NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
अंतरराष्ट्रीय
COVID-19 के समय श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच बांग्लादेश में गारमेंट फैक्ट्रियां खुलीं
काम को फिर से शुरू करने से श्रमिकों को कुछ राहत मिल सकती है लेकिन अधिकांश फैक्ट्रियों में पर्याप्त सुरक्षा उपायों की अनुपस्थिति के चलते बीमारी के प्रसार को लेकर चिंता गहराई ।

पीपल्स डिस्पैच
29 Apr 2020
bangladesh

मार्च महीने के वेतन के वितरण में देरी और संशय के बीच 28 अप्रैल को बांग्लादेश में हज़ारों रेडीमेड गारमेंट श्रमिक काम पर लौट आए। हज़ारों अन्य प्रवासी श्रमिकों के क़िस्मत को लेकर भी अनिश्चितता थी जो देश के विभिन्न हिस्सों से राजधानी ढाका आए।

डेली स्टार के अनुसार कुल 7602 गार्मेंट फैक्ट्रियों में से 2916 मंगलवार को खोले गए। बांग्लादेश गार्मेंट मैन्यूफैक्चरर एंड एक्सपोर्ट असोसिएशन (बीजीएमईए) को उम्मीद है कि जल्द ही और कारखाने खुलेंगे।

बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज़ज्मां खान के अनुसार एमजीएमईए के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद, घोषणा की गई कि ढाका शहर की सीमा के बाहर से किसी भी कर्मचारियों को अब शहर के अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बैठक में ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद नहीं थे।

COVID-19 के प्रकोप के चलते बांग्लादेश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है, जिससे फैक्ट्री ने अपने उत्पादन को बंद कर दिया। बांग्लादेश में 28 अप्रैल तक COVID-19 संक्रमण के लगभग 6462 मामले सामने आए हैं और इससे 155 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में 500 से अधिक नए मामलों की सूचना है।

कारखानों को फिर से खोलने से उन श्रमिकों को राहत मिल सकती है, जिन्हें मार्च महीने के वेतन के भुगतान में देरी हो रही है। हालांकि मज़दूरों के विरोध और ट्रेड यूनियनों के हस्तक्षेप के बाद उनके वेतन का कुछ हिस्सा मिला जबकि उनके वेतन बाकी हिस्सा अभी लंबित है।

कारखानों का इस समय फिर से खोलना जब COVID-19 से संक्रमण की संख्या अभी भी बढ़ रही है ऐसे में ये श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता पैदा करता है।

हालांकि कुछ कारखानों ने श्रमिकों के लिए हाथ धोने, मास्क और डिस्पोजेबल कैप का इंतज़ाम किया है, वहीं कुछ कारखानों ने श्रमिकों के लिए बुखार जांचने की व्यवस्था भी की, अधिकांश अन्य कारखाने अभी भी अत्यधिक संक्रामक वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अनिवार्य रूप से पर्याप्त सामाजिक दूरी के मानदंडों को लागू करने में विफल रहे।

यहां तक कि कम से कम सुरक्षात्मक सुविधाएं भी बड़ी संख्या में कारखानों में नहीं थे। बड़ी संख्या में श्रमिकों ने काम करने के लिए परिवहन सुविधाओं की कमी के बारे में भी शिकायत की।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने उत्पादन इकाइयों और सरकारों को काम शुरू करने से पहले श्रमिकों सहित सभी हितधारकों के साथ बातचीत के माध्यम से उचित जोखिम आंकलन करने का एक दिशानिर्देश जारी किया था। आईएलओ ने जोर दिया है कि कार्यस्थलों को सख्त व्यावसायिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों को पूरा करने की आवश्यकता है।

हालांकि, बांग्लादेश की अधिकांश फैक्ट्रियों में जगह कम होती जिसके चलते बहुत कम संख्या में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी शारीरिक दूरी बनाना मुश्किल हो जाता है। सरकार और कारखानों के मालिक अक्सर ट्रेड यूनियनों की आवाज़ को दबाते हैं।

Bangladesh
bangladesh worker
bangladesh garment worker in corona
garment workers

Related Stories

वैश्विक फैशन ब्रांड महामारी के दौरान 6 एशियाई देशों में मानवीय संकट के कारण बने : रिपोर्ट

बांग्लादेश के शिप ब्रेकिंग उद्योग में लगातार हो रही हैं मौतें


बाकी खबरें

  • रवि कौशल
    एसकेएम का ऐलान : 29 नवंबर से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर संसद पहुंचना शुरू करेंगे किसान
    10 Nov 2021
    नई दिल्ली: मंगलवार को एक लंबी बैठक के बाद सम्युक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने ऐलान किया है कि दिल्ली में सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर से हज़ारों किसान संसद की तरफ़ कूच करेंगे। सम्युक्त कि
  • love story
    अनीश तोरे
    "लव स्टोरी": महज़ एक प्रेम कथा नहीं?
    10 Nov 2021
    शेखर कम्मुला की नयी फ़िल्म नव-उदार भारत में रहने के अंतर्विरोधों को कुशलता के साथ दर्शाती है।
  • अब्दुल अलीम जाफ़री
    किसान आंदोलन: 26 नवंबर को लखनऊ में होगी 'किसान महापंचायत'
    10 Nov 2021
    बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने घोषणा की है, 'यह महापंचायत केंद्र के ताबूत में आख़िरी कील साबित होगी', जिसमें पूर्वांचल, पश्चिम यूपी, बुंदेलखंड के किसान हिस्सा लेंगे।
  • संदीपन तालुकदार
    अमीरों द्वारा किए जा रहे कार्बन उत्सर्जन से ख़तरे में "1.5 डिग्री सेल्सियस" का लक्ष्य
    10 Nov 2021
    बेहद अमीर लोगों की विलासितापूर्ण चमक-दमक वाली जीवनशैली से COP26 जैसे सम्मेलनों के ज़रिए मौसम परिवर्तन को रोकने के लिए जो संकल्प लिए जा रहे थे, वे ख़तरे में पड़ गए हैं।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    हिसार में एसपी दफ़्तर का घेराव, डीयू छात्रा को श्रद्धांजलि और अन्य ख़बरें
    09 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी हिसार में एसपी दफ़्तर का हुआ घेराव, डीयू छात्रा को दी गई श्रद्धाजंलि और अन्य ख़बरों पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License