NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आरबीआई के आंकड़ों ने काले धन के खिलाफ अभियान की कलई खोली
10 जनवरी को आरबीआई ने अहम आंकड़े जारी किए।
सबरंग इंडिया
17 Jan 2017
आरबीआई के आंकड़ों ने काले धन के खिलाफ अभियान की कलई खोली

अब यह कोई रहस्य नहीं रह गया है भारत में काले धन को वैध बनाने के लिए एक खास रास्ते का सहारा लिया जाता है। भारत से यह काला धन मॉरीशस, सिंगापुर या ऐसे है टैक्स हैवन्स देश जाता है और फिर वहां से राउंड ट्रिपिंग के जरिये वापस आ जाता है। मॉरीशस, साइप्रस और सिंगापुर ओवरसीज डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (ओडीआई) के ठिकाने हैं। यही देश इस धन को अपनी सब्सिडियरियों में एफडीआई के तौर पर वापस भारत भेज देते हैं।   

मौजूदा सरकार राउंड ट्रिपिंग और बेनामी संपत्तियों जैसे काले धन ठिकाने लगाने के तरीकों को खत्म करने के लिए मॉरीशस और सिंगापुर जैसे देशों के साथ हुए समझौतों पर गर्व कर रही है। अगर ऐसा ही है तो एफडीआई के तौर पर यहां से आने वाले फंड और फिर यहां जाने वाले ओवरसीज डायरेक्ट इनवेस्टमेंट में कमी आनी चाहिए। कंपनियों के बीच इस तरह के धन की आवाजाही भी कम होनी चाहिए थी।

लेकिन आरबीआई के आंकड़ों से साफ है कि ऐसा नहीं हो रहा है। अगर आरबीआई की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के तहत सारिणी 5 और 6 पर  नजर दौड़ाएं तो वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। सबसे पहले 2015-16 के दौरान मारीशस और सिंगापुर से आए एफडीआई पर नजर दौड़ाएं और इसकी तुलना 2014-15 के आंकड़ों से करें।


हाल में जारी आरबीआई के आंकड़े यहां मौजूद हैं।

(RBI may be studied here.)

अगर 2014-15 और 2015-16 की तुलना करें तो साइप्रस और मारीशस से लगभग बराबर एफडीआई आया है।

2014-15 के दौरान भारत में आए कुल 19.8 लाख करोड़ रुपये के एफडीआई में से मारीशस से आए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की हिस्सेदारी 21.9 फीसदी थी। 2015-16 में 20.18 लाख करोड़ रुपये की एफडीआई आई इसमें 20.8 फीसदी की हिस्सेदारी मारीशस की थी। 

2014-15 में सिंगापुर से एफडीआई के तौर पर 1.87 लाख रुपये आए। जबकि 2015-16 में यह रकम बढ़ कर 2.1 लाख करोड़ रुपये हो गई।

अब अगर ओवरसीज डायरेक्ट इनवेस्टमेंट की बात करें तो इसके लिए सबसे पसंदीदा जगह है मारीशस और सिंगापुर। 2014-15 और 2015-16 में कुल ओवरसीज डायरेक्ट इनवेस्ट में दोनों देशों की हिस्सेदारी 30 फीसदी के लगभग थी। इस दौरान आए एफडीआई का 92 फीसदी शेयरों में निवेश हुआ। डेट इंस्ट्रूमेंट्स में यह निवेश नहीं हुआ। जाहिर है शेयरों में एफडीआई के निवेश को संदिग्ध माना जाता है। पहले भी ऐसा हुआ है और मोदी सरकार में भी इस तरह के संदिग्ध निवेश का आना बरकरार है।

आंकड़ों की हकीकत 
आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि मारीशस और सिंगापुर से राउंड ट्रिपिंग के जरिये जो काला धन वापस देश लाया जाता था (पहले काला धन ऐसे टैक्स हैवन्स देशों में भेजा जाता है और फिर वही पैसा भारत एफडीआई निवेश के तौर पर आ जाता है)। वो बदस्तूर जारी है।

Courtesy: सबरंग इंडिया
काला धन
नोटबंदी
नरेंद्र मोदी
भाजपा

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

रोज़गार में तेज़ गिरावट जारी है

अविश्वास प्रस्ताव: विपक्षी दलों ने उजागर कीं बीजेपी की असफलताएँ

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

चुनाव से पहले उद्घाटनों की होड़

अमेरिकी सरकार हर रोज़ 121 बम गिराती हैः रिपोर्ट

नोटबंदी: वायू सेना ने सौंपा 29.41 करोड़ का बिल

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,568 नए मामले, 97 मरीज़ों की मौत 
    15 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.08 फ़ीसदी यानी 33 हज़ार 917 हो गयी है।
  • tree
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु के चाय बागान श्रमिकों को अच्छी चाय का एक प्याला भी मयस्सर नहीं
    15 Mar 2022
    मामूली वेतन, वन्यजीवों के हमलों, ख़राब स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य कारणों ने बड़ी संख्या में चाय बागान श्रमिकों को काम छोड़ने और मैदानी इलाक़ों में पलायन करने पर मजबूर कर दिया है।
  • नतालिया मार्क्वेस
    अमेरिका में रूस विरोधी उन्माद: किसका हित सध रहा है?
    15 Mar 2022
    संयुक्त राज्य अमेरिका का अपनी कार्रवाइयों के सिलसिले में सहमति बनाने को लेकर युद्ध उन्माद की आड़ में चालू पूर्वाग्रहों को बढ़ाने का एक लंबा इतिहास रहा है।
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    डिजिटल फाइनेंस: कैशलेस होती दुनिया में बढ़ते फ़्रॉड, मुश्किलें भी आसानी भी..
    15 Mar 2022
    हर साल 15 मार्च के दिन विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष कंज़्यूमर इंटरनेशनल के 100 देशों में फैले हुए 200 कंज़्यूमर समूहों ने "फेयर डिजिटल फाइनेंस" को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की थीम…
  •  Scheme Workers
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों आंदोलन की राह पर हैं स्कीम वर्कर्स?
    14 Mar 2022
    हज़ारों की संख्या में स्कीम वर्कर्स 15 मार्च यानि कल संसद मार्च करेंगी। आखिर क्यों हैं वे आंदोलनरत ? जानने के लिए न्यूज़क्लिक ने बात की AR Sindhu से।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License