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भारत
राजनीति
कवि वरवर राव मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती
परिवार के अलावा देशभर के कवि, लेखकों, बुद्धिजीवियों ने उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंता जताई है। समझा जा रहा है कि इसी दबाव का नतीजा है कि वरवर राव को सोमवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
14 Jul 2020
varavara rao
image courtesy : The Hindu

मुंबई: एल्गार परिषद-माओवादी संबंधों के मामले में गिरफ्तार कवि एवं कार्यकर्ता वरवर राव को चक्कर आने की शिकायत के बाद यहां सरकारी जे जे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

राव (80) पिछले करीब दो साल से जेल में बंद हैं। उन्हें नवी मुंबई की तलोजा जेल में रखा गया है।

कार्यकर्ता और उनके परिवार के सदस्यों ने दावा किया है कि वह कुछ समय से अस्वस्थ हैं और उन्होंने जेल प्राधिकारियों से उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सेवा मुहैया कराए जाने की मांग की थी।

कार्यकर्ता के वकील आर सत्यनारायण अय्यर ने कहा, ‘‘राव को चक्कर आने के बाद सोमवार रात जे जे अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल उनकी कुछ जांचें कर रहा है।’’

राव ने अस्थायी जमानत का अनुरोध करते हुए सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और इसके लिए उन्होंने अपने बिगड़ते स्वास्थ्य एवं वर्तमान कोविड-19 महामारी का हवाला दिया था।

कार्यकर्ता ने अदालत से यह भी अनुरोध किया था कि वह जेल प्राधिकारियों को उनका मेडिकल रिकार्ड पेश करने और उन्हें किसी अस्पताल में भर्ती कराए जाने का निर्देश दे।

राव ने अपने वकील आर सत्यनारायण अय्यर के माध्यम से उच्च न्यायालय में दो याचिकाएं दायर की थीं। एक में विशेष एनआईए अदालत द्वारा 26 जून को उनकी जमानत याचिका खारिज किये जाने को चुनौती दी गयी थी, जबकि दूसरी याचिका में नवी मुम्बई की तलोजा जेल के अधिकारियों को उनका मेडिकल रिकार्ड पेश करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया।

राव और नौ अन्य कार्यकर्ताओं को एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले की प्रारंभ में पुणे पुलिस ने जांच की थी लेकिन इस साल जनवरी में इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया।

यह मामला 31 दिसंबर, 2017 में पुणे के एल्गार परिषद सम्मेलन में कथित उत्तेजक भाषण देने से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार इसी के बाद अगले दिन कोरेगांव भीमा वार स्मारक के पास हिंसा हुई थी।

पुलिस ने यह भी दावा किया था कि इस सम्मेलन का जिन लोगों ने आयोजन किया था, उनका कथित रूप से माओवादियों से संबंध था।

इससे पहले भी उन्हें मई के अंत में स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के चलते मुंबई के इसी जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय भी उनकी पत्नी हेमलता ने कहा था कि चूंकि वरवर राव पहले ही “फर्जी आरोपों और बिना किसी सुनवाई के” 18 माह की कैद काट चुके हैं, इसलिए उन्हें तत्काल जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।

इस बार भी परिवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वरवर राव के स्वास्थ्य के प्रति गहरी चिंता जताई है। रविवार सुबह बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में, वरवर राव के परिवार के सदस्यों ने उनके स्वास्थ्य में आ रही ख़तरनाक गिरावट के बारे में बताया और कहा कि उन्हें किसी भी तरह का इलाज नहीं मिल रहा है।

इसे पढ़ें : “उन्हें जेल में मत मारो” : वरवर राव के परिवार ने लगाई गुहार

इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इसे लेकर मीडिया में ख़बरें आईं और देशभर के कवि, लेखकों, बुद्धिजीवियों ने उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंता जताई। समझा जा रहा है कि इसी दबाव का नतीजा है कि वरवर राव को सोमवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया।

varavara rao
Varavara Rao admited in Hospital
Bhima Koregaon Case
UAPA

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