NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
अल-क़ायदा के कारण प्रतिबंधित हुआ अज़हर, भारत में आतंकी गतिविधियों का ज़िक्र नहीं।
मसूद अज़हर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा चिन्हित, प्रतिबंधित और सूचित ग्लोबल आतंकवादी हो गया है। भारत ने लंबे समय तक कूटनीतिक धीरज का पालन करते हुए उसी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अज़हर को ग्लोबल आतंकी की सूची में डलवाया है जहां से उसे 2009,,2016,2017 और मार्च 2019 में पहले सफलता नहीं मिली। पांचवी बार में मिली यह सफलता कूटनीतिक धीरज का मिसाल बनेगी।
रवीश कुमार
02 May 2019
masood ajahar
image courtesy- the hindu

मसूद अज़हर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा चिन्हित, प्रतिबंधित और सूचित ग्लोबल आतंकवादी हो गया है। भारत ने लंबे समय तक कूटनीतिक धीरज का पालन करते हुए उसी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अज़हर को ग्लोबल आतंकी की सूची में डलवाया है जहां से उसे 2009,,2016,2017 और मार्च 2019 में पहले सफलता नहीं मिली। पांचवी बार में मिली यह सफलता कूटनीतिक धीरज का मिसाल बनेगी। 1 मई को जब 9 बजे तक चीन की तरफ से कोई आपत्ति नहीं आई तब एलान हो गया कि संयुक्त राष्ट्र की अल कायदा कमेटी मसूद अज़हर को अल-कायदा से संबंध रखने के आरोप में ग्लोबल आतंकी की सूची में डालती है।

भारत ने पुलवामा हमले के बाद मसूद अज़हर को आतंकी सूची में डलवाने की कवायद की थी मगर चीन भारत की दलीलों से सहमत नहीं हुआ। इस बार चीन सहमत नहीं होता तो इस पर संयुक्त राष्ट्र में खुला मतदान होता तब चीन के लिए मुश्किल हो जाता। 27 फरवरी को अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस ने साझा रूप से मसूद अज़हर के ख़िलाफ़ प्रस्ताव रखा था। उसमें यह आधार था कि जैश ए मोहम्मद ने घटना की ज़िम्मेदारी ली है। 13 मार्च को चीन ने आपत्ति लगा दी थी।

इस बार 23 अप्रैल को फिर से इस प्रस्ताव को खोला गया। 1 मई तक आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा रखी गई थी। मसूद अज़हर को आतंकी सूची में इसलिए रखा गया है क्योंकि कमेटी ने पाया है कि मसूद अज़हर ने जैश-ए मोहम्मद को सपोर्ट किया है। जिस जैश ए मोहम्मद को संयुक्त राष्ट्र की इसी 1267 कमेटी ने 2001 को प्रतिबंधित किया था। जैश ए मोहम्मद पर आरोप था कि अल कायदा से उसके वित्तीय और अन्य संबंध आतंकी संगठन अल-क़ायदा से रहे हैं। इस संगठन ने अफगानिस्तान में आतंकी बहाल करने का काम किया था। मसूद अज़हर जमात-उद-दावा का प्रमुख है। संगठन बदल-बदल कर काम करता रहा है।

पुलवामा हमले के बाद जैश ए मोहम्मद ने घटना की ज़िम्मेदारी ली थी। भारत ने इस आधार पर मसूद अज़हर को घेरा था। लेकिन इस बार के प्रस्ताव से पुलवामा हमले को हटा दिया गया। पाकिस्तान और चीन चाहते थे कि पुलवामा का ज़िक्र हटा दिया जाए। इसलिए 1267 के प्रस्ताव में पुलवामा और 2008 के मुंबई हमले का ज़िक्र नहीं है। संसद पर हुए हमले का ज़िक्र नहीं है। IC 814 की घटना का ज़िक्र है।

भारत मांग करता रहा है कि मुंबई हमले के मामले में उस पर मुकदमा चले और सज़ा हो। अच्छा होता कि मसूद अज़हर भारत में हुई आतंकी गतिविधियों के कारण प्रतिबंधित होता। इससे भारत को अपने भौगोलिक क्षेत्र में पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों को भी मान्यता मिलती। मसूद अज़हर हमारा दुश्मन है क्योंकि वह भारत की ज़मीन पर हुए आतंकी हमलों का अपराधी है। जो भी हो उसे दूसरे कारणों से सज़ा तो मिली है। यह खुशी की बात है।

पाकिस्तान कह सकता है कि पुलवामा का ज़िक्र नहीं है। उसे राजनीतिक तौर पर बदनाम करने के लिए इसका ज़िक्र डाला गया लेकिन मसूद अज़हर है तो उसी का नागरिक। क्या अल-क़ायदा से संबंध रखने के कारण प्रतिबंधित होना कम शर्म की बात है! भारत और दुनिया की नज़र अब इस बात पर होगी कि मसूद अज़हर की गिरफ्तारी कब होती है। वह उसके ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई करता है। पाकिस्तान ने कहा है कि वह प्रतिबंध को लागू करेगा। 2001 में जैश-ए-मोहम्मद पर प्रतिबंध लगा था। इसके बाद भी कई घटनाओं में इस संस्था का ज़िक्र आता है। इसके बाद भी वही अमरीका और वही चीन पाकिस्तान के साथ संबंध बनाए हुए हैं।

चीन ने भी इस घटना पर बयान जारी किया है। चीन हमेशा मानता रहा है कि इस तरह का काम विस्तृत जानकारी, ठोस सबूत, पेशेवर आधार और सर्वसम्मति से होना चाहिए न कि पूर्वाग्रह के आधार पर। संबंधित पक्षों से सकारात्मक बातचीत के बाद प्रासंगिक देशों ने अपने प्रस्ताव को बदला है। चीन को एतराज़ नहीं है। यानी चीन को जिन बातों से एतराज़ से था उसे मान लिया गया है।

चीन ने अपने बयान में यह भी जोड़ा है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद से लड़ने में काफी योगदान का है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को इस बात का श्रेय दे। आतंक से लड़ने में पाकिस्तान को सहयोग करे।

चीन ने चंद रोज़ पहले पाकिस्तान को अपने सभी मौसमों का साथी बताया था। पाकिस्तान भी अपना स्पेस मिशन कामयाब बनाना चाहता था। मानव युक्त यान भेजना चाहता है जिसमें चीन उसकी मदद कर रहा है। भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में लंबी दूरी की कामयाबी हासिल कर ली है। वो भी अपने दम पर।

पाकिस्तान और चीन अपनी बात कहेंगे। कूटनीतिक तराजू पर बटखरा रखकर नहीं तौला जाता है। सब अपने अपने हिसाब से भार बताते हैं। विश्लेषण एक तरफ। मसूद अज़हर पर प्रतिबंध एक तरफ। भारत ने जिन कारणों से प्रयास किया था वो भले न माने गए हों मगर जिस दिशा में प्रयास किया था वो सफल रहा है। माना गया है।

(यह लेख वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार के फेसबुक पोस्ट से लिया गया है। रवीश कुमार ने इस पोस्ट को लिखने के लिए आतंरिक सुरक्षा और अंतराष्ट्रीय सम्बन्ध पर लिखने वाले अंग्रेजी के कई प्रतिष्ठित पत्रकरों के लेखों का सहारा लिया है।) 

india china pakistan and masood azhar
masood azahar and pakistan
masood azahr and united nations
united natioans and masood azahar
terrorism and india
pulwama attack
alkayada
jais e mohmmad
zmaat ud dawa
global terrorist masood azahar

Related Stories

किसान आंदोलन: एक शाम शहीदों के नाम

क्या अर्नब गोस्वामी को बालाकोट एयर स्ट्राइक की जानकारी पहले से थी?

पठानकोट-पुलवामा में NIA की चार्जशीट: अब पाकिस्तान का हाथ, तब जिहादी ताकत!

सवाल पुलवामा का, बीजेपी ने राहुल को बनाया निशाना

पुलवामा : तुमने मिला दिया आदमख़ोर बारूद, लाल-लाल गुलाबों की खुशबू में...

पुलवामा हमले का एक साल : "भाई चले गए, कैसे गए ये अभी तक मालूम नहीं चला...”

23 साल जेल में बिताने के बाद निर्दोष साबित : क्या न्याय हुआ?

जनादेश 2019 : क्यों पश्चिमी यूपी में काम नहीं आया बालाकोट?

मानव ढाल बनाए गए डार भाइयों के पिता की तकलीफ़ कौन सुनेगा?

दक्षिणपंथ क्यों नहीं मानता गोड्से को आतंकी?


बाकी खबरें

  • रवि कौशल
    आदिवासियों के विकास के लिए अलग धर्म संहिता की ज़रूरत- जनगणना के पहले जनजातीय नेता
    28 Apr 2022
    जनजातीय समूह मानते रहे हैं कि वे हिंदू धर्म से अलग रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करते हैं, इसलिए उन्हें अलग धर्म संहिता दी जाना चाहिए, ताकि आने वाली जनगणना में उन्हें अलग समहू के तौर पर पहचाना जा…
  • संदीप चक्रवर्ती
    कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च
    28 Apr 2022
    नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर बीजेपी-आरएसएस की ताक़त बढ़ी तो वह देश को हिन्दू राष्ट्र बना देंगे जहां अल्पसंख्यकों के साथ दोयम दर्जे के नागरिक जैसा बर्ताव किया जाएगा।
  • राज वाल्मीकि
    ब्राह्मणवादी व्यवस्था ने दलितों को ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण स्त्री समुदाय को मानवाधिकारों से वंचित रखा: चौथीराम यादव
    28 Apr 2022
    पंडिता रमाबाई के परिनिर्वाण दिवस के 100 साल पूरे होने पर सफाई कर्मचारी आंदोलन ने “पंडिता रमाबाई : जीवन और संघर्ष” विषय पर कार्यक्रम किया।
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    5 साल में रोज़गार दर 46 फ़ीसदी से घटकर हुई 40 फ़ीसदी
    28 Apr 2022
    CMIE के आंकड़ों के मुताबिक भारत की काम करने लायक़ 90 करोड़ आबादी में नौकरी और नौकरी की तलाश में केवल 36 करोड़ लोग हैं। तकरीबन 54 करोड़ आबादी रोज़गार की दुनिया से बाहर है। बेरोज़गरी के यह आंकड़ें क्या कहते…
  • राजु कुमार
    बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा
    28 Apr 2022
    मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी सहित आठ राजनीतिक दलों की ओर से एक प्रतिनिधि मंडल ने खरगोन के दंगा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License