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भारत
राजनीति
अलोक वर्मा के निवास के बाहर से 4 'संदिग्ध' व्यक्ति पकड़े गये, आईबी ने इसे बताया सामान्य गश्त
चारों को बुधवार देर रात जनपथ पर वर्मा के आवास के बाहर जासूसी करते देखा गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Oct 2018
alok verma

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में उजागर कथित घूसकांड के बाद छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा के आवास के बाहर गुरुवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के चार संदिग्धों को पकड़ा गया। सूत्रों के अनुसार, चारों को बुधवार देर रात जनपथ पर वर्मा के आवास के बाहर जासूसी करते देखा गया।

गुरुवार सुबह आलोक वर्मा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने संदिग्धों को कार में बैठने के दौरान पकड़ लिया। 

फिलहाल इन संदिग्धों के उद्देश्यों का पता नहीं चल पाया है। इसके साथ उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि होना भी बाकी है।

दिल्ली पुलिस और सीबीआई की टीमें इस मामले की जांच कर रही है।

सीबीआई में कथित घूसकांड के बीच शीर्ष अधिकारियों के बीच टकराव की स्थिति के मद्देनजर बुधवार को केंद्र सरकार ने आलोक वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया।

द वायर के मुताबिक हिरासत में लिए गये चारों लोगों को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया हैI रिपोर्ट के अनुसार “शायद यह लोग बातें सुनने के लिए कोई उपकरण लगाने की कोशिश कर रहे थे या घर में आने-जाने वाले लोगों पर नज़र रख रहे थे”I

वायर की रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के भी मिले होने की ओर संकेत करते हुए कहा: “ऐसा मन जा रहा है कि यह पूरी खोजबीन और बुधवार को सीबीआई हेडक्वार्टर पर अज्ञात इंटेलिजेंस और पुलिस अधिकारीयों द्वारा रेड आदि से वर्मा पर निगरानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डाभोल के कहने पर किया जा रहा है”I  

प्रसंगवश, ऐसा भी मन जा रहा है कि सीबीआई निदेशक को तुरंत हटाये जाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले के क्रियान्वयन में डोभाल ने अहम भूमिका निभायीI

वायर की रिपोर्ट में वर्मा के करीबी कुछ सूत्रों के हवाले से इस बात की ओर भी संकेत किया गया है कि ‘उन की जासूसी करने का यह “गुजरात मॉडल” का नमूना है’ – यह बात उस रणनीति की ओर संकेत करती है जो मोदी और अमित शाह, जो फिलहाल भाजपा के अध्यक्ष हैं, तब इस्तेमाल करते थे जब वे राज्य की सत्ता पर काबिज़ थे और विरोधियों या खतरों को ख़त्म करना चाहते थे”I

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जब प्रधानमंत्री ने उन्हें हटाने का निर्णय लिए तब वर्मा के पास सात बेहद संवेदनशील केस थेI

पहला, रफाल सौदा, मेडिकल कॉलेज रिश्वत केस में कथित तौर पर संलिप्त दो पूर्व उच्च न्यायालय के न्यायधीशों के खिलाफ आरोपों का मामला, कोयला घोटाले का एक केस जिसमें प्रधानमंत्री कार्यलय के भास्कर ख़ुल्बे का नाम आया और सीबीआई के दूसरे सबसे बड़े अधिकारी राकेश अस्थाना के खिलाफ रिश्वत का मामलाI

इस बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने कहा है कि वर्मा के घर के बाहर से पकडे गये लोग सामान्य गश्त पर थेI

आईबी ने एक बयान में कहा, "आईबी के पास सार्वजनिक व्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा के हालात को प्रभावित करने वाली बातों पर खुफिया सूचना एकत्र करने की जिम्मेदारी है। इसकी इकाइयों को नियमित रूप से संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाता है।"

इसमें कहा गया है, "इसी तरह की एक इकाई आज (गुरुवार) सुबह जनपथ पर रुकी जहां असामान्य रूप से लोग जमा थे। ऐसा यह जांचने के लिए था कि लोग इस जगह पर क्यों जमा हैं...यह उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है। दुर्भाग्य से उनकी मौजूदगी को अन्यथा पेश किया गया।"

(आईएएनएस  इनपुट सहितI)

alok verma
CBI
Modi Govt
special director Rakesh Asthana

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