NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेज़न के जंगलों में आग पूंजीवाद की देन है !
पिछले एक दशक में अमेज़न के जंगलों में पहली बार इतनी भीषण आग लगी है। जगलों में लगी इस आग का कारण मानवजनित है। जंगलों में आग क्यों लगाई गयी? क्या जंगलों को हटाने के बाद ही किसी वन्य क्षेत्र का विकास किया जा सकता है ? क्या पूंजीवादी रवैये से ही विकास संभव है? क्या जंगलों के हटाए बिना जंगल में रहने वाले लोगों के जीवन में सुधार नहीं किया जा सकता ? क्या ब्राज़ील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो की यह राय सही है कि अमेजन के जंगलों के संसाधानों का इस्तेमाल जरूरी है? इन्हीं सब सवालों पर अपनी राय रख रहे हैं एडिटर इन चीफ़ प्रबीर।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
10 Sep 2019

पिछले एक दशक में अमेज़न के जंगलों में पहली बार इतनी भीषण आग लगी है। जगलों में लगी इस आग का कारण मानवजनित है। जंगलों में आग क्यों लगाई गयी? क्या जंगलों को हटाने के बाद ही किसी वन्य क्षेत्र का विकास किया जा सकता है ? क्या पूंजीवादी रवैये से ही विकास संभव है? क्या जंगलों के हटाए बिना जंगल में रहने वाले लोगों के जीवन में सुधार नहीं किया जा सकता ? क्या ब्राज़ील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो की यह राय सही है कि अमेजन के जंगलों के संसाधानों का इस्तेमाल जरूरी है? इन्हीं सब सवालों पर अपनी राय रख रहे हैं एडिटर इन चीफ़ प्रबीर।

Amazon fire
Amazon Deforestation
Bolsonaro

Related Stories

'मज़बूत' नेताओं का कोरोना को करारा जवाब

दक्षिणपंथी हत्यारों को अपना आदर्श बनाते हैं !

अमेज़न आग, बोल्सोनारो का श्वेत राष्ट्रवाद और पूंजीपतियों से गठजोड़

जी 7 देशों की बेअसर शिखर वार्ता को किनारे लगा सकते थे ईरान और ब्राज़ील 

अमेज़न जंगल की आग ख़तरनाक क्यों है?

21 दिन बाद कश्मीर के हालात, नियमगिरी में आदिवासी की मौत और अन्य ख़बरें


बाकी खबरें

  • Privatisation
    अजय कुमार
    महाशय आप गलत हैं! सुधार का मतलब केवल प्राइवेटाइजेशन नहीं होता!
    12 Dec 2021
    भारत के नीतिगत संसार में सुधार का नाम आने पर प्राइवेटाइजेशन को खड़ा कर दिया जाता है। इसका नतीजा यह हुआ है कि भारत की बीहड़ परेशानियां प्राइवेटाइजेशन की वजह से खड़ी हुई गरीबी की वजह से जस की तस बनी…
  • god and man
    शंभूनाथ शुक्ल
    ईश्वर और इंसान: एक नाना और नाती की बातचीत
    12 Dec 2021
    मैंने अगला प्रश्न किया, कि क्या तुम मानते हो कि दुनिया में कोई ईश्वर है? अब वह थोड़ा झिझका और बोला, ‘कोई है तो जो हम सब को बनाता है’। मैंने एक जिज्ञासा उठाई, कि मनुष्य का पैदा होना एक बायोलॉजिकल…
  • unemployment
    रूबी सरकार
    ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ के नारों के साथ शिक्षित युवा रोज़गार गारंटी बिल की उठाई मांग
    12 Dec 2021
    युवाओं का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के 3 माह के भीतर सरकार को नौकरी मुहैया कराना चाहिए अथवा जब तक शिक्षित को नौकरी न मिले, तब तक सरकार की ओर से स्किल्ड लेबर की न्यूनतम मजदूरी के बराबर करीब साढ़े नौ…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    खुशहाली की बजाय बेहाली,संविधान से उलट राजसत्ता और यूपी का रिकार्ड
    11 Dec 2021
    वैश्विक असमानता रिपोर्ट के नये तथ्य और आंकड़े भारत की सामाजिक आर्थिक स्थिति की भयावह तस्वीर पेश करते हैं. आखिर आजादी के इन चौहत्तर वर्षो में हमारे समाज में इस कदर असमानता और दुर्दशा क्यों बढ़ी है?…
  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: किसानो, कुछ तो रहम करो...लिहाज करो!
    11 Dec 2021
    मनाएं, किसान अपनी जीत का जश्न। बस, सरकार को हराने का शोर नहीं मचाएं। इस शोर से दुनिया भर में छप्पन इंच की छाती वालों की बदनामी होगी सो होगी, देश में मजदूरों-वजदूरों और न जाने किस-किस को कैसा गलत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License