NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उडुपी ग्राउंड रिपोर्ट : हिजाब के समर्थन में हैं कॉलेज की हिंदू लड़कियां, पर उन्हें मीडिया से बात करने की इजाज़त नहीं
कुसुम ने कहा, "हिंदू लड़के कभी भी भगवा गमछा पहन कर पहले नहीं आया करते थे शायद वह किसी के उकसावे में आकर भगवा गमछा पहन कर आ रहे हैं।"
शिवम चतुर्वेदी
18 Feb 2022
Udupi Ground Report

कर्नाटक में हिजाब को लेकर रोका टोकी दिन प्रतिदिन बढ़ती चली जा रही है, एक तरफ  कर्नाटक हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन है, वहीं दूसरी तरफ कॉलेज प्रशासन की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि कोई भी मुस्लिम लड़की हिजाब पहनकर कक्षा में दाखिल नहीं हो सकती।

हिजाब को लेकर हंगामा 27 दिसंबर को शुरू हुआ था। हंगामा लगातार बढ़ता देख राज्य सरकार ने 5 फरवरी से 15 फरवरी तक उन सभी कॉलेजों को बंद कर दिया था जिनमें हिजाब को लेकर विवाद चल रहा था।

16 फरवरी को एक बार फिर से कई कॉलेज खुले लेकिन किसी भी कॉलेज में हिसाब पहनी हुई मुस्लिम लड़कियों को प्रवेश नहीं दिया गया।

इस पूरे मामले में उन लड़कियों की प्रतिक्रिया आनी सबसे ज्यादा आवश्यक है, जो लड़कियां इन मुस्लिम लड़कियों के साथ पढ़ाई करती हैं।

उन लड़कियों की प्रतिक्रिया लेने के लिए न्यूज़क्लिक की तरफ़ से लेखक उडुपी के कई गवर्नमेंट और प्राइवेट कॉलेजों में गए। 20 से 25 लड़कियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी लड़की इस मुद्दे को लेकर बात करने के लिए तैयार नहीं हुई।

लेकिन तभी हमारी मुलाकात डॉक्टर जी संकर फास्ट ग्रेड वोमेन कॉलेज की एक छात्रा से हुई, छात्रा का नाम कुसुम (बदला हुआ नाम) है। हमें नाम क्यों बदलना पड़ा इसका कारण हम आगे स्पष्ट करेंगे।

कॉलेज के आसपास पुलिस वालों और मीडिया का भरपूर जमावड़ा था, ज्यादातर लड़कियां कॉलेज के बाहर निकली हुई थी शायद लंच का समय रहा होगा। लगभग सभी लड़कियों ने हमसे बात करने से इनकार कर दिया था।

जिसके बाद हमारी की मुलाकात कुसुम से हुई, कुसुम का कहना है कि "मुस्लिम लड़कियां पहले भी हिजाब पहन कर आ रही थीं, अभी तक किसी को कोई समस्या नहीं हो रही थी। लेकिन अचानक पता नहीं क्या हो गया कि स्कूल प्रशासन के द्वारा हिजाब पर रोक लगा दी गई।"

कुसुम ने कहा कि हिंदू लड़के कभी भी भगवा गमछा पहन कर पहले नहीं आया करते थे शायद वह किसी के उकसावे में आकर भगवा गमछा पहन कर आ रहे हैं।

कुसुम ने आगे कहा, "मुस्लिम लड़कियां अगर यूनिफार्म के साथ हिजाब पहनकर आती हैं, तो हम लोगों को कोई प्रॉब्लम नहीं है, और किसी को प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए।"

हमारी बात कुसुम से हो ही रही थी कि अचानक अवधेश नाम के एक अध्यापक ने कुसुम को वापस बुला लिया, कुछ देर बाद कुसुम वापस आईं और कहा कि हमें मीडिया से कोई बात नहीं करनी है।

जब हमने पूछा कि आपको हमसे बात करने के लिए किसने रोका तब कुसुम ने अपने प्रिंसिपल भास्कर शेट्टी का नाम लिया।

शुरू में बात करते समय जब हमने कुसुम से पूछा कि क्या हम आपका असली नाम और फोटो छाप सकते हैं, तब कुसुम ने कहा था कि हमें कोई परेशानी नहीं है।

लेकिन जब कुसुम अपने प्रिंसिपल से मिलकर वापस आईं, तब उन्होंने अपना नाम और तस्वीर छापने से मना कर दिया। जिसकी वजह से हमें नाम बदलना पड़ा।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह का दबाव छात्राओं पर मीडिया से बात ना करने के लिए बनाया जा रहा है।

लेकिन सबसे विचित्र बात यह थी कि, हमारे पास ही कई सारे मुख्यधारा के टीवी चैनल लड़कियों से बात कर रहे थे, पर उन लड़कियों को किसी भी अध्यापक या प्रिंसिपल के द्वारा नहीं बुलाया गया जा रहा था।

जब हमने इस घटना की वजह जानने के लिए प्रिंसिपल भास्करण शेट्टी से मिलने की कोशिश की तब हमें गेट पर ही रोक लिया गया। और बताया गया कि प्रिंसिपल भास्करण शेट्टी कॉलेज में नहीं हैं आप अंदर नहीं आ सकते।

10 फरवरी को द क्विंट में छपी एक रिपोर्ट में महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज उडुपी में पढ़ने वाली छात्रा सम्हिता एस शेट्टी ने मुस्लिम लड़कियों द्वारा पहने जा रहे हिजाब का समर्थन किया था, और भगवा गमछा डाल कर आ रहे लड़कों का विरोध किया था।

रिपोर्ट में सम्हिता एस शेट्टी ने कहा था की  "जो छात्र हिजाब का विरोध कर रहे हैं, उन्होंने कुछ दिनों पहले से ही केसरी शॉल पहनना शुरू कर दिया है। मेरे मुस्लिम मित्रों सहित मुस्लिम छात्र कई वर्षों से हिजाब पहन रही है। मैं भगवा शॉल पहनने का समर्थन नहीं करूंगी। मैं मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहनने के अधिकार का समर्थन करता हूं।"

लेकिन यह खबर छपने के बाद सम्हिता एस शेट्टी से किसी और मीडिया चैनल की कोई बात नहीं हुई, हमने भी सम्हिता एस शेट्टी से संपर्क करने की कई कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। शेट्टी कि कुछ दोस्तों ने बताया कि वह अब किसी मीडिया चैनल से बात नहीं करना चाहती हैं।

इस पूरे मामले को लेकर हमारी बात गवर्नमेंट पीयू कॉलेज उडुपी के वाइस प्रेसिडेंट यशपाल सुवर्णा से हुई।

यशपाल सुवर्णा गवर्नमेंट पीयू कॉलेज उडुपी के वाइस प्रेसिडेंट के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के जनरल सेक्रेटरी भी हैं, सुवर्णा ने कहा, "मेरे और हमारे प्रशासन के द्वारा किसी भी छात्रा को मीडिया से बात करने के लिए नहीं रोका जा रहा है, सभी लड़कियां मीडिया से बात करने के लिए स्वतंत्र हैं।"

यशपाल सुवर्णा का कहना था, "हमारे कॉलेजों में कभी भी मुस्लिम लड़कियां हिजाब पहनकर कक्षा में नहीं बैठी हैं, कुछ लड़कियों के द्वारा इस मामले को तूल दिया जा रहा है और वह लड़कियां किसी उग्रवादी संगठन द्वारा प्रेरित लगती हैं।"

(शिवम चतुर्वेदी फ़्रीलांस पत्रकार हैं।)

karnataka
Udupi
Udupi Ground Report
Hijab
Controversy over Hijab
hindu-muslim
Unity in Diversity

Related Stories

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक संशोधन और कुवेम्पु के अपमान के विरोध में लेखकों का इस्तीफ़ा

बनारस में ये हैं इंसानियत की भाषा सिखाने वाले मज़हबी मरकज़

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

बढ़ती नफ़रत के बीच भाईचारे का स्तंभ 'लखनऊ का बड़ा मंगल'

नफ़रती Tool-Kit : ज्ञानवापी विवाद से लेकर कर्नाटक में बजरंगी हथियार ट्रेनिंग तक

जहांगीरपुरी: दोनों समुदायों ने निकाली तिरंगा यात्रा, दिया शांति और सौहार्द का संदेश!

जहांगीपुरी में गले मिले हिंदू और मुसलमान, रविवार को निकालेंगे तिरंगा यात्रा

मुस्लिमों के ख़िलाफ़ बढ़ती नफ़रत के ख़िलाफ़ विरोध में लोग लामबंद क्यों नहीं होते?

कर्नाटक में बदनाम हुई भाजपा की बोम्मई सरकार, क्या दक्षिण भारत होगा- “भाजपा मुक्त”


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License