NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
यूरोप
बेलारूस में राष्ट्रपति लुकाशेंको के हालिया चुनाव के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन जारी
प्रदर्शनकारियों ने रविवार के चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया जिसमें लुकाशेंको ने 80% से अधिक मतों के साथ अपना छठा कार्यकाल जीत लिया।
पीपल्स डिस्पैच
13 Aug 2020
be

हाल में राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको के फिर से चुनाव का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बेलारूस में सरकार द्वारा हिंसक कार्रवाई में बुधवार 12 अगस्त को एक अन्य प्रदर्शनकारी की मृत्यु हो गई। गोमेल में पुलिस हिरासत में 25 वर्षीय इस प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। इनके मौत का कारण ज्ञात नहीं है। रविवार 9 अगस्त को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान राजधानी मिन्स्क में सोमवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सरकारी कार्रवाई की निंदा करते हुए सफेद कपड़े पहने हुए हज़ारों महिलाओं ने बुधवार को मिन्स्क की सड़कों पर रैली निकाली।

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पिछले चार दिनों में पुलिस की कार्रवाई में 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं और 6000 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। बुधवार को यूनाइटेड नेशन्स हाई कमिश्नर मिशेल बैचेलेट ने एक औपचारिक बयान जारी किया जिसमें कहा कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सरकार की सख्त कार्रवाई "अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है"।

रूस और अन्य यूरोपीय देशों के कई समाचार संवाददाताओं ने इस विरोध प्रदर्शनों को कवर करते हुए बेलारूसी अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

रविवार 9 अगस्त को राष्ट्रपति चुनावों के परिणामों की घोषणा के तुरंत बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। साल 1994 से सत्ता में रहे राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने इस चुनाव में 80% से अधिक मतों से जीत हासिल की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी स्वेतलाना तिखानवोसकाया को लगभग 10% मत मिले। उनके समर्थक बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगा रहे हैं और लुकाशेंको के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं।

स्वेतलाना तिखानोसकाया ने अपनी जान को लेकर ख़तरा होने की बात कहते हुए देश छोड़ दिया और वर्तमान में लिथुआनिया में होने की जानकारी दी।

लुकाशेंको ने दावा किया है कि इस विरोध प्रदर्शन के पीछे विदेशी ताकतें शामिल हैं। इस बीच लिथुआनिया, पोलैंड और लात्विया की सरकारों ने लुकाशेंको और तिखानवोसकाया के बीच मध्यस्थता की पेशकश की और साथ ही धमकी दी है कि अगर उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया जाता है तो प्रतिबंध लगाया जाएगा।

Belarus
protest in belarus
protest in belarus against president

Related Stories

यूक्रेन ने रूस के साथ बेलारूस में वार्ता से किया इनकार, रुसी सेना खारकीव में घुसी

तूफ़ान के केंद्र में यूक्रेन और बेलारूस

बेलारूस : प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने पर दो महिला पत्रकारों को जेल भेजा गया

बेलारूस में विरोध का अंतिम चरण अब दिखने लगा

रूस के बाहरी इलाक़ों में अस्थिरता फैलाने की कोशिश

कई मोर्चों पर भड़कता अमेरिका-रूस तनाव

 बेलारूस पर यूरोपीय संघ का दृष्टिकोण रूस के लिए है महत्वपूर्ण

लुकाशेंको के समर्थन में मिंस्क में हज़ारों लोग इकठ्ठा हुए 


बाकी खबरें

  • भाषा सिंह
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट: झमाझम बारिश के बीच देश के लिए लड़ते किसान
    13 Jun 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह न्यूज़क्लिक की टीम के साथ पहुंची दिल्ली के टिकरी बॉर्डर के पकौड़ा चौक में ‘गुलाब बीबी कौर नगर’। जहां आज किसानों ने बीके-16 यानी भीमा कोरेगांव मामले में…
  • कोविड टीकाकरण: क्या यह देश का पहला Vaccine Drive है?
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोविड टीकाकरण: क्या यह देश का पहला Vaccine Drive है?
    13 Jun 2021
    देश में कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए टीकाकरण जारी है। पर क्या यह देश का पहला वैक्सीन ड्राइव है ? भारत में पहले महामारियों से लड़ने के लिए किस तरह के टीकाकरण अभियान चलाए गए थे? इतिहास के पैन के इस…
  • coronavirus
    प्रभात पटनायक
    संपत्ति अधिकार और महामारी से मौतें
    13 Jun 2021
    टीके की कमी के चलते– एक बनावटी कमी जो निजी संपत्ति अधिकारों को बचाने के कारण से पैदा हुई है– एक वर्ग के लोगों की जिंदगी को दूसरे वर्ग के लोगों की ज़िंदगी के खिलाफ खड़ी कर दी गयी हैं।
  • book
    अजय कुमार
    नौकरी छोड़ चुके सरकारी अधिकारी का कुछ लिखने से पहले सरकार की मंज़ूरी लेना कितना जायज़?
    13 Jun 2021
    यह अंदेशा ग़लत नहीं कहा जा सकता कि सरकार खुलकर कह रही है कि ख़बरदार! अगर नौकरी छोड़ने के बाद भी कुछ ऐसा बोला या लिखा जिससे सरकार पर आंच पड़े तो अंजाम बुरा हो सकता है।
  • तिरछी नज़र: टीका न हुआ, रायता हो गया, सब फैलाए जाते हैं
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: टीका न हुआ, रायता हो गया, सब फैलाए जाते हैं
    13 Jun 2021
    मोदी जी के कहने से कोरोना को भगाने के लिए ताली-थाली बजाने वाले हम भला मोदी जी की बात क्यों टालते। तो मोदी जी की बात मान कर हमने टीका लगवाने की ठान ही ली, लेकिन...
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License