NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हटाई जा रही कृषि क्षेत्र की दीवारें: मोदी
किसान आंदोलन के बीच पीएम मोदी ने कहा, कृषि क्षेत्र और इससे जुड़े अन्य सेक्टर के बीच की दीवारों को हटाया जा रहा है। इन रिफॉर्म्स के बाद किसानों को नए बाज़ार, नए विकल्प और तकनीक का ज़्यादा लाभ मिलेगा।
भाषा
12 Dec 2020
cartoon click

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के उद्योग जगत से कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने का आह्वान करते हुये शनिवार को कहा कि सरकार भी नीति और नीयत से पूरी तरह किसानों के हित में काम करने के लिये प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाल में हुए कृषि सुधारों से किसानों को नए बाजार मिलेंगे, नए विकल्प मिलेंगे, प्रौद्योगिकी का ज्यादा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ज्यादा निवेश होगा और इसका ज्यादा फायदा किसानों को होगा। मोदी प्रमुख उद्योग मंडल फिक्की के 93वें वार्षिक सम्मेलन को डिजिटल माध्यम से संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने यह बात ऐसे समय दोहरायी है जबकि किसानों के विभिन्न संगठन कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) अधिनियम, कृषक सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा करार तथा आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम को समाप्त किए जाने की मांग कर रहे हैं। दिल्ली की सीमाओं पर एक पखवाड़े से जमा किसान संगठनों के नेताओं ने आंदोलन तेज करने की धमकी दी है।

मोदी ने कहा, किसानों के पास मंडियों के साथ ही बाहरी खरीदारों को भी अपनी फसल बेचने के विकल्प हैं। उन्होंने कहा सरकार अपनी नीतियों और इरादों से किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है प्रधानमंत्री ने कहा कि फसल उगाने, फल और सब्जी उगाने में किसानों को आधुनिक प्रौद्योगिकी और तकनीक का जितना समर्थन हमारे उद्योग जगत से मिलेगा उतनी ही किसानों की आय बढ़ेगी। 

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
Narendra modi
farmers
Farm bills 2020

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • corona
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,778 नए मामले, 62 मरीज़ों की मौत
    23 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.05 फ़ीसदी यानी 23 हज़ार 87 हो गयी है।
  • moon
    संदीपन तालुकदार
    चीनी मिशन में इकट्ठा किये गये चंद्रमा के चट्टानों से शोध और नये निष्कर्षों को मिल रही रफ़्तार
    23 Mar 2022
    इस परिष्कृत चीनी चंद्र मिशन ने चीन और उसके बाहर दोनों ही जगहों पर पृथ्वी या उसके वायुमंडल से बाहर के चट्टानों पर शोध किया है। जानकार उम्मीद जता रहे हैं कि इससे हमें सौर मंडल के बारे में नयी-नयी…
  • bhagat singh
    हर्षवर्धन
    जाति के सवाल पर भगत सिंह के विचार
    23 Mar 2022
    भगत सिंह के जाति व्यवस्था के आलोचना के केंद्र में पुनर्जन्म और कर्म का सिद्धांत है। उनके अनुसार इन दोनों सिद्धांतों का काम जाति व्यवस्था से हो रहे भीषण अत्याचार के कारण उत्पन्न होने वाले आक्रोश और…
  • bhagat singh
    लाल बहादुर सिंह
    भगत सिंह की फ़ोटो नहीं, उनके विचार और जीवन-मूल्यों पर ज़ोर देना ज़रूरी
    23 Mar 2022
    शहादत दिवस पर विशेष: भगत सिंह चाहते थे कि आज़ाद भारत में सत्ता किसानों-मजदूरों के हाथ में हो, पर आज देश को कम्पनियां चला रही हैं, यह बात समाज में सबसे पिछड़े माने जाने वाले किसान भी अपने आन्दोलन के…
  • भाषा
    साल 2021 में दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी थी : रिपोर्ट
    22 Mar 2022
    साल 2021 में वैश्विक स्तर पर वायु गुणवत्ता की स्थिति बयां करने वाली यह रिपोर्ट 117 देशों के 6,475 शहरों की आबोहवा में पीएम-2.5 सूक्ष्म कणों की मौजूदगी से जुड़े डेटा पर आधारित है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License