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आईएल एंड एफ़एस के सीईओ रमेश बावा धोखाधड़ी के आरोपों में गिरफ़्तार
इस मामले में ये दूसरी गिरफ़्तारी हुई है, इससे पहले कंपनी के पूर्व चेयरमैन हरी शंकरण को गिरफ्तार किया गया था। शंकरण की तरह बावा को भी कंपनीज़ ऐक्ट के सेक्शन 447 के तहत गिरफ़्तार किया गया है।
आईएएनएस
13 Apr 2019
आईएल एंड एफ़एस के सीईओ रमेश बावा धोखाधड़ी के आरोपों में गिरफ़्तार

आईएल एंड एफ़एस के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रमेश बावा की सर्वोच्च न्यायालय में याचिका ख़ारिज होने के कुछ दिन बाद आज, 13 अप्रैल को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफ़आईओ) ने उन्हें ऋण धोखाधड़ी के मामले में गिरफ़्तार कर लिया है। उन्हें अनुच्छेद 447 के तहत गिरफ़्तार किया गया है, जो एसएफ़आईओ को किसी व्यक्ति को धोखाधड़ी करने की वजह से गिरफ़्तार करने की इजाज़त देता है।

बता दिया जाए कि इस मामले में ये दूसरी गिरफ़्तारी हुई है, इससे पहले कंपनी के पूर्व चेयरमैन हरी शंकरण को गिरफ्तार किया गया था। शंकरण की तरह बावा को भी कंपनीज़ ऐक्ट के सेक्शन 447 के तहत गिरफ़्तार किया गया है। बावा की गिरफ़्तारी देर रात को दिल्ली में की गई। 

सर्वोच्च न्यायालय ने इस सप्ताह बावा की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया था, जिसमें उनके ख़िलाफ़ एसएफ़आईओ द्वारा आपराधिक मुक़दमे पर रोक लगाने की मांग की गई थी। 

आपको बता दें कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच शाखा, एसएफआईओ अवसंरचना वित्तीयन कंपनी की दिवालिया से जुड़े कई मामलों की जांच कर रही है। 

हाल ही में सरकार द्वारा नियुक्त आईएल एंड एफ़एस बोर्ड ने कहा था कि कंपनी के पास कुल संपत्ति 18,800 करोड़ रुपये की है जिसमें से 10,700 करोड़ बाहरी एजेंसियों की है। इस मामले में एसएफ़आईओ के अलावा ईडी भी जांच कर रही है। फ़रवरी में आईएलएफ़एस रेल लिमिटेड, ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड. रवि पार्थासार्थी, पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था। यह कंपनी लगभग 91,000 करोड़ रुपये के क़र्ज में डूबी हुई है।

जांच एजेंसी ने बताया है, 'आईएल एंड एफ़एस ने डेटा इंस्ट्रूमेंट्स और बैंक लोन के ज़रिये 17,000 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लिया है। प्रविडेंड फ़ंड, पेंशन फ़ण्ड्स, ग्रैच्युटी फ़ण्ड्स, म्यूचुअल फ़ण्ड्स, पब्लिक ऐंड प्राइवेट सेक्टर बैंक ने कंपनी के डेटा इंस्ट्रूमेंट में भारी निवेश किया है।' 

IL & FS
Ramesh Bawa
SFIO
corporate news
India
Companies act

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