NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
असम न्यूज़ चैनलों ने गुवाहाटी में 26 ‘रोहिंग्या मुसलमानों’ के गिरफ़्तार होने की ग़लत ख़बर दिखाई
गूगल पर एक कीवर्ड सर्च करने से हमें उस घटना से संबंधित कई रिपोर्टें मिलीं. 12 सितंबर को गुवाहाटी में म्यांमार के 26 नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया था. हालांकि इनमें से कोई भी रोहिंग्या समुदाय से नहीं था. इसे असम ट्रिब्यून, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, द शिलॉन्ग टाइम्स और द सेंटिनल रिपोर्ट किया था. असम ट्रिब्यून और द सेंटिनल ने सभी 26 के नाम सूचीबद्ध किए हैं.
अर्चित मेहता
16 Sep 2021
असम न्यूज़ चैनलों ने गुवाहाटी में 26 ‘रोहिंग्या मुसलमानों’ के गिरफ़्तार होने की ग़लत ख़बर दिखाई

असम स्थित मीडिया आउटलेट DY365, असम लाइव24 और नॉर्थ ईस्ट नाउ ने रिपोर्ट किया कि गुवाहाटी में 26 रोहिंग्या मुसलमानों को फ़र्ज़ी आधार कार्ड के साथ गिरफ़्तार किया गया. नॉर्थ ईस्ट नाउ ने लिखा, “वे दिल्ली जाने की योजना बना रहे थे.”

image

image

image

ऐंकर नंदन प्रतिम शर्मा बोरदोलोई के 40 हज़ार से अधिक फ़ॉलोवर्स हैं. उन्होंने दावा किया कि 26 रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार से अवैध रूप से असम में प्रवेश करने के बाद गुवाहाटी में पलटनबाज़ार से पुलिस ने गिरफ़्तार किया.

26 Rohingya muslims entered Assam illegally from Myanmar arrested by Paltanbazar police at Guwahati. Arrested Rohingyas reveal master plan of illegal infiltration in Assam. They were allegedly carrying fake UNHCR (United Nations High Commissioner for Refugees) ID cards. pic.twitter.com/jO4J9kdSWt

— Nandan Pratim Sharma Bordoloi 🇮🇳 (@NANDANPRATIM) September 12, 2021

ये दावा DY365 के संपादक अतनु भुयन, असम स्थित मीडिया प्रोफ़ेशनल शैलेंद्र पांडे और विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर हरिओम ने भी किया.

image

image

image

फ़ैक्ट-चेक

गूगल पर एक कीवर्ड सर्च करने से हमें उस घटना से संबंधित कई रिपोर्टें मिलीं. 12 सितंबर को गुवाहाटी में म्यांमार के 26 नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया था. हालांकि इनमें से कोई भी रोहिंग्या समुदाय से नहीं था. इसे असम ट्रिब्यून, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, द शिलॉन्ग टाइम्स और द सेंटिनल रिपोर्ट किया था. असम ट्रिब्यून और द सेंटिनल ने सभी 26 के नाम सूचीबद्ध किए हैं.

image

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 महिलाओं सहित 26 म्यांमार नागरिकों को भारतीय दंड संहिता 468 (जालसाजी), विदेशी अधिनियम से संबंधित, 1946 की धाराओं, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920 और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियम 1950 के तहत गिरफ़्तार किया गया था.

स्थानीय पुलिस की सूचना के बाद इस ग्रुप को गुवाहाटी के रेहबारी इलाके में कामरूप लॉज से पकड़ा गया था. पुलिस के अनुसार, ये सभी सुबह करीब 7 बजे दो एसयूवी गाड़ियों में मिज़ोरम की राजधानी आइज़ोल से निकले थे.

TOI की रिपोर्ट में असम पुलिस का बयान छपा है जिसके मुताबिक, “पूछताछ करने पर पाया गया कि वे म्यांमार के चिन प्रांत [फलाम ज़िले] के नागरिक हैं और बाइबिल (धर्मशास्त्र) की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली जा रहे थे. हमने उनके पास से जाली भारतीय दस्तावेज जैसे आधार और वोटर कार्ड बरामद किए जो मिज़ोरम में बनाए गए थे.”

ऑल्ट न्यूज़ ने पान बाजार पुलिस स्टेशन (कामरूप लॉज से 1.5 किलोमीटर दूर) के ACP से बात की. उन्होंने कहा, “मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि 26 सदस्यों में से एक भी व्यक्ति रोहिंग्या समुदाय से नहीं है. हमने उनमें से हर व्यक्ति से अलग-अलग पूछताछ की. मालूम पड़ा कि वे ईसाई धर्म का पालन करते हैं. हम अधिक जानकारी के लिए म्यांमार के अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं.”

इसके अलावा, हमने गुवाहाटी सेंट्रल पुलिस स्टेशन के DCP राजवीर सिंह से भी बात की. उन्होंने बताया, “अंग्रेज़ी के अलावा, कुछ लोग मिज़ो में पारंगत हैं. वे पूर्वी दिल्ली में बाइबल कॉलेज जा रहे थे.” यहां तक ​​कि राजवीर सिंह ने भी इस ग्रुप के रोहिंग्या समुदाय से संबंधित होने के दावे से इनकार किया.

पाठक ध्यान दें कि बोरदोलोई ने त्रिपुरा में गिरफ़्तार रोहिंग्याओं की 2017 की एक तस्वीर पोस्ट की थी.

image

कुल मिलाकर, असम स्थित मीडिया आउटलेट्स और पत्रकारों ने झूठी रिपोर्ट दी कि 26 रोहिंग्या मुसलमानों को 12 सितंबर को गुवाहाटी पुलिस ने गिरफ़्तार किया था.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

Alt news
fact check
fake news
Rohingya
Assam
Assam News Channels

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

असम में बाढ़ का कहर जारी, नियति बनती आपदा की क्या है वजह?

असम : विरोध के बीच हवाई अड्डे के निर्माण के लिए 3 मिलियन चाय के पौधे उखाड़ने का काम शुरू

ज़मानत मिलने के बाद विधायक जिग्नेश मेवानी एक अन्य मामले में फिर गिरफ़्तार

निचले तबकों को समर्थन देने वाली वामपंथी एकजुटता ही भारत के मुस्लिमों की मदद कर सकती है

असम की अदालत ने जिग्नेश मेवाणी को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM

फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?

फ़ैक्ट चेकः योगी आदित्यनाथ ने जर्जर स्कूल की तस्वीर ग़लत दावे के साथ साझा की

फ़ैक्ट चेकः योगी ने कहा मुज़फ़्फ़रनगर दंगों में 60 हिंदू मारे गये थे, दावा ग़लत है


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License