NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बीस सवाल, जो मीडिया नरेंद्र मोदी से नहीं पूछता
कार्यकाल के तीन साल पूरे होने के बाद इन वादों और उन पर हुई प्रगति के बारे में पूछा जाना चाहिए.
दिलीप मंडल
17 Jun 2017
बीस सवाल, जो मीडिया नरेंद्र मोदी से नहीं पूछता

बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने घोषणापत्र में भारत की जनता से कुछ वादे किए थे, जिन्हें पांच साल में पूरा किया जाना था. बीजेपी ने यह भी कहा था कि जो कहते हैं, वह करते हैं. बीजेपी ने जो कहा था, और नहीं किया, उससे संबंधित कुछ सवाल. ये सारे सवाल बीजेपी के 2014 लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र से निकले हैं. कार्यकाल के तीन साल पूरे होने के बाद इन वादों और उन पर हुई प्रगति के बारे में पूछा जाना चाहिए.
 

  1. देश में 100 नए शहर कब तक बसाए जाएंगे?
  2. देश के सबसे पिछड़े 100 जिलों को विकसित जिलों में शामिल होना था, वह काम कब शुरू होगा.
  3. राष्ट्रीय वाइ-फाई नेटवर्क बनना था. वह काम कब शुरू होगा?
  4. बुलेट ट्रेन की हीरक चतुर्भुज योजना का काम कहां तक आगे बढ़ा है?
  5. कृषि उत्पाद के लिए अलग रेल नेटवर्क कब तक बनेगा?
  6. हर घर को नल द्वारा पानी की सप्लाई कब तक शुरू होगी?
  7. जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष न्यायालयों का गठन कब होगा?
  8. बलात्कार पीड़ितों और एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं के लिए विशेष कोष कब तक बनेगा?
  9. वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता देने के वादे का क्या हुआ?
  10. किसानों को उनकी लागत का कम से कम 50% लाभ देने की व्यवस्था होने वाली थी. उसका क्या हुआ?
  11. 50 टूरिस्ट सर्किट बनने वाले थे. कब बनेंगे?
  12. अदालतों की संख्या दोगुनी करने के लक्ष्य का क्या हुआ?
  13. न्यायपालिका में महिलाओं की संख्या बढ़ाने की दिशा में पहला कदम कब उठाया जाएगा?
  14. जजों की संख्या दोगुनी करने की दिशा में कितनी प्रगति हुई है?
  15. फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को तीन हिस्सों में बांटने की योजना का क्या हुआ?
  16. महिला आईटीआई की स्थापना कब होगी?
  17. महिलाओं द्वारा संचालित बैंकों की स्थापना होनी थी. ऐसे कितने बैंक बने?
  18. हर राज्य में एम्स जैसे संस्थानों की स्थापना होनी थी. कितने राज्यों में इनका काम शुरू हुआ है? बाकी राज्यों में कब काम शुरू होगा?
  19. बैंकों के खराब कर्ज यानी एनपीए को कम करने की सरकार के पास क्या योजना है?
  20. नदियों को साफ करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के काम में कितनी प्रगति हुई है?

 
ऐसे वादों की लिस्ट बहुत लंबी है. और फिर ये तो लिखित वादे हैं. नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभाओं में जो वादे किए थे, उनकी तो फिलहाल बात भी नहीं हो रही है.

Courtesy: सबरंग इंडिया
भाजपा
नरेंद्र मोदी
जुमला
अमित शाह

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

रोज़गार में तेज़ गिरावट जारी है

अविश्वास प्रस्ताव: विपक्षी दलों ने उजागर कीं बीजेपी की असफलताएँ

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

चुनाव से पहले उद्घाटनों की होड़

अमेरिकी सरकार हर रोज़ 121 बम गिराती हैः रिपोर्ट

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध


बाकी खबरें

  • भाषा
    दिल्ली विधानसभा : भाजपा के दो विधायकों को मार्शल ने सदन से बाहर निकाला
    29 Mar 2022
    दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों द्वारा कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दे उठाए जाने के दौरान कथित रूप से व्यवधान डालने पर विधानसभा अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक…
  • नाइश हसन
    सियासत: दानिश अंसारी के बहाने...
    29 Mar 2022
    बीजेपी ने कभी मुस्लिम जनसंख्या के हिसाब से उसे नुमाइंदगी देने या उनके संपूर्ण विकास के लिए काम नहीं किया। बस पिक एण्ड चूज के आधार पर कुछ मुसलमान जो मुसलमानों के ही ख़िलाफ़ खुल कर खड़े हो सकें बस उनको…
  • अखिलेन्द्र प्रताप सिंह
    एक देश एक चुनाव बनाम लोकतांत्रिक सरोकार
    29 Mar 2022
    लगातार होने वाले चुनावों ने क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को फलने-फूलने का मौका प्रदान किया है और उनकी क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पटल पर एक महत्व दिया है, और इस प्रकार से भारत में…
  • उपेंद्र स्वामी
    श्रीलंका संकट: दर्द भी क़र्ज़ और दवा भी क़र्ज़
    29 Mar 2022
    दुनिया भर की: यह कोई आकस्मिक घटनाक्रम नहीं है। कोविड के दौर ने इसकी रफ़्तार और मार को भले ही थोड़ा तेज़ बेशक कर दिया हो लेकिन यह लंबे समय से चली आ रही नीतियों का नतीजा है। यह संकट उन तमाम…
  • प्रेम कुमार
    विश्लेषण: दिल्ली को सिंगापुर बनाने के सपने में आंकड़ों का फरेब
    29 Mar 2022
    अगर 5 साल बाद दिल्ली में रोजगार का स्तर 45 फीसदी के स्तर तक ले जाना है तो इसके लिए कम से कम 1.63 करोड़ लोगों के पास रोजगार रहना चाहिए। ऐसा तभी संभव है जब इन पांच सालों में 63 लाख अतिरिक्त लोगों को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License