NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार: मंदिर निर्माण से होगा महिला सशक्तिकरण ?
बिहार एक पिछड़ा राज्य है जहाँ कई सरकारी विभाग में कार्य कर रहे कर्मचारीयों को तनख्वाह नहीं मिल रही है,वही नीतीश और भाजपा गठबंधन की की सरकार 48.52 करोड़ रु की लागत से जानकी मंदिर के भव्य निर्माण करने जा रही है |
मुकुंद झा
25 Apr 2018
बिहार
Image Courtesy: navbharat.com\ANI

भारत में धर्म के जरिए राजनीतिक सत्ता तक पहुँचने की कोशिश कोई नई बात नहीं हैI आधुनिक बिहार में अब यही कोशिश नीतीश कुमार करने की कोशिश कर रहे  | बिहार एक पिछड़ा राज्य है जहाँ कई सरकारी विभाग में कार्य कर रहे कर्मचारीयों को तनख्वाह नहीं मिल रही है, वहीं नीतीश और भाजपा गठबंधन की सरकार 48.52 करोड़ रु की लागत से  जानकी मंदिर के भव्य निर्माण करने जा रही | साथ ही रामनवमी के तर्ज़ पर जानकी नवमी बनाने की बात कही जा रही है और जानकी नवमी की राज्य में सार्वजनिक छुट्टी की भी घोषणा नीतीश कुमार ने की है | जबकि पिछले महीने राज्य के कई इलाकों रामनवमी पर हिंसा की आग में जल रहे थे, उस स्थिति में इस तरह की घोषणा समझ से पड़े है |

 बिहार के मुख्यमंत्री एक तरफ पिछले कई वर्षो से राज्य के पिछड़े होने और संसाधनों के कमी का रोना रो रहे हैं, केंद्र से लगतार इसके लिए विशेष आर्थिक पैकेज की माँग कर रहे है| वही दूसरी ओर  राज्य की ऐसी परिस्थिति में राज्यकोष से  48.52 करोड़ रु मंदिर निर्माण में देकर धर्म के आधार पर तुष्टीकरण करने में सरकारी कोष का प्रयोग कर रहे है | इसके लिए वो तर्क दे रहे है की ये महिला सशक्तिकरण के लिए हैI ये तो नीतीश कुमार ही बता सकते हैं कि मंदिर निर्माण से महिला सशक्तिकरण कैसे होगा?

अभी बीते दिनों ही नीति आयोग के  सीईओ अमिताभ कान्त ने अपने एक वक्तव्य में बिहार राज्य को पिछड़ा राज्य बताया, जिसके बाद से बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है | परन्तु ये सत्य है की बिहार राज्य के हालत कोई बहुत अच्छे भी नहीं हैं | ऐसे में सरकार को राज्य के विकास में ध्यान देने की आवश्यकता है, राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोज़गार के हालात बहुत ही खराब हैं | जिस कारण बिहार से लोगों का काफी बड़े पैमाने पर पलायन जारी है|

वहीं कुछ दिनों पहले ही पूरा राज्य रामनवमी के दौरान हिंसा की आग में जल उठा था, उसमें काफी बड़े स्तर पर जान-माल का नुकसान हुआ| बड़ी प्रयासों के बाद स्थिति सामन्य होने लगी है | जिस राज्य में अभी-अभी धर्म के आधर पर भड़की हिंसा की आग ठीक से बुझी भी नहीं, ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री का ये बयान कि रामनवमी की तरह अब जानकी नवमी को भी बड़े स्तर पर उत्सव की तरह मनाया जाएगा, साथ इसके प्रोत्साहन करने के लिए इस अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश की बात कही है|

जो की इससे पूर्व में बिहार की संस्कृति नही रही है, यहाँ लोग जो जानकी जन्मोत्सव को मानते हैं लेकिन अपने स्तर पर| कभी भी इस तरह का बड़ा आयोजना नहीं होता, परन्तु अब सरकार इसमें अपनी रूचि दिखा रही हैI इस पर वहाँ के राजनीतिक कार्यकर्ताओ का कहना है की ये 2019 चुनाव की तैयारी है | जिसमें भाजपा गठबंधन धर्मिक धुर्विकरण कर जीतना चाहती है |

 

बिहार
नितीश कुमार
सीतामढ़ी बिहार
हिंदुत्व
जनकनवमी
रामनवमी
सांप्रदायिक हिंसा

Related Stories

बढ़ते हुए वैश्विक संप्रदायवाद का मुकाबला ज़रुरी

महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय: आनिश्चित काल के लिए हुआ बंद

मध्यप्रदेश: एक और आश्रयगृह बना बलात्कार गृह!

मुज़फ्फरपुर सुधारगृह कांड: बिहार सरकार ने मुख्य आरोपी के अखबार को दिये थे लाखों के विज्ञापन

बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के खस्ता हाल

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

बिहार: सामूहिक बलत्कार के मामले में पुलिस के रैवये पर गंभीर सवाल उठे!

नई नीति बिहार में सरकारी स्कूलों की वास्तविकता को उज़ागर करती हैं

राजा महेंद्र प्रताप की प्रगतिशीलता बनाम भाजपा की कट्टरता

सीपीआई (एम) ने संयुक्त रूप से हिंदुत्व के खिलाफ लड़ाई का एलान किया


बाकी खबरें

  • समीना खान
    ज़ैन अब्बास की मौत के साथ थम गया सवालों का एक सिलसिला भी
    16 May 2022
    14 मई 2022 डाक्टर ऑफ़ क्लीनिकल न्यूट्रीशन की पढ़ाई कर रहे डॉक्टर ज़ैन अब्बास ने ख़ुदकुशी कर ली। अपनी मौत से पहले ज़ैन कमरे की दीवार पर बस इतना लिख जाते हैं- ''आज की रात राक़िम की आख़िरी रात है। " (राक़िम-…
  • लाल बहादुर सिंह
    शिक्षा को बचाने की लड़ाई हमारी युवापीढ़ी और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई का ज़रूरी मोर्चा
    16 May 2022
    इस दिशा में 27 मई को सभी वाम-लोकतांत्रिक छात्र-युवा-शिक्षक संगठनों के संयुक्त मंच AIFRTE की ओर से दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित कन्वेंशन स्वागत योग्य पहल है।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है!
    16 May 2022
    फ़िल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी का कहना है कि ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि किसान का बेटा भी एक फिल्म बना सके।
  • वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: क्षमता से अधिक पर्यटक, हिमालयी पारिस्थितकीय के लिए ख़तरा!
    16 May 2022
    “किसी स्थान की वहनीय क्षमता (carrying capacity) को समझना अनिवार्य है। चाहे चार धाम हो या मसूरी-नैनीताल जैसे पर्यटन स्थल। हमें इन जगहों की वहनीय क्षमता के लिहाज से ही पर्यटन करना चाहिए”।
  • बादल सरोज
    कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी
    16 May 2022
    2 और 3 मई की दरमियानी रात मध्य प्रदेश के सिवनी ज़िले के गाँव सिमरिया में जो हुआ वह भयानक था। बाहर से गाड़ियों में लदकर पहुंचे बजरंग दल और राम सेना के गुंडा गिरोह ने पहले घर में सोते हुए आदिवासी धनसा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License