NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही है। 
क्लाउस उलरिच
17 Mar 2022
UKRAIN
यूक्रेन की उपजाऊ काली मिट्टी उसके कृषि उत्पादकों और निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।

यूक्रेन 600,000 वर्ग किलोमीटर (231,000 वर्ग मील) के अपने विस्तृत भूभाग और लगभग 40 मिलियन की आबादी के साथ यूरोप के सबसे बड़े देशों में से एक है। आज से लगभग 30 साल पहले 1991 में पूर्व सोवियत संघ से अलग होने के बाद, यह देश लगभग हर समय आर्थिक और वित्तीय संकटों के बीच ही घिरा रहा है। 

2008-2009 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान तो यूक्रेन दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गया था। तब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा प्रदान की गई एक अरब डॉलर की वित्तीय सहायता से उसे बचाया जा सका था, जो उसके लिए जीवन रेखा साबित हुई थी। 

लेकिन 2014 में उसके क्रीमिया प्रायद्वीप पर रूस के कब्जे और पूर्वी यूक्रेन में रूसी भाषी प्रांतों-दोनेत्स्क और लुहांस्क-के स्वयं के पीपल्स रिपब्लिक घोषित किए जाने के बाद तो आर्थिक उथल-पुथल मचा दिया। जिसकी वजह से देश दुबारा आर्थिक पतन के कगार पर आ गया। ऐसे में, आईएमएफ ने एक बार फिर कठिन आर्थिक सुधारों के बदले में नए क्रेडिट की पेशकश करते हुए कीव के बचाव में कूद पड़ा है। यह रणनीति फरवरी में रूस के हमला बोलने तक तो अपना काम सही तरीके से किया है।

सुधार के रास्ते में अटका 

पिछले पांच वर्षों में आईएमएफ द्वारा निर्देशित संरचनात्मक सुधारों के चलते यूक्रेन के संप्रभु ऋण जो 2020 में उसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तुलना में 100 फीसद से अधिक पहुंच गया था, उसे घटाकर 50 फीसदी तक लाने में बड़ी कामयाबी मिली थी। 

पिछल वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण आई एक संक्षिप्त मंदी के बाद, यूक्रेन पिछले वर्ष 3.2 प्रतिशत की विकास दर के साथ आर्थिक सुधार की राह पर वापस आ गया था। उसका प्रति व्यक्ति वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद 2020 में $3,653 (€3,325) तक पहुंच गया था। यह तुलनात्मक रूप से, रूस की प्रति व्यक्ति आय 10,037 डॉलर है, जबकि जर्मनी की 45,733 डॉलर के नीचे है। 

यूक्रेन की अर्थव्यवस्था में सबसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्र कृषि है। इसे यूरोप की रोटी की टोकरी कहा जाता है। यूक्रेन अपनी विशाल उपजाऊ मिट्टी के कारण दुनिया में गेहूं का सबसे बड़ा निर्यातक है, जो यूरोप में सभी कृषि योग्य भूमि का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। 

अनाज और अन्य वस्तुएं

दूसरा सबसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्र खनिज पदार्थ है। जर्मन के विदेशी व्यापार लॉबी समूह व्यापार और निवेश (GTAI) के अनुसार, इस क्षेत्र, जैसे कि इस्पात, की दशा वैश्विक बाजार के घटनाक्रमों के विकास पर मजबूती से निर्भर है। इसके अलावा, GTAI ने पिछले हफ्ते प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा है कि वस्तुओं के क्षेत्र में विदेशी निवेश की आवश्यकता युद्ध से पहले ही बहुत अधिक थी। 

हाल के वर्षों में, लाइट इंडस्ट्रीज और इसके आपूर्तिकर्ता यूक्रेन में विश्व की तुलना में कम मजदूरी दर होने और भौगोलिक रूप से यूरोपीय संघ के बाजारों के करीब होने की वजह बहुत तेजी से महत्त्वपूर्ण बन गए हैं। 

विशेष रूप से यूरोपीय वाहन निर्माताओं ने हाल के वर्षों में यूक्रेन में कुछ निवेश किए हैं, हालांकि GTAI रिपोर्ट ने नोट किया कि देश के निर्माता अभी भी उद्योग की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में केवल शिथिल रूप से ही जुड़े थे। 

फिर भी, वर्तमान युद्ध ने यूरोप के कार निर्माताओं के बीच उत्पादन का गंभीर व्यवधान पैदा कर दिया है क्योंकि केबल हार्नेंस जैसे महत्त्वपूर्ण पार्ट्स की यूक्रेनी डिलीवरी में एक ठहराव आ गया है। 

ओडेसा का काला सागर बंदरगाह एक महत्त्वपूर्ण केंद्र

यूक्रेन की अर्थव्यवस्था के लिए एक आवश्यक केंद्र ओडेसा समुद्री व्यापार बंदरगाह (ओएमटीपी) है, जो काले सागर तट के साथ सबसे बड़े गहरे पानी के बंदरगाहों में से एक है। 

OMTP सालाना 40 मिलियन मीट्रिक टन बल्क कार्गो और 25 मिलियन टन तरल कार्गो को संभालने में सक्षम है। हालांकि युद्ध के कारण बंदरगाह ने परिचालन बंद कर दिया है। 

यूक्रेन में ओडेसा का बंदरगाह

यूक्रेन के ओडेसा के काला सागर बंदरगाह पर विजय प्राप्त करना रूसी सैन्य अभियान का एक मुख्य उद्देश्य है। जर्मन कंपनी हैम्बर्गर हाफेन अंड लॉजिस्टिक एजी (एचएचएलए) ओडेसा बंदरगाह में एक कंटेनर टर्मिनल संचालित करती है और पिछले साल वहां से 300,000 बीस फुट समकक्ष इकाई (टीईयू) कंटेनर भेजती है। 

एक वरिष्ठ एचएचएलए कार्यकारी फिलिप स्वेन्स ने डीडब्ल्यू को बताया, "ओडेसा यूक्रेन का सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह है। यह समुद्री आपूर्ति के लिए और भी महत्त्वपूर्ण हो गया है क्योंकि क्रीमिया और एजोव सागर के माध्यम से व्यापार मार्गों को नेविगेट करना मुश्किल हो गया है।” 

घरेलू खपत और विदेशी व्यापार

निजी घरेलू खपत यूक्रेन में आर्थिक विकास का एक मुख्य स्तंभ बन गई है। बढ़ती स्थानीय मजदूरी और विदेशों में काम कर रहे यूक्रेनी नागरिकों की तरफ से भेजे जाने वाला धन हाल के वर्षों में खुदरा बिक्री को बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से स्नातक करने वाले छात्रों की बढ़ती संख्या के कारण सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र फल-फूल रहा है। परिवहन क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

जहां तक विदेश व्यापार का संबंध है तो यूरोपीय संघ यूक्रेन का सबसे महत्त्वपूर्ण भागीदार है, जो देश के सभी शिपमेंट का लगभग 40 फीसद विदेश में ले रहा है। जर्मन ऑनलाइन समाचार पोर्टल Tagesschau.de ने मध्य फरवरी में लिखा है कि ब्रसेल्स ने बीच की और लंबी अवधि के दौरान पाया कि कीव के साथ द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार की ‘बड़ी क्षमता’ है। पोर्टल ने आगे कहा, “यूरोपीय संघ द्वारा भविष्य के लिए महत्त्वपूर्ण समझे जाने वाले 30 खनिजों के एक समूह में से, यूक्रेन के पास कम से कम 21थे।” 

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, "यूरोपीय संघ यूक्रेन के साथ मिलकर खनिज और [इलेक्ट्रिक वाहन के लिए] बैटरी बनाने में दिलचस्पी रखता है, इसके आगे रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन को यूरोप के लिए हाइड्रोजन के आपूर्तिकर्ता में बदलने का भी एक विकल्प था।" 

यह लेख मूल रूप से जर्मन में प्रकाशित हुआ था। सौजन्य: दाइचे वेले (डीडब्ल्यू)

जर्मन से अंग्रेजी में अनूदित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

Ukraine's Economy is More Than Just Wheat and Commodities

ukraine
Economy
Russia
Odessa
Wheat
Minerals

Related Stories

क्यूबाई गुटनिरपेक्षता: शांति और समाजवाद की विदेश नीति

क्या जानबूझकर महंगाई पर चर्चा से आम आदमी से जुड़े मुद्दे बाहर रखे जाते हैं?

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

गतिरोध से जूझ रही अर्थव्यवस्था: आपूर्ति में सुधार और मांग को बनाये रखने की ज़रूरत


बाकी खबरें

  • health sector
    ऋचा चिंतन
    भाजपा के कार्यकाल में स्वास्थ्य कर्मियों की अनदेखी का नतीजा है यूपी की ख़राब स्वास्थ्य व्यवस्था
    14 Dec 2021
    एक कमज़ोर और अपर्याप्त स्वास्थ्य कार्यबल का ही नतीजा होता है कि लोगों की स्वास्थ्य सेवा की स्थिति ख़राब हो जाती है। यूपी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है, जहां स्वास्थ्य कर्मी, ख़ास तौर पर ग्रामीण यूपी में…
  • data protection bill
    प्रबीर पुरकायस्थ
    डेटा निजता विधेयक: हमारे डेटा के बाजारीकरण और निजता के अधिकार को कमज़ोर करने का खेल
    14 Dec 2021
    सरकार द्वारा एकत्र किए जाने वाले हमारे डेटा के व्यापारीकरण को निजी डेटा संरक्षण विधेयक के साथ जोड़ दिया गया है।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    PM मोदी का बनारस दौरा, CBSE के प्रश्नपत्र पर विवाद और अन्य ख़बरें
    13 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी पीएम के काशी दौरे पर जनता का सवाल, CBSE के स्त्री विरोधी प्रश्नपत्र पर विवाद और अन्य ख़बरों पर।
  • Farmers' Movement
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन: लंगर के लिए भी याद रखा जाएगा
    13 Dec 2021
    एक साल से लंबे संघर्ष के बाद किसानों की जीत के साथ उनका आंदोलन खत्म हुआI यह आंदोलन अपने तमाम अन्य पहलुओं के साथ-साथ सभी मोर्चों पर चल रहे लंगरों के लिए भी याद रखा जाएगाI न्यूज़क्लिक ने 10 दिसंबर यानी…
  • SSC GD 2018
    धारण गौर
    SSC GD 2018: सरकारी परीक्षा व्यवस्था की मार से जूझ रहे युवाओं की कहानी उनकी ज़ुबानी
    13 Dec 2021
    "हम में कमी क्या थी? लिखित और शारीरिक परीक्षा में पास थे, मेडिकली फिट थे, लेकिन फिर भी यह सरकार और व्यवस्था हमारे सपने और नौकरी ‘खा’ गई, हम तो आंदोलन में पुलिस के डंडे खा कर इतना सीख गए थे कि शायद…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License