NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आतंकवादियों से ज़्यादा जानें ले रहे हैं सड़क के गड्ढे
गड्ढों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में मौतों (5 साल में 15,000) की संख्या आतंकी हमलों में होने वाली मौतों (961) से कहीं ज़्यादा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Jul 2018
pot holes

मानसून जो कभी आनंद और रोमांच का समाचार हुआ करता था वो  आजकल टीवी पर अब हादसों के अशुभ समाचार की खबर बनता जा रहा हैI जब भी बारिश होती है तब पूरे देश में सड़को में गड्ढ़ों के कारण होने वाली मौतों की खबरें सामने आती हैं| भारत में इस तरह की मौतें सामान्य बात हो गई है| 
बारिश के मौसम में दिल्ली और मुंबई की सड़कों का हाल देख सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस मामले में संज्ञान लिया है| 20 जुलाई को ऐसे ही एक मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में सड़कों पर गड्ढ़ों के कारण हो रहे हादसों में होने वाली मौतों पर चिंता व्यक्त की है। 
जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि सड़कों में गड्ढ़ों के कारण दुर्घटना में मारे जाने वाले लोगों के परिजन को मुआवज़े का हक होना चाहिए। क्योंकि ऐसे मामलो में मारे जाने वाले लोगों के परिजनों को किसी भी प्रकार की सहायता नहीं दी जाती|
हाल में कुछ ही मिनटों की बारिश के बाद ही दिल्ली में एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसमें मिंटो रोड पर एक बस पानी में डूबी नजर आ रही थी| कोर्ट ने कहा कि थोड़ी सी बारिश होने के बाद ये हाल हो गया है अगर ज़्यादा बारिश होगी तो क्या हाल होगा?
इसे भी पढ़े : क्या भाजपा हेडक्वार्टर की वजह से जलमग्न हो रहा है मिंटो रोड?
इस स्थिति को भयावह बताते हुए पीठ ने कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति की जिंदगी और मौत से जुड़े गहरे सवाल उठता  है। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस केएस राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा पर समीति गठित की गई है और सड़क सुरक्षा पर दो हप्ते में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहाI 
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खंडपीठ ने कहा कि सड़कों के गड्ढों के कारण बड़ी संख्या में देश में मौतें हो रही हैं। एक रिपोर्ट का हवाला देते हए कहा कि गड्ढ़ों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों की संख्या आतंकी हमलों में होने वाली मौंतों से कहीं ज्यादा है।
इस रिपोर्ट के अनुसार जो आँकड़ें सामने आए हैं वो सही में चौंकाने वाले, भयावह  और चिंताजनक हैं| 2017 में ही 3,597 मौतें इन गढ्डो से हुई| इसी दौरान आतंकी घटनाओं में 40 लोगों की मौत हुई|

वर्ष  

2013

2014

2015

2016

2017

कुल

आतंकी घटनाओं में हुई मौतें

303

407

181

30

40

961

सड़क गड्ढ़ों के कारण हुई मौतें

2614

3039

3416

2324

3597

14,990

 

गड्ढों से मौत पर  राज्य द्वारा केंद्र को 2017 में भेजे गए आकड़ों के अनुसार यूपी का नम्बर अव्वल है –

 

राज्य

मौत

1.उत्तर प्रदेश

987

2.महाराष्ट्रा

726

3.हरियाणा

522

4 गुजरात

228

इस सूचि को ध्यान से देखें तो पाएँगे कि टॉप चार राज्यों में चारों राज्य भाजपा शासित है | सबसे चौकाने वाली बात है कि यूपी में भाजपा की सरकार का नारा था कि यूपी अब गड्ढा मुक्त होगा लेकीन वास्तविकता इससे कोसो दूर है |

कोर्ट ने ऐसी घटनाओं पर निराशा जताई और कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है|  इस मसले से सबंधित सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को समन जारी किया है | पुलिस ने कहा कि उन्हें अतिक्रमण हटाने में दो वर्ष लगेगा ,कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से पूछा कि सड़कों पर अवैध अतिक्रमण को हटाने में 2 साल का समय क्यों लगेगा ? इस मामले की अगली सुनवाई 10 दिनों बाद होगी।

सड़कों पर अवैध अतिक्रमण और यातायात असुविधाओं को लेकर स्पेशल टास्क फोर्स ने फरवरी 2017 में एक रिपोर्ट सौंपी थी | उस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से कहा कि दिल्ली की जनता के लिए वे इस सवाल का जवाब दें कि अब तक ये काम क्यों नहीं हुआ |
इस मसले पर पुलिस की ओर से कहा गया कि सड़कों पर अवैध अतिक्रमण के लिए पुलिस कमिश्नर ज़िम्मेदार नही है | इस पर कोर्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि अगर आप चाहते हैं तो कोर्ट में दिल्ली के उप राज्यपाल समेत उन क्लर्को को भी यहाँ बुला सकतें हैं जो फाइलों को एक मेज़ से दूसरी मेज़ तक ले जाते हैं | कोर्ट की ये चिंताए उचित हैं लेकिन हमारी सरकारें इन अति महत्वपूर्ण मसलों को लेकर कितनी गंभीर है ये बड़ा सवाल है ? क्योंकि इनको ठीक करने की ज़िम्मेदारी कार्यपालिका की है |

pot holes
Uttar pradesh
terrorist attack

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी बवाल


बाकी खबरें

  • Mehsi oyster button industry
    शशि शेखर
    बिहार: मेहसी सीप बटन उद्योग बेहाल, जर्मन मशीनों पर मकड़ी के जाल 
    26 Oct 2021
    बिहार के पूर्वी चंपारण के मेहसी स्थित विश्व प्रसिद्ध सीप-बटन उद्योग की मशीनों पर मकड़ी के जाले लग चुके हैं। बिजली की सप्लाई नहीं है। उद्योग यूनिट दर यूनिट बंद हो रहे हैं। इस उद्योग के कारीगर पंजाब-…
  • coal crisis
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोयला संकट से होगा कुछ निजी कंपनियों को फायदा, जनता का नुकसान
    26 Oct 2021
    कोयले के संकट से देश में बिजली की किल्लत हो रही है। इस किल्लत की वजह क्या है? इस संकट से किसको फायदा और किसको नुकसान होगा? जानने के लिए न्यूज़क्लिक ने बात की पूर्व कोयला सचिव अनिल स्वरुप से
  • Biden’s Taiwan Gaffe Meant no Harm
    एम. के. भद्रकुमार
    ताइवान पर दिया बाइडेन का बयान, एक चूक या कूटनीतिक चाल? 
    26 Oct 2021
    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पिछले गुरुवार को सीएनएन टाउन हॉल में यह कहा है कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो वाशिंगटन उसकी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों का स्थायी नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन, हड़ताल की चेतावनी दी
    26 Oct 2021
    लगभग 3500 से अधिक कर्मचारी दिल्ली के तीनों नगर निगम में अनुबंध के आधार पर काम कर रहे हैं। राजधानी में डेंगू और अन्य ऐसी महामारी की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद ये ठेके प्रथा के तहत कार्यरत…
  • instant loan
    शाश्वत सहाय
    तत्काल क़र्ज़ मुहैया कराने वाले ऐप्स के जाल में फ़ंसते नौजवान, छोटे शहर और गाँव बने टार्गेट
    26 Oct 2021
    इन ऐप्स के क़र्ज़ वसूली एजेंटों की ओर से किये जा रहे उत्पीड़न के चलते 2020 और 2021 के बीच पूरे भारत में कम से कम 21आत्महत्याएं हुई हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License