NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जेएनयू में फिर हिंसा: एबीवीपी पर नॉनवेज के नाम पर छात्रों और मेस कर्मचारियों पर हमले का आरोप
जेएनयू छात्र संघ ने एक बयान में कहा, “घृणा और विभाजनकारी एजेंडे की अपनी राजनीति का पूर्ण प्रदर्शन करते हुए एबीवीपी के गुंडों ने कावेरी छात्रावास में हिंसक माहौल बनाया है। वे मेस कमेटी को रात के खाने के मेन्यू को बदलने और सभी छात्रों के लिए सामान्य मांसाहारी भोजन को मेन्यू से बाहर करने के लिए मजबूर कर रहे थे और जब उसने ऐसा करने से इंकार किया तो हमला कर दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Apr 2022
JNU

रविवार 10 अप्रैल को एकबार फिर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) में हिंसा हुई। एकबार फिर दक्षिणपंथी छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पर मारपीट का आरोप लगा। जेएनयू छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के सदस्यों ने छात्रों को छात्रावास में मांसाहारी भोजन खाने से रोका और ‘‘हिंसा का माहौल बनाया।’’ यह घटना के बाद कैंपस में छात्रों ने मुख्यद्वारा तक विरोध मार्च निकाला और संघ से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी को इस घटना के लिए ज़िम्मेदार बतया और वहीं पुलिस पर भी उनके साथ देने का आरोप लगाया।

वहीं, एबीवीपी ने इन आरोपों का खंडन किया और उल्टे लेफ्ट ग्रुप पर ही हिंसा का आरोप लगाया।

लेफ़्ट स्टूडेंट ग्रुप ने कहा कि एबीवीपी के 'गुंडों' ने कावेरी हॉस्टल मेस सचिव को आज (रविवार) करीब चार बजे पीटा। साथ ही उन्होंने कहा कि इसके कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

ABVP hooligans stopping Kaveri hostel residents having non Veg food for dinner.

Will JNU VC condemn ABVP hooliganism? Is it her vision to curtail students choice of food?

ABVP assualted the mess secretary. Time to stand against these vandals. The idea of India is under attack pic.twitter.com/pD978TKbyh

— N Sai Balaji | ఎన్ సాయి బాలాజీ (@nsaibalaji) April 10, 2022

जेएनयू छात्र संघ ने एक बयान में कहा, “घृणा और विभाजनकारी एजेंडे की अपनी राजनीति का पूर्ण प्रदर्शन करते हुए एबीवीपी के गुंडों ने कावेरी छात्रावास में हिंसक माहौल बनाया है। वे मेस कमेटी को रात के खाने के मेन्यू को बदलने और सभी छात्रों के लिए सामान्य मांसाहारी भोजन को मेन्यू से बाहर करने के लिए मजबूर कर रहे थे और जब उसने ऐसा करने से इंकार किया तो हमला कर दिया। मेन्यू में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के भोजन हैं। छात्र अपनी पसंद का खाना खा सकते हैं। लेकिन एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने गुंडागर्दी कर हंगामा किया। साथ ही मेस के कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मेस कर्मचारियों पर मांसाहारी भोजन नहीं बनाने का दबाव डाला ये अपने ब्राह्मणवादी वर्चस्व के आदर्शों को मजबूत करने के लिए कर रही है।

छात्र संघ ने आगे आरोप लगाया कि एबीवीपी के छात्रों ने मेस कमेटी को रात के खाने के मेनू को बदलने के लिए मजबूर किया और वामपंथी छात्रों और मेस से जुड़े लोगों पर हमला किया। इसके विरोध में छात्रों ने मार्च भी निकाला और आज सोमवार को प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

इस बीच, एबीवीपी ने दावा किया है कि वामपंथी छात्रों ने राम नवमी के अवसर पर पूर्व द्वारा आयोजित प्रार्थना अनुष्ठानों को “बाधित” करने की कोशिश की।

इस विवाद के बाद इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक यूनिवर्सिटी ने नोटिस जारी कर कहा है कि कैंपस मेस में मांसाहारी खाने पर कोई पाबंदी नहीं है। इसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई रोक नहीं है।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पश्चिम) मनोज सी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कुछ छात्रों को चोटें आई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल कोई हिंसा नहीं हुई है। विरोध प्रदर्शन किया गया जो समाप्त हो गया है। हम सभी यहां अपनी टीम के साथ तैनात हैं। विश्वविद्यालय के अनुरोध पर हम यहां आए हैं। हम शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि घटना का विवरण बाद में साझा किया जाएगा।

अभी इस मामले में पुलिस को शिकायत कर दी गई और सभी चोटिल छात्रों की एमएलसी हो गई है। किसी भी छात्र को गंभीर चोट नहीं आई है।

आपको बता दक्षिणपंथी समूह पिछले कई महीनों से दिल्ली और बाकी कई अन्य राज्यों में नवरात्र में मांसहार पर पाबंदी की बात कर रहा है। हाल ही में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने नवरात्रो में मांस के खरीद बिक्री पर रोक लगा दी थी। इस नगर निगम में छात्र संगठन एबीवीपी के समर्थक भारतीय जनता पार्टी सत्ताधारी है। ये पूरी योजना तहत अपने हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।

इसी का परिणाम है कि पिछले कुछ सालों में जेएनयू इनके निशाने पर रहा है क्योंकि जेएनयू ने ऐसी हर हरकत का प्रतिकार किया है। पिछले कुछ सालों में अपने विचार और बौद्धिक चर्चाओं के लिए जाने जाना वाला जेएनयू हिंसक घटनाओ का गवाह बन रहा है। इन सब में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। 2020 में हुई हिंसक घटना की जाँच कर रही दिल्ली पुलिस आजतक उसके गुनाहगारो को पकड़ नहीं पाई है।

Ram Navami
JNU
ABVP
AISA
JNUSU
ABVP Violence
Non-vegetarian food
Kaveri Hostel

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

लखनऊ: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत के साथ आए कई छात्र संगठन, विवि गेट पर प्रदर्शन

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

नई शिक्षा नीति से सधेगा काॅरपोरेट हित

क्यों धार्मिक जुलूस विदेशी भूमि को फ़तह करने वाले सैनिकों जैसे लगते हैं


बाकी खबरें

  • banaras
    विजय विनीत
    यूपी का रणः मोदी के खिलाफ बगावत पर उतरे बनारस के अधिवक्ता, किसानों ने भी खोल दिया मोर्चा
    03 Mar 2022
    बनारस में ऐन चुनाव के वक्त पर मोदी के खिलाफ आंदोलन खड़ा होना भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है। इसके तात्कालिक और दीर्घकालिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। तात्कालिक तो यह कि भाजपा के खिलाफ मतदान को बल…
  • Varanasi District
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : बनारस की मशहूर और अनोखी पीतल पिचकारी का कारोबार पड़ रहा है फीका
    03 Mar 2022
    बढ़ती लागत और कारीगरों की घटती संख्या के कारण पिचकारी बनाने की पारंपरिक कला मर रही है, जिसके चलते यह छोटा उद्योग ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष रहा है।
  • migrants
    एपी
    एक सप्ताह में 10 लाख लोगों ने किया यूक्रेन से पलायन: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी
    03 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) के आंकड़ों के अनुसार, पलायन करने वाले लोगों की संख्या यूक्रेन की आबादी के दो प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक के अनुसार 2020 के अंत में यूक्रेन की आबादी…
  • medical student
    एम.ओबैद
    सीटों की कमी और मोटी फीस के कारण मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं छात्र !
    03 Mar 2022
    विशेषज्ञों की मानें तो विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाने की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह है यहां के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सीटों की संख्या में कमी और दूसरी वजह है प्राइवेट कॉलेजों…
  • indian student in ukraine
    मोहम्मद ताहिर
    यूक्रेन संकट : वतन वापसी की जद्दोजहद करते छात्र की आपबीती
    03 Mar 2022
    “हम 1 मार्च को सुबह 8:00 बजे उजहोड़ सिटी से बॉर्डर के लिए निकले थे। हमें लगभग 17 घंटे बॉर्डर क्रॉस करने में लगे। पैदल भी चलना पड़ा। जब हम मदद के लिए इंडियन एंबेसी में गए तो वहां कोई नहीं था और फोन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License