NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़ैक्ट चेक : चीन से जारी तनाव के बीच भारत के समर्थन में दुनियाभर के नेताओं के बयानों वाले पोस्ट फ़र्ज़ी
पिछले कुछ हफ़्तों में सीमा पर टकराव के बीच भारत और चीन के बारे में ग़लत जानकारी की बाढ़ सी आ गई है।
अर्चित मेहता
04 Jun 2020
fact check

मई के महीने में आख़िर के तीन हफ़्तों से लद्दाख के पू्र्वी हिस्से में भारत-चीन के बीच सीमा पर तनाव जारी है। इसी पृष्ठभूमि में पोस्टकार्ड न्यूज़ के महेश विक्रम हेगड़े ने सोशल मीडिया पर एक जुक्सटापोज़ पोस्ट किया। इस जुक्सटापोज़ में इज़रायल, रूस, अमेरिका और जापान जैसे देशों के नेताओं के हवाले से भारत को समर्थन की बात कही गई थी। जुक्सटापो़ज़ में कई तस्वीरों को एक साथ मिलाया जाता है।

संबंधित जुक्सटापोज़ में अलग-अलग नेताओं के हवाले से यह बातें कही गई थीं:

1) जो लोग भारत पर हमला करने की सोच रहे हैं, उन्हें हमारा भी सामना करना होगा: इज़रायल (बेंजामिन नेतन्याहू)

2) हम हमेशा भारत के साथ हैं- रूस (व्लादिमीर पुतिन)

3) भारत हमारा मित्र है और हम हमेशा उसके साथ हैं- अमेरिका (डोनाल्ड ट्रंप)

4) अगर चीन भारत पर हमला करता है, तो हम चीन का खात्मा कर देंगे- जापान (शिंजो आबे)

30 मई को फेकन्यूज़ वेबसाइट पोस्टकॉर्ड न्यूज़ ने यह तस्वीर फ़ेसबुक पर शेयर की थी, जिसे 850 बार शेयर किया गया था (आर्काइव लिंक)।

fact check.png

इस संबंध में ऑल्ट न्यूज़ वेबसाइट को तथ्यों की जांच करने के लिए उनके व्हॉट्सएप कुछ अपील आईं।

fact 2.JPG

दावे की जांच

ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल इमेज में दर्शाए गए सभी वक्तव्यों की खोज करने की कोशिश की। लेकिन उन्हें जरूरी वक्तव्य कहीं नहीं मिले। बल्कि अमेरिका और रूस ने तो भारत और चीन के बीच जारी तनातनी पर पूरी तरह विरोधाभासी बयान दिए हैं। सोशल मीडिया पर इन दो देशों के जो बयान शेयर किए जा रहे हैं, वह इनकी मामले पर स्थिति से पूरी तरह अलग हैं।

27 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत और चीन के बीच मध्यस्थता की बात कही।

अगले दिन डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने पीएम मोदी से बात की, जिन्होंने उन्हें बताया कि वह भारत और चीन के बीच जारी ''बड़े विवाद'' के चलते ''अच्छे मूड़'' में नहीं हैं।

trump video.JPG

लेकिन भारत सरकार ने ट्रंप के दावे को ख़ारिज कर दिया और साफ़ किया कि प्रधानमंत्री मोदी और डोनल्ड ट्रंप के बीच चीन से सीमा विवाद पर कोई बात नहीं हुई।

एक जून को रूस के राजदूत रोमन बाबुशकी ने इंडिया टुडे से बातचीत में सीमा विवाद पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ''...दोनों देशों ने विशेष तंत्र और उपकरण विकसित किए हैं, इनमें हॉटलाइन, विशेष प्रतिनिधि बातचीत और अनौपचारिक सम्मेलन जैसी कवायद शामिल हैं। हमें पूरा विश्वास है कि हमारे दोस्त भारत और चीन आपसी संतोष को ध्यान में रखते हुए कोई रास्ता निकालने में सक्षम हैं। हम उन्हें इस दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।''

video 2_0.JPG

जापान और इज़रायल ने मामले पर कोई भी सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। यहां चीन और इज़रायल के बीच व्यापार को लेकर एक गौर करने वाली बात है। जैसा निक्केई एशियल रिव्यू ने बताया, पिछले कुछ सालों में, 2004 के बाद से हर साल चीन ने इज़रायल के साथ व्यापार काफ़ी बढ़ा दिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ हैफ़ा में मैरीटाइम पॉलिसी और स्ट्रैट्जिक रिसर्च सेंटर के प्रोफेसर शौल कौरेव ने निक्केई एशियल रिव्यू के साथ इंटरव्यू में बताया कि इज़रायल चीनी निवेश से ''काफ़ी खुश'' है और उसे सिर्फ़ ''अमेरिका की मर्ज़ी के हिसाब से काम'' करने की ज़रूरत नहीं है।

graph_7.JPG

इसलिए वायरल तस्वीर में चीन से विवाद पर जिन देशों का भारत को समर्थन का जिक्र किया गया है, वे झूठे हैं। पिछले कुछ हफ़्तों में भारत और चीन के बारे में काफ़ी गलत जानकारी फैलाई जा रही है। 29 मई को ऑल्ट न्यूज़ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि टाइम्स नॉऊ ने पुराने वीडियो को मौजूदा तनाव से जोड़कर चलाया। 21 मई और 2 जून को हमने बताया था कि कैसे पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर ऐसे ही दावों के साथ चलाया जा रहा है।

साभार: ऑल्ट न्यूज़

अंग्रेज़ी में लिखा मूल आलेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Viral: Fake quotes by world leaders offering support to India over tensions with China

India
China
Donald Trump
fake news

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

वर्ष 2030 तक हार्ट अटैक से सबसे ज़्यादा मौत भारत में होगी

लू का कहर: विशेषज्ञों ने कहा झुलसाती गर्मी से निबटने की योजनाओं पर अमल करे सरकार

वित्त मंत्री जी आप बिल्कुल गलत हैं! महंगाई की मार ग़रीबों पर पड़ती है, अमीरों पर नहीं

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ

प्रेस फ्रीडम सूचकांक में भारत 150वे स्थान पर क्यों पहुंचा

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान


बाकी खबरें

  • tourism sector
    भाषा
    कोरोना के बाद से पर्यटन क्षेत्र में 2.15 करोड़ लोगों को रोज़गार का नुकसान हुआ : सरकार
    15 Mar 2022
    पर्यटन मंत्री ने बताया कि सरकार ने पर्यटन पर महामारी के प्रभावों को लेकर एक अध्ययन कराया है और इस अध्ययन के अनुसार, पहली लहर में 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार का नुकसान उठाना पड़ा जबकि दूसरी लहर में 52…
  • election commission of India
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल
    15 Mar 2022
    दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली नगर निगम चुनावो को टालने का मन बना लिया है। दिल्ली चुनावो की घोषणा उत्तर प्रदेश और बाकी अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले 9 मार्च को होनी थी लेकिन आयोग ने इसे बिल्कुल…
  • hijab
    सीमा आज़ाद
    त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है
    15 Mar 2022
    इस बात को दरअसल इस तरीके से पढ़ना चाहिए कि "हर धार्मिक रीति का पालन करना औरतों का अनिवार्य धर्म है। यदि वह नहीं है तभी उस रीति से औरतों को आज़ादी मिल सकती है, वरना नहीं। "
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा
    15 Mar 2022
    एसकेएम ने फ़ैसला लिया है कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की क़ानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की जाएगी। 
  • Karnataka High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब  मामला: हिजाब इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका
    15 Mar 2022
    अदालत ने अपना फ़ैसला सुनते हुए यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों में यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था क़ानूनी तौर पर जायज़ है और इसे संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन नहीं कहा जा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License