NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
स्वास्थ्य
भारत
अपने ही एचओडी से त्रस्त पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर
डॉक्टरों का कहना है कि वो हॉस्पिटल को दलालों से मुक्त, डॉक्टरों की सुरक्षा और दवा आपूर्ति को लेकर हड़ताल पर गए हैं। 

 
मुकुंद झा
06 Jul 2019
  पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर
Image Courtesy:THE TRIBUNE

बिहार के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के जूनियर डॉक्टर एक बार फिर हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने इमरजेंसी और ओपीडी सेवा को भी ठप कर दिया है। हालांकि पिछले दिनों की हड़ताल (पश्चिम बंगाल प्रकरण) की तरह इस बार यहां डॉक्टरों का झगड़ा मरीज़ या तीमारदार से मारपीट या सुरक्षा का नहीं है, बल्कि अपने ही एचओडी के कथित उत्पीड़न और भ्रष्टाचार का है।   

डॉक्टरों का कहना है कि वो हॉस्पिटल को दलालों से मुक्त, डॉक्टरों की सुरक्षा और दवा आपूर्ति को लेकर हड़ताल पर गए हैं। 

डॉक्टरों की अचानक हुई इस हड़ताल से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। जिन मरीजों को ऑपरेशन करने का समय दिया गया था उन्हें मना कर दिया गया, जिससे मरीज परेशान हैं और इधर उधर भटक रहे हैं। 
पीएमसीएच में 600 जूनियर डॉक्टर काम करते हैं। इनकी हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी असर पड़ा है। हड़ताल के बाद प्राचार्य और अधीक्षक ने बैठक शुरू कर दी है। बता दें कि इससे पहले भी कई बार अचानक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर जा चुके हैं। 
क्या है पूरा मामला?
मामला ऑर्थोपेडिक्स यानी हड्डी विभाग के एचओडी विजय कुमार से जुड़ा है। जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि विजय कुमार जबरन एक विशेष कंपनी की दवा मरीजों को लिखने का दबाव बनाते हैं और जो डॉक्टर इस दवा को नहीं लिखता है, उनपर कार्रवाई कर परीक्षा में फेल कर देते हैं। इसे लेकर पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर कामकाज ठप कर हड़ताल पर चले गए हैं। इसके साथ ही जूनियर डॉक्टरों ने डॉ. विजय कुमार को हटाने की मांग की है। 
हालांकि डॉ. विजय कुमार जूनियर डॉक्टरों के इस आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हैं।

पीएमसीएच के हड़ताली डॉक्टर का कहना है कि फेल होने का मामला सिर्फ एक विभाग से जुड़ा है। लेकिन मामला इससे कही गंभीर है। मरीजों को दवाएं नहीं मिलना एवं डॉक्टरों की सुरक्षा इन सभी को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार किया है।
इस पूरे विवाद ने शुक्रवार को तूल पकड़ा जब हड्डी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने प्राचार्य को पत्र लिखकर शिकायत की कि कुछ छात्रों ने उन्हें बंधक बनाया था और उनके साथ बदसलूकी की। उन्होंने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके जवाब में जूनियर डॉक्टरों ने भी शिकायत पत्र लिखकर विभागाध्यक्ष को हटाए जाने की मांग की। 
डॉक्टरों ने यह भी कहा की आप हड्डी विभाग के किसी भी मर्जी का पर्चा देख लीजिए सभी पर आपको एक विशेष कंपनी की दवाइयां मिल जाएंगी। जबकि वही दवाई अस्पताल में होती है लेकिन जबरदस्ती हमसे कहा जाता है कि हम उसी कम्पनी की दवा लिखे। इसे चेक करने के लिए विजय कुमार ने अपना एक आदमी वार्ड के बाहर बैठा रखा है, जो चेक करता है कि हमने वो दवा लिखी है या नहीं।  
इसके बाद पीएमसीएच के प्रचार्य ने एक हाईलेवल मीटिंग कर जाँच कमेटी का गठन किया। 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी लेकिन इससे कोई हल नहीं निकला। 
जूनियर डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन में कई दौर की बातचीत होने के बाद भी मामला नहीं सुलझा है। हड़ताली डॉक्टर डॉ. विजय को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। 

PATNA
PMCH
Helath Care
doctors strike
doctor
Bihar

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन

बिहार : आशा वर्कर्स 11 मार्च को विधानसभा के बाहर करेंगी प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • bulldozer
    न्यूज़क्लिक टीम
    दिल्ली: बुलडोज़र राजनीति के ख़िलाफ़ वामदलों का जनता मार्च
    11 May 2022
    देश के मुसलमानों, गरीबों, दलितों पर चल रहे सरकारी बुल्डोज़र और सरकार की तानाशाही के खिलाफ राजधानी दिल्ली में तमाम वाम दलों के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं और संघर्षशील संगठनों ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के…
  • qutub minar
    न्यूज़क्लिक टीम
    अब क़ुतुब मीनार, ताज महल से हासिल होंगे वोट? मुग़ल दिलाएंगे रोज़गार?
    11 May 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा सवाल पूछ रहे हैं कि देश में कभी क़ुतुब मीनार के नाम पर कभी ताज महल के नाम पर विवाद खड़ा करके, सरकार देश को किस दिशा में धकेल रही…
  • sedition
    विकास भदौरिया
    राजद्रोह पर सुप्रीम कोर्ट: घोर अंधकार में रौशनी की किरण
    11 May 2022
    सुप्रीम कोर्ट का आज का आदेश और न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ का हाल का बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि नागरिकों के असंतोष या उत्पीड़न को दबाने के लिए आपराधिक क़ानून का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए, एक आशा…
  • RAVIKANT CASE
    असद रिज़वी
    लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!
    11 May 2022
    प्रोफ़ेसर रविकांत चंदन हमले की FIR लिखाने के लिए पुलिस के आला-अफ़सरों के पास दौड़ रहे हैं, लेकिन आरोपी छात्रों के विरुद्ध अभी तक न तो पुलिस की ओर से क़ानूनी कार्रवाई हुई है और न ही विवि प्रशासन की ओर…
  • jaysurya
    विवेक शर्मा
    श्रीलंका संकट : आम जनता के साथ खड़े हुए खिलाड़ी, सरकार और उसके समर्थकों की मुखर आलोचना
    11 May 2022
    श्रीलंका में ख़राब हालात के बीच अब वहां के खिलाड़ियों ने भी सरकार और सरकार के समर्थकों की कड़ी निंदा की है और जवाब मांगा है। क्रिकेट जगत के कई दिग्गज अपनी-अपनी तरह से आम जनता के साथ एकजुटता और सरकार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License