NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अनाथालय भ्रष्टाचार मामले में खालिदा ज़िया की सज़ा दोगुनी
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्ष की नेता खालिदा के बेटे तारिक रहमान और अन्य चार को भी 10 साल की सजा सुनाई गई है। सोमवार को भी खालिदा को एक अन्य भ्रष्टाचार के मामले में 7 साल की सजा सुनाई गई थी।
आईएएनएस
30 Oct 2018
KHALIDA ZIYA खालिदा जिया

ढाका। बांग्लादेश की अदालत ने अनाथालय भ्रष्टाचार मामले में मंगलवार को विपक्षी नेता व पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया की जेल की सज़ा पांच साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी। अदालत ने अनाथालय भ्रष्टाचार मामले में भ्रष्टाचार रोधी आयोग (एसीसी) की अपील के बाद यह फैसला किया। 

'बीडीन्यूज24' की रिपोर्ट के अनुसार, आठ फरवरी को विशेष अदालत ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख खालिदा ज़िया को ज़िया अनाथालय ट्रस्ट की करीब 2,00,000 डॉलर की राशि को गबन करने के मामले में पांच साल जेल की सजा सुनाई थी।

बांग्लादेश उच्च न्यायालय की जस्टिस एम एनयेटूर रहीम और मोहम्मद मोस्तफिजुर रहमान की एक खंडपीठ ने मंगलवार को सज़ा बढ़ाने का फैसला सुनाया। 

एसीसी के वकील खुर्शीद आलम ने अदालत के फैसले के बाद बताया, "इस मामले में खालिदा जिया प्रमुख संदिग्ध थीं। यही कारण है कि हमने उनकी सजा बढ़ाने की मांग की। उच्च न्यायालय ने हमारी अपील के बाद उनकी सजा पांच साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी। नतीजतन, अब सभी दोषियों को 10 साल की समान सजा मिली है। अन्य अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।" 

खालिदा के बेटे तारिक रहमान और अन्य चार को भी 10 साल की सजा सुनाई गई है। 

वहीं, सोमवार को खालिदा को एक और भ्रष्टाचार के मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी।

Bangladesh
KHALIDA ZIYA
Corruption

Related Stories

उत्तराखंड के ग्राम विकास पर भ्रष्टाचार, सरकारी उदासीनता के बादल

क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?

बिहार में 1573 करोड़ रुपये का धान घोटाला, जिसके पास मिल नहीं उसे भी दिया धान

बढ़ती हिंसा और सीबीआई के हस्तक्षेप के चलते मुश्किल में ममता और तृणमूल कांग्रेस

बिहारः बड़े-बड़े दावों के बावजूद भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम नीतीश सरकार

क्या आपको पता है कि ₹23 हजार करोड़ जैसे बैंक फ्रॉड भी महंगाई के लिए जिम्मेदार है? 

विकास की वर्तमान स्थिति, स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव और आम आदमी की पीड़ा

अमित शाह का एक और जुमला: पिछले 7 सालों में नहीं हुआ कोई भ्रष्टाचार!

भारत-बांग्लादेश संबंध का मौजूदा दौर

भाजपा का हिंदुत्व वाला एजेंडा पीलीभीत में बांग्लादेशी प्रवासी मतदाताओं से तारतम्य बिठा पाने में विफल साबित हो रहा है


बाकी खबरें

  • channi or kejri
    शिव इंदर सिंह
    चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव नतीजों का पंजाब विधानसभा चुनाव पर कितना असर?
    03 Jan 2022
    पहली बार चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी भले ही स्पष्ट बहुमत नहीं ले पाई, पर सब से अधिक सीटें जीतने के कारण वह अति उत्साहित है। आप के नेता इन नतीजों को पंजाब विधान सभा चुनाव की पहली…
  • ulfa
    भाषा
    उल्फा के वार्ता समर्थक गुट ने शांति वार्ता को लेकर केन्द्र सरकार की ‘‘ईमानदारी’’ पर उठाया सवाल
    03 Jan 2022
    वार्ताकार समर्थक वरिष्ठ उल्फा नेता मृणाल हजारिका ने कहा, ‘‘ सरकार में ईमानदारी की कमी नजर आ रही है। मनमोहन सिंह के कार्यकाल में वार्ता लगभग पूरी हो चुकी थी और अंतिम चरण में पहुंच गई थी, लेकिन नरेंद्र…
  • haryana
    मुकुंद झा
    हरियाणा का डाडम पहाड़ी हादसाः"मुनाफे की हवस में गई मज़दूरों की जान"
    03 Jan 2022
    एक जनवरी की सुबह भिवानी जिले के तोशाम इलाक़े में डाडम पहाड़ी में खनन के दौरान हुए हादसे में 5 मज़दूरों की जान चली गयी वहीं कुछ और लोगों के फंसे होने की संभावना है। रेस्क्यू आज तीसरे दिन भी जारी है।
  • Siliguri
    संदीप चक्रवर्ती
    सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव : सीपीआईएम अपना रिकॉर्ड बरक़रार रखने को तैयार
    03 Jan 2022
    पश्चिम बंगाल में एसएमसी एकमात्र शहरी निकाय है जिस पर माकपा का शासन है।
  • books
    आईसीएफ़
    2021 : महिलाओं ने की लेखन, कविता, फ़्री स्पीच और राजनीति पर बात
    03 Jan 2022
    स्वतंत्र शोधकर्ता, लेखिका और महिला अधिकार कार्यकर्ता सहबा हुसैन के साथ इस बातचीत में ग़ज़ाला वहाब अपनी नई किताब और एक मुस्लिम के तौर पर जन्म लेने के बारे में बात कर रही हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License