NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
आर्मेनिया और अज़रबैजान के बीच लड़ाई दसवें दिन जारी
दोनों देशों ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए बार-बार किए गए अंतरराष्ट्रीय आह्वान पर ध्यान नहीं दिया।
पीपल्स डिस्पैच
07 Oct 2020
War

अर्मेनियाई और अज़रबैजान की सेना के बीच लड़ाई मंगलवार 6 अक्टूबर को दसवें दिन में प्रवेश कर गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे को लगातार हो रही झड़पों और अधिक क्षेत्रीय भागीदारी की बढ़ती संभावना को लेकर ज़िम्मेदार ठहराया। मंगलवार को, अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनियन ने कहा कि अगर लड़ाई जारी रही तो रूस उनके क्षेत्रों की रक्षा करने के लिए आएगा।

साल 1992 में अपने गठन के बाद से रूस और आर्मेनिया दोनों कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (सीएसटीओ) का हिस्सा है।

इस बीच अर्मेनिया ने यह भी कहा कि अज़रबैजान की सेना रॉकेटों और क्लस्टर बमों से नागोर्नो-काराबख क्षेत्र की राजधानी स्टेपानाकर्ट में हमले कर रही है। अज़रबैजान ने पुष्टि की कि नागोर्नो काराबख सीमा पर लड़ाई जारी है। रविवार 27 सितंबर को शुरू हुई झड़पों में सशस्त्र बल के कई जवान और आम नागरिक मारे गए हैं और दोनों देशों के बीच 1991-94 के बीच युद्ध के बाद से सबसे विनाशकारी संघर्ष माना जाता है।

मंगलवार को रूस और ईरान दोनों ने इस संघर्ष में विदेशी लड़ाके की संभावित भागीदारी को लेकर चिंता व्यक्त की। अपुष्ट रिपोर्टों में इस देश में सीरियाई विद्रोही लड़ाके के शामिल होने का पता चलता है। सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद ने रूसी समाचार एजेंसी आरआईए को दिए एक साक्षात्कार में इसकी पुष्टि की। उन्होंने इस तैनाती के लिए तुर्की को दोषी ठहराया। हालांकि, तुर्की और अज़रबैजान दोनों ने विदेशी लड़ाकों की भागीदारी से इनकार किया है।

हालांकि मंगलवार को भी कई देशों द्वारा तत्काल युद्धविराम के लिए अंतर्राष्ट्रीय आह्वान को दोहराया। लेकिन तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कैवुसोग्लू जो कि अज़रबैजान की राजधानी बाकू का दौरा कर रहे थे उन्होंने ने अब युद्धविराम की तर्कसंगतता पर सवाल उठाया। उनके अनुसार 30 साल के लंबे संघर्षविराम ने इस लड़ाई का कोई समाधान नहीं निकाला। तुर्की अज़रबैजान के साथ खुले तौर पर मिल गया है।

नागोर्नो-काराबख अज़रबैजान से अलग हुए एक क्षेत्र है जहां अर्मेनियाई लोगों की बहुलता है। साल 1994 में युद्ध विराम के बाद से यह क्षेत्र और इसके आस-पास का अज़ेरियाई क्षेत्र अर्मेनियाई नियंत्रण में रहा है। युद्धविराम के बावजूद दोनों देशों के सैनिक समय-समय पर युद्ध करते रहे हैं।

Armenia
Azerbaijan
armenia-azerbaijan war
Nagorno-Karabakh dispute

Related Stories

अर्मेनिया और अज़रबैजान ने नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र पर लड़ाई को ख़त्म करने के समझौते की घोषणा की

ईरान के पास नागोर्नो-करबाख के लिए योजना तैयार है

रूस के बाहरी इलाक़ों में अस्थिरता फैलाने की कोशिश

युद्धविराम की घोषणा के बावजूद आर्मेनिया और अज़रबैजान के बीच लड़ाई जारी

आर्मेनिया और अजरबैजान ने वार्ता के अंतरराष्ट्रीय आह्वान को नकारा, संघर्ष जारी

यूएन ने नागोर्नो काराबख को लेकर अर्मेनिया व अज़रबैजान के बीच संघर्ष समाप्त करने का आह्वान किया


बाकी खबरें

  • Antarctic Ice
    संदीपन तालुकदार
    अगले पांच वर्षों में पिघल सकती हैं अंटार्कटिक बर्फ की चट्टानें, समुद्री जल स्तर को गंभीर ख़तरा
    16 Dec 2021
    वैज्ञानिकों का कहना है कि सबसे बुरी स्थिति आने पर थ्वाइट्स ग्लेशियर के एक हिस्से में तेजी आ सकती है जो अल्प अवधि में वैश्विक समुद्री स्तर के बढ़ने में लगभग पांच प्रतिशत का योगदान दे रहा है।
  • UN WFP and USAID
    पीपल्स डिस्पैच
    इथियोपिया में पश्चिमी हस्तक्षेप की ज़मीन तैयार करने मानवीय संकट का इस्तेमाल कर रहे हैं UN WFP और USAID
    16 Dec 2021
    हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका टीवी के संपादक एलियास अमारे ने पीपल्स डिस्पैच से इथियोपिया में हालिया सैन्य घटनाक्रमों, टीपीएलएफ़ को हुए नुकसान और अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों के घालमेल पर बात की।
  • urmilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    पीएम मोदी का काशी-अभियान, क्या कहता है संविधान!
    16 Dec 2021
    प्रधानमंत्री मोदी ने सन् 2014 के संसदीय चुनाव में भ्रष्टाचार मुक्त भारत और विकास की बातें ज्यादा की थीं. लेकिन अब उनका और उनकी पार्टी का ज्यादा जोर धार्मिकता और ध्रुवीकरण के मुद्दों पर है. पिछले साल…
  • मोदी संसद में देश के सवालों का जवाब कब देंगे ?
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    मोदी संसद में देश के सवालों का जवाब कब देंगे ?
    15 Dec 2021
    वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा आज पूछ रहे हैं कि लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान किसानों को जान-बूझकर रौंदने की SIT रिपोर्ट पर आखिर प्रधानमंत्री कब तक चुप रहेंगे , और साथ ही बात कर रहे हैं…
  • उत्तर प्रदेश का चुनाव मंथन, काशी से लखीमपुर खीरी तक दांव-पर-दांव
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    उत्तर प्रदेश का चुनाव मंथन, काशी से लखीमपुर खीरी तक दांव-पर-दांव
    15 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लकदक काशी इवेंट यात्रा और लखीमपुर खीरी में एसआईटी द्वारा गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा पर इरादतन हत्या का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License