NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
“आख़िरी साँस लेते लोकतंत्र के नाम” नागरिक प्रतिवाद!
कार्यक्रम के जरिये वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि ‘असहमति के स्वर’ को कुचलने के लिए ही सरकार सुनियोजित ढंग से इस बार जनप्रतिबद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को चुन चुन कर निशाना बना रही है, ताकि सत्ता के दमन के खिलाफ कहीं से भी कोई आवाज़ नहीं उठे।
अनिल अंशुमन
30 Oct 2018
नागरिक प्रतिवाद

28 अक्तूबर की शाम एक बार फिर नागरिक प्रतिवाद करने वालों का जत्था एकत्र हुआ पटना गाँधी मैदान के पूर्वी छोर स्थित कारगिल चौक के पास। यह नागरिक प्रतिवाद था जन मुद्दों व वंचितों के मानवाधिकारों के लिए सतत सक्रिय रहने वालीं एडवोकेट सुधा भरद्वाज व सामाजिक कार्यकर्त्ता अरुण फरेरा तथा वर्नोन गोंजाल्विस की गिरफ्तारी के खिलाफ। राजधानी के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्त्ता, युवा एक्टिविष्ट, वरिष्ठ कवि–साहित्यकार, रंगकर्मी व नागरिक–मानवाधिकारों के कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर–पोस्टर लेकर मानव श्रृंखला बनाई और अपना विरोध प्रकट किया।

nagrik pratiwad  1.PNG

“आख़िरी सांस लेते लोकतंत्र के नाम” इस कार्यक्रम के जरिये वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि ‘असहमति के स्वर’ को कुचलने के लिए ही सरकार सुनियोजित ढंग से इस बार जनप्रतिबद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को चुन चुन कर निशाना बना रही है, ताकि सत्ता के दमन के खिलाफ कहीं से भी कोई आवाज़ नहीं उठे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ जनवादी कवि आलोक धन्वा ने वर्तमान सरकार पर अघोषित आपातकाल थोपने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका सत्ता में बने रहना देश व लोकतंत्र दोनों के लिए खतरनाक है। इस अवसर पर छात्र-युवाओं के अलावा कॉलेज प्राध्यापकों, वकीलों और नागरिक समाज के लोगों ने भी सक्रिय उपस्थिति निभायी। नागरिक प्रतिवाद के जरिये उक्त तीनों सामाजिक कार्यकर्ताओं की अविलम्ब बिना शर्त रिहाई की मांग की गयी।

ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम ने इस गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उनकी अविलम्ब रिहाई के साथ साथ भीमा कोरे गाँव में हुई दलित विरोधी हिंसा के मास्टर माइंड मिलिंद एकबोटे व सम्भाजी भिंडे को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय अपील जारी करते हुए देश के समस्त न्यायप्रिय नागरिकों से सभी गिरफ्तार मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समर्थन में अपनी सक्रिय एकजुटता प्रदर्शित करने तथा भारतीय संविधान की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया है।

NAGRIK PRTIVAD
civil rights activists
Bihar
PATNA
Sudha Bharadwaj
arun ferreira
Vernon Gonsalves
human rights activists
human chain

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या
    19 Mar 2022
    कुछ दिनों में यूपी की सत्ता पर बीजेपी की योगी सरकार दूसरी बार काबिज़ होगी। ऐसे में बीते कार्यकाल में 'बेहतर कानून व्यवस्था' के नाम पर सबसे ज्यादा नाकामी का आरोप झेल चुकी बीजेपी के लिए इसे लेकर एक बार…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 
    19 Mar 2022
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। देश भर में इन संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला जारी है।
  • रवि कौशल
    पंजाब: शपथ के बाद की वे चुनौतियाँ जिनसे लड़ना नए मुख्यमंत्री के लिए मुश्किल भी और ज़रूरी भी
    19 Mar 2022
    आप के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने बढ़ते क़र्ज़ से लेकर राजस्व-रिसाव को रोकने, रेत खनन माफ़िया पर लगाम कसने और मादक पदार्थो के ख़तरे से निबटने जैसी कई विकट चुनौतियां हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अल्ज़ाइमर बीमारी : कॉग्निटिव डिक्लाइन लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी का प्रमुख संकेतक है
    19 Mar 2022
    आम तौर पर अल्ज़ाइमर बीमारी के मरीज़ों की लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी 3-12 सालों तक रहती है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    स्लोवेनिया : स्वास्थ्य कर्मचारी वेतन वृद्धि और समान अधिकारों के लिए कर रहे संघर्ष
    19 Mar 2022
    16 फ़रवरी को स्लोवेनिया के क़रीब 50,000 स्वास्थ्य कर्मचारी काम करने की ख़राब स्थिति, कम वेतन, पुराने नियम और समझौते के उल्लंघन के ख़िलाफ़ हड़ताल पर चले गए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License