NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ग्रीस : पब्लिक हेल्थ और सुरक्षित कार्यस्थलों की मांग करते हुए श्रमिक इकट्ठा हुए
ग्रीक सरकार ने 5 नवंबर को COVID-19 मामलों में ताज़ा वृद्धि के मद्देनज़र देशव्यापी नया प्रतिबंध लागू किया।
पीपल्स डिस्पैच
11 Nov 2020
ग्रीसः

मंगलवार 10 नवंबर को ग्रीस में श्रमिक सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा की मांग और COVID-19 महामारी के दौरान कार्यस्थल में स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नेशनल डे ऑफ एक्शन के रूप में कार्य स्थानों और शहरों में इकट्ठा हुए। ट्रेड यूनियनों के नेतृत्व में श्रमिकों ने भी एथेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर मार्च किया।

5 नवंबर को ग्रीक सरकार ने COVID-19 मामलों में वृद्धि के मद्देनज़र देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया। ग्रीस पहले दौर में 22 मार्च से 4 मई तक प्रतिबंध लगाने के दौरान संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने में सक्षम रहा। लेकिन प्रतिबंध में ढ़ील देने के बाद से संक्रमण की दर में वृद्धि हुई है और अक्टूबर से मामलों में भारी वृद्धि हुई है। 10 नवंबर तक ग्रीस में 825 मौतों के साथ 58,187 COVID-19 से संक्रमण के मामले सामने आए हैं।

फेडरेशन ऑफ ग्रीक हॉस्पिटल डॉक्टर्स एसोसिएशन (ओईएनजीई) ने इस महामारी से लड़ने के लिए बेहद आवश्यक ज़रुरत का सुझाव दिया है। इसमें तत्काल बड़े पैमाने पर भर्तियां, सभी डॉक्टरों की स्थायी पदों पर नियुक्ति, सहायकों को नियमित करना, स्वास्थ्य प्रणाली के लिए सरकार से पूर्ण, पर्याप्त और विशेष फंड करना, इस महामारी से निपटने के लिए सरकारी योजना में निजी स्वास्थ्य क्षेत्र को शामिल करना, स्वास्थ्य संरचनाओं, कार्यस्थलों में, बंद संरचनाओं में कर्मचारियों का नि: शुल्क और बड़े पैमाने पर निरंतर जांच करना और सरकार की मज़दूर विरोधी, ट्रेड यूनियन विरोधी विरोधी नीतियों को वापस लेना शामिल है।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ ग्रीस (केकेई) के नेता दिमित्रिस कूतसूम्बस ने 10 नवंबर को कहा कि "यूनियनों का आज एक्शन डे कार्यस्थल में सुरक्षा उपायों के लिए और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की मज़बूत करने के लिए है। हम स्वास्थ्य कर्मियों और कर्मचारियों के साथ अपनी आवाज़ उठाते हैं।"

इससे पहले विश्व स्वास्थ्य दिवस यानी 7 अप्रैल को फेडरेशन ऑफ ग्रीक हॉस्पिटल डॉक्टर्स एसोसिएशन (ओईएनजीई) के नेतृत्व में ग्रीक स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सरकारी सहायता की मांग करते हुए देशव्यापी अभियान चलाया था। इस मांग में देश में COVID-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए पर्याप्त फंड, स्टाफ और संसाधनों सहित सरकारी मदद की मांग की गई थी।

Greece
COVID 19
Corona Virus
covid patients in greece
public health system in greece

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

क्या कोविड के पुराने वेरिएंट से बने टीके अब भी कारगर हैं?

बिहार के बाद बंगाल के तीन अस्पतालों में 100 से अधिक डॉक्टर कोरोना पॉज़िटिव

कोविड-19 : दक्षिण अफ़्रीका ने बनाया अपना कोरोना वायरस टीका

स्कूलों को वक़्त से पहले खोलने की अनुमति क्यों नहीं दी जानी चाहिए

वैक्सीन नीति पर बीजेपी के दावों का तथ्य, बिहार में बाढ़ से हज़ारों बेघर और अन्य ख़बरें

कोरोना की वैक्सीन BJP की निजी जागीर नहीं

वैक्सीन रणनीति को तबाह करता भारत का 'पश्चिमीवाद'

कोविड-19 से सबक़: आपदाओं से बचने के लिए भारत को कम से कम जोखिम वाली नीति अपनानी चाहिए

यूनियन ने कहा यूपी में चुनाव ड्यूटी पर 1621 की मौत, तेलंगाना में किसानों का प्रदर्शन और अन्य ख़बरें


बाकी खबरें

  • प्रभात पटनायक
    गिरते टीकाकरण का कारण कम उत्पादन या निजीकरण की नीति?
    07 Jun 2021
    18 से 44 वर्ष तक आयु के लोगों के टीकाकरण के लिए राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों के बीच यह होड़ हो रही है। उनसे अलग-अलग दाम तो लिए ही जा रहे हैं। पर उन्हें आपूर्तियों के एक ही हिस्से में से आपस में…
  • क्या सेंट्रल विस्टा से होगा देश के इतिहास पर ख़तरा?
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या सेंट्रल विस्टा से होगा देश के इतिहास पर ख़तरा?
    06 Jun 2021
    सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के कारण कुछ पुरानी इमारतों को तोड़ा जा सकता है. क्या नेशनल archives को भी इससे नुकसान होगा? नीलांजन के साथ 'इतिहास के पन्ने ' के इस अंक में पर चर्चा करते हैं
  • ‘इतवार की कविता’ : यह सदी किसके नाम
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    ‘इतवार की कविता’ : यह सदी किसके नाम
    06 Jun 2021
    “अन्न का उजाला”, एक शानदार रूपक है। जिसे रचा है वरिष्ठ कवि और संस्कृतिकर्मी शोभा सिंह ने और जिसके जरिये उन्होंने सत्ता द्वारा रचे गए आज के अंधेरे को रेखांकित किया है, उसे चुनौती दी है। वह कहती हैं-“…
  • तिरछी नज़र: शौक़ बड़ों की चीज़ है
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: शौक़ बड़ों की चीज़ है
    06 Jun 2021
    प्रधान सेवक का बड़ा मन है, बड़ी इच्छा है, बड़ा सपना है, उन्हें बड़ा शौक़ है...। उनका शौक़ बड़ा है, इसलिये उनके मकान का काम चल रहा है, आम आदमी का शौक़ छोटा है इसलिये आम आदमी के मकान का काम बंद है।
  • हेल्थ बीमा होने के बावजूद अगर इलाज का खर्च जेब से करना पड़े तो बीमा लेने का क्या फ़ायदा? 
    अजय कुमार
    हेल्थ बीमा होने के बावजूद अगर इलाज का खर्च जेब से करना पड़े तो बीमा लेने का क्या फ़ायदा? 
    06 Jun 2021
    आजकल हेल्थ बीमा होने के बाद भी कोरोना के साथ-साथ एक और लड़ाई लड़नी पड़ रही है। स्वास्थ्य बीमा कंपनियां तरह-तरह का पेच लगाकर हॉस्पिटल का खर्चा देने में आनाकानी कर रही हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License