NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
बात बोलेगी : क्या हम कश्मीर को भारत का फिलिस्तीन बनाने की राह पर बढ़ रहे हैं !
इस जश्न में, मैसेजों की बाढ़ में कश्मीर-कश्मीरियों के प्रति इतनी नफरत उड़ेल दी गई है, जो लंबे समय लावे की तरह वादी में सुलगता रहेगा।
भाषा सिंह
05 Aug 2019
article 370
Image Courtesy: HuffPost India

कश्मीर के श्रीनगर के डॉउन टाउन लाल चौक में जमीन 11 लाख रुपये में जीएसटी के साथ मिल रही है, डल झील के किनारे फ्लैट बुक करिये, कश्मीर में सेब का बगीचा खरीदिए, इंडस्ट्री लगाइये....कश्मीर से अनुच्छेद 370 हट गया है लिमिटेड स्टॉक है...ये सारा प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया पर दिन भर से चल रहा है। ये सारी फेक न्यूज के रूप में ही सामने आ रही है, लेकिन इससे पता चलता है कि किस तरह से कश्मीर पर भारत के कब्जे का जश्न मनाया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर जिस तरह से कश्मीर पर कश्मीरियत के खिलाफ, कश्मीरी अवाम के खिलाफ मैसेज की बाढ़ आई, वह इस ब्रिगेड की तैयारी बताती है। तमाम व्हाट्सअप मैसेज में  प्रधानमंत्री जवाहरनेहरू को कश्मीर के खलनायक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कश्मीर को भारत में मिलाने वाले हीरो के तौर पर  दिखाया जा रहा है...। इस तरह के लाखों मैसेज करोड़ों लोगों के फोन-सोशल मीडिया पर पहुंचाएं गए, शेयर हुए और देश भर में जश्न का माहौल बनाया गया।

इस जश्न में, मैसेजों की बाढ़ में कश्मीर-कश्मीरियों के प्रति इतनी नफरत उड़ेल दी गई है, जो लंबे समय लावे की तरह वादी में सुलगता रहेगा। मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने और राज्य को विभाजित करने की जो घोषणा की है, औऱ संसद में जिस तरह से विपक्षी दलों का बड़ा हिस्सा उसकी विभाजनकारी तान पर कदम-ताल लगा रहा था, उससे यह साफ हो गया कि वाकई देश का बड़ा हिस्सा कश्मीर के साथ नहीं है। कश्मीर का एक बड़ा हिस्सा जो आजादी के बाद से ही भारत को संदेह की दृष्टि से देखता था, उसकी इस सोच पर आज हमने मुहर लगा दी।

इस बारे में भाजपा को कश्मीर की सत्ता में शिरकत देने वाली पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती ने सबसे पहले बोला। महबूबा मुफ्ती हों या नेशनल कॉन्फ्रेस के उमर अब्दुल्ला या कश्मीर के बाकी राजनेता सबके लिए मोदी सरकार ने करो या मरो से हालात पेश कर दिये है। कश्मीर पहले से दुनिया का सबसे अधिक सैन्यीकृत इलाका था और अब तो हम सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि हालात कितने खराब होंगे। इस समय भी कश्मीर में सैन्य बलों की खूंखार तैनाती है, युद्ध सा माहौल है और आने वाला दौर भी बंदूक की नली से ही होकर गुजरता दिखाई दे रहा है।  

इस पूरे प्रकरण में एक चीज और उभर कर सामने आई है कि 2014 से सत्ता में आने के बाद से अब तक यह सरकार का पहला बड़ा फैसला है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नहीं की। सत्ता के केंद्र में अब गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह है, इसका ऐलान भी कश्मीर के इस फैसले के साथ किया गया। इसीलिए आप पाएंगे कि सोशल मीडिया पर इस बार 80 फीसदी अमित शाह के नाम के जयकारे लग रहे हैं, बाकी में प्रधानमंत्री मोदी तो बने ही हुए हैं। सत्ता की कमान अब मोदी से अमित शाह की ओर जा चुकी है, हालांकि पब्लिक फेस अभी मोदी ही हैं। संसद को विपक्ष हीन करने की मुहर भी अमित शाह के दौर में लग रही है। जिस तरह से कश्मीर के विभाजन और विंध्वस पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों को छोड़कर बाकी तकरीबन सबने सरकार का साथ दिया वह डराने वाला है। लोकतंत्र अगर विपक्ष मुक्त है, तब वह कैसा लोकतंत्र है, ये सवाल पूछने वाली भी सदन में कोई सशक्त आवाज नहीं रही।

इस लोकसभा चुनावों के दौरान जब मैं रिपोर्टिंग के लिए कश्मीर गई थी तो वहां बड़ी तादाद में लोगो का मानना था कि मोदी कश्मीर को जन्नत से जहन्नुम में तब्दील कर देंगे। कुछ ही महीनों में उनका यह दुस्वप्न साकार हो गया।

कश्मीर के एक सूफी संत की कुछ पंक्तियां हैं, जो इस समय बुरी तरह से छले जाने के भाव से पीड़ित कश्मीर की वादियों में गूंज रही होगी। इसका अर्थ है...मुझे अभी कितना चलना है इसकी कोई हद नहीं है..मैं अपने चले हुए रास्ते के निशान मिटाती जाऊंगी, ताकि दूरी का अहसास ही खत्म हो जाए...मुझे पता है मेरे आंसू, मेरी आह, मेरी वेदना किसी काम नहीं आएगी। ..चलो हम जानबूझकर नाकाम हो जाते है, मैं शाम बनकर सो जाऊं और तुम सुबह होकर खो जाओ

आज शायद हर भारतीय नागरिक को खुद से पूछना होगा क्या हम वाकई कश्मीर को भारत का फिलिस्तीन बनाने की राह पर जा रहे हैं। क्या हम अपने एक राज्य को ऐसे जलता छोड़ कर सूकून की नींद सो सकते हैं, क्या यह तपिश हम तक नहीं पहुंचेगी। 

Jammu and Kashmir
Article 370
Article 35(A)
BJP Govt
Narendra modi
Congress

Related Stories

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक

ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल के ‘गुजरात प्लान’ से लेकर रिजर्व बैंक तक

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब में राघव चड्ढा की भूमिका से लेकर सोनिया गांधी की चुनौतियों तक..

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक

कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते


बाकी खबरें

  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उप्र चुनाव: 'कैराना पलायन' के उलट बुंदेलखंड से पलायन चुनावी मुद्दा क्यों नहीं बनता
    04 Feb 2022
    बुंदेलखंड में कई गांव वीरान दिखाई देते हैं। बांस, मिट्टी, फूस, पुआल और कच्ची ईंटों से बने मकानों पर ताले लटके हुए हैं। कथित 'कैराना पलायन' के इसके विपरीत यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर हो रहे विस्थापन के…
  • UttarPradesh
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: नहीं चल पा रहा ध्रुवीकरण का कार्ड
    04 Feb 2022
    तमाम कोशिशों के बाद भी यूपी में बीजेपी का हिंदू-मुस्लिम का कार्ड नहीं चल पा रहा है। पश्चिम UP से आने वाली ग्राउंड रिपोर्ट्स बता रही हैं कि ध्रुवीकरण तो नहीं ही हुआ, उल्टे जाट समुदाय में, किसानों में…
  • CPIM
    भाषा
    नोएडा : रालोद- सपा गठबंधन के प्रत्याशियों को समर्थन देगी माकपा
    04 Feb 2022
    ग्रेटर नोएडा के स्वर्ण नगरी में स्थित प्रेस क्लब में बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान माकपा के जिला प्रभारी गंगेश्वर दत्त शर्मा ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (…
  • tomar
    भाषा
    सरकार विधानसभा चुनावों के बाद एमएसपी समिति गठित करने के लिए प्रतिबद्ध : तोमर
    04 Feb 2022
    तोमर ने कहा कि एमएसपी पर समिति बनाने का मामला मंत्रालय के विचाराधीन है और विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद इसका गठन किया जाएगा।
  • RRb
    भाषा
    रेलवे ने आरआरबी परीक्षा प्रदर्शन को लेकर दो लाख अभ्यर्थियों से संपर्क साधा
    04 Feb 2022
    रेलवे ने एनटीपीसी और ‘लेवल-1’ की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे अभ्यर्थियों से संपर्क साधना शुरू किया है और बृहस्पतिवार को उसने करीब दो लाख विद्यार्थियों से…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License