ादी के अफ़साने गाए। किसानों की तरह उनके लिए भी लोकतंत्र के लंगर लगेंगे व दुनिया देखेगी लोकतंत्र को कैसे बचाया जाता है। राजनीति बाहुबल के आगे जनबल झुकेगा नहीं।'

आपको बता दें कि यूपी समेत पांच राज्यों के लिए वोटिंग संपन्न हो चुकी है, अब इनके परिणामों का बेशब्री से इंतजार किया जा रहा है, इसी दस मार्च के दिन पांच राज्यों- यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा के परिणाम आने वाले हैं।

ये भी देखें: उत्तर प्रदेश का चुनाव कौन जीत रहा है? एक अहम पड़ताल!

AKHILESH YADAV
SAMAJWADI PARTY
EVM controversy
UP ELections 2022

Related Stories

हार के बाद सपा-बसपा में दिशाहीनता और कांग्रेस खोजे सहारा

सियासत: अखिलेश ने क्यों तय किया सांसद की जगह विधायक रहना!

यूपी चुनाव नतीजे: कई सीटों पर 500 वोटों से भी कम रहा जीत-हार का अंतर

यूपी के नए राजनीतिक परिदृश्य में बसपा की बहुजन राजनीति का हाशिये पर चले जाना

यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !

यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट

जनादेश—2022: वोटों में क्यों नहीं ट्रांसलेट हो पाया जनता का गुस्सा

त्वरित टिप्पणी: जनता के मुद्दों पर राजनीति करना और जीतना होता जा रहा है मुश्किल

जनादेश-2022: यूपी समेत चार राज्यों में बीजेपी की वापसी और पंजाब में आप की जीत के मायने

यूपी चुनाव: प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की वापसी


बाकी खबरें

  • pottery business
    सतीश भारतीय
    बद से बदतर होता जा रहा है चीनी मिट्टी के बर्तनों का कारोबार
    17 Feb 2022
    कोरोना संकट में 82 फ़ीसदी लघु कारोबारों का कामकाज धाराशाही हो गया है और 80 फ़ीसदी छोटी इकाइयां पूंजी की भयानक कमीं का शिकार है।
  • unemployment
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    उत्तर प्रदेश: हिजाब मामले के बीच, महिलाओं की बेरोज़गारी का रिपोर्ट कार्ड क्या कहता है?
    17 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में तकरीबन 98% महिलाएं कामकाज की दुनिया से बाहर हैं।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    लोगों के बीच भाजपा के लिए इतना गुस्सा कि भाजपा के 25 नेताओं को मिली केंद्रीय सुरक्षा
    17 Feb 2022
    जिन्हें जनप्रतिनिधि बनना है, वह जनता से इतने डर रहे हैं कि उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा ले ली है।
  • unemployment
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: डबल इंजन सरकार ने‘ हिजाब’ की जगह ‘जॉब’ को क्यों नहीं बनाया चुनावी मुद्दा?
    17 Feb 2022
    ''यूपी चुनाव में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है, लेकिन दुर्भाग्य देखिए पूर्वांचल के युवा ''जॉब” की डिमांड कर रहे हैं तो भाजपा नेता ''हिजाब” में उलझा रहे हैं। नौकरी के मुद्दे पर मोदी-योगी की चुप्पी…
  • Gauri Lankesh pansare
    डॉ मेघा पानसरे
    वे दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी या गौरी लंकेश को ख़ामोश नहीं कर सकते
    17 Feb 2022
    दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी और गौरी को चाहे गोलियों से मार दिया गया हो, मगर उनके शब्द और उनके विचारों को कभी ख़ामोश नहीं किया जा सकता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License