NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यमन का एसटीसी रियाद समझौते से हटा, "ग़ैर-जिम्मेदाराना व्यवहार" के लिए हादी सरकार को दोषी ठहराया
एसटीसी की ये घोषणा अपने गठबंधन में दो प्रतिद्वंद्वी पक्षों को एकजुट करने की सऊदी योजना के लिए एक बड़ा झटका है।
पीपल्स डिस्पैच
28 Aug 2020
यमन

यमन में अलगाववादी साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) ने बुधवार 27 अगस्त को घोषणा की कि वह राष्ट्रपति अब्द रब्बू मंसूर हादी की सरकार के साथ सऊदी प्रायोजित शांति और शक्ति-बंटवारे की वार्ता में शामिल होने की अपनी भागीदारी को रोक रहा है। एसटीसी ने कहा है कि वह रियाद समझौते के प्रति "पक्षों के पक्षपातपूर्ण व्यवहार" के चलते विरोध में वार्ता से हट रहा है। रियाद समझौते का नामाकरण दो यमनी गुटों के बीच सत्ता-बंटवारे के समझौते को लेकर किया गया।

एसटीसी के बयान में कहा गया है कि इसने सऊदी अधिकारियों को एक पत्र भेजा था जिसमें कहा गया था कि "इस समझौते को लागू करने के लिए जारी परामर्श में अपनी भागीदारी से हट रहा है"। इसने इस समझौते से बाहर होने के लिए अपने कई कारणों का हवाला दिया जिसमें दक्षिणी यमन में सार्वजनिक सेवाओं की लगातार गिरावट शामिल है साथ ही अबियान प्रांत में हादी के नेतृत्व वाले सैनिकों की संख्या में हालिया वृद्धि भी शामिल है।

इसने रियाद समझौते में एसटीसी के विश्वास की कमी के कारण के रुप में मतभेद से पूर्व दक्षिणी क्षेत्र में सरकारी सैनिकों के हाल में इकट्ठा होने की ओर भी इशारा किया। इस समझौते के नागरिक पहलुओं पर, दक्षिणी क्षेत्रों में लोक सेवकों के वेतन का भुगतान करने में हादी सरकार की विफलता, वस्तुओं और सेवाओं की बढ़ती क़ीमतों के साथ साथ मुद्रा के मूल्य में क्रमिक गिरावट, साथ ही साथ दक्षिणी गवर्नरों को वित्तीय सहायता में कमी भी एसटीसी द्वारा इसके हटने कारणों में बताया गया था।

बुधवार को की गई घोषणा हादी सरकार और एसटीसी के बीच मतभेदों और संघर्ष को समाप्त करने की सऊदी की उम्मीदों के लिए एक बड़ा झटका है। इससे हाउथिस के ख़िलाफ़ इसके युद्ध में दोनों पक्षों को एकजुट करने में मुश्किल होगी।

इस साल जुलाई महीने में दोनों पक्षों के बीच हुए रियाद समझौते में दोनों पक्षों ने 30 दिनों के भीतर नए प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त यमनी सरकार के गठन के लिए सहमति व्यक्त की थी। इसने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर अदन के लिए एक नए गवर्नर और सुरक्षा निदेशक की नियुक्ति का भी वादा किया था। एसटीसी स्वतंत्र और स्वायत्त दक्षिणी यमन में स्व-शासन स्थापित करने के अपने इरादे को छोड़ने के लिए सहमत हो गया था।

दोनों पक्षों के बीच बढ़ते मतभेद और शत्रुता के कारण एसटीसी ने इस साल अप्रैल महीने में अस्थायी मुख्यालय से सऊदी समर्थित यमनी सरकार को हटाते हुए अदन सहित दक्षिणी यमन के अधिकांश हिस्सों में स्व-शासन की घोषणा की थी।

यमन अरब दुनिया में सबसे ग़रीब देश हैं जो पहले से ही हाउथिस और हादी सरकार के बीच लड़ाई, सऊदी-गठबंधन के हवाई हमलों और ड्रोन हमलों, साथ ही कोरोनावायरस महामारी से निपटने की कोशिश कर रहा है। यह हाल ही में भारी बारिश और ख़तरनाक बाढ़ से भी पीड़ित रहा है जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हज़ारों लोग बेघर हुए हैं।

Yemen’s STC
Riyadh agreement
Hadi govt

Related Stories


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में करीब दो महीने बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज
    07 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,805 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 20 हज़ार से भी ज़्यादा यानी 20 हज़ार 303 हो गयी है।
  • मुकुंद झा
    जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!
    07 May 2022
    कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने के अलावा, जेएनयू प्रशासन 2020 से परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। कर्मचारियों की…
  • असद रिज़वी
    केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार
    07 May 2022
    कोल इंडिया का कोयल लगभग रुपया 3000 प्रति टन है.अगर विदेशी कोयला जो सबसे कम दर रुपया 17000 प्रति टन को भी आधार मान लिया जाए, तो एक साल में केवल 10 प्रतिशत  विदेशी कोयला खरीदने से 11000 करोड़ से ज्यादा…
  • बी. सिवरामन
    प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री के लिए यह सरासर दुर्भाग्य की बात थी कि यद्यपि पश्चिमी मीडिया में उनके दौरे के सकारात्मक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए उनके बैकरूम प्रचारक ओवरटाइम काम कर रहे थे, विश्व प्रेस स्वतंत्रता…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    सिख इतिहास की जटिलताओं को नज़रअंदाज़ करता प्रधानमंत्री का भाषण 
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री द्वारा 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर दिए भाषण में कुछ अंश ऐसे हैं जिनका दूरगामी महत्व है और बतौर शासक  देश के संचालन हेतु उनकी भावी कार्यप्रणाली एवं चिंतन प्रक्रिया के संकेत भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License