NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
बजट 2018 : मोदी के न्यू इंडिया में बढ़ेगा किसान पर संकट
किसानों को कर्ज़ा मुक्त करने ,लागत से डेढ़ गुना समर्थन मूल्य पर खरीद का बजट में कोई प्रबंध नहीं किया गया है जिसके चलते कृषि संकट बढ़ेगा, किसानों की आत्महत्याएं बढ़ेंगी।
डॉ. सुनीलम
03 Feb 2018
agricultural budget 2018
Image Courtesy: Wikimedia Commons

किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष ,जनांदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के राष्ट्रीय संयोजक ,पूर्व विधायक डॉ सुनीलम आम बजट को किसानों के लिए निराशाजनक बजट बताते हुए कहा है कि किसानों को कर्ज़ा मुक्त करने ,लागत से डेढ़ गुना समर्थन मूल्य पर खरीद का बजट में कोई प्रबंध नहीं किया गया है जिसके चलते कृषि संकट बढ़ेगा ,किसानों की आत्महत्याएं बढ़ेंगी।

वित्त मंत्री ने प्रीमियम आन आनेस्टी और ईज आफ डूइंग बिज़नेस ,ईस औफ लिविंग को भारत का मूल सोच बताते हुए कहा है कि एक दिन में कंपनी रजिस्टर होंने का दावा किया लेकिन एक दिन में सभी कृषि उत्पाद लागत से डेढ़ गुना समर्थन मूल्य पर मंडियों में खरीद लिए जाएंगे ,यह वायदा करने से भी पीछे हट गए।

सफेद झूठ बोलते हुए उन्होंने कहा कि लागत से डेढ़ गुना किसानों को दिया जा रहा है और खरीफ़ में दिया जाएगा ,उन्होने न तो लागत किस आधार पर तय की जाएगी यह बताया और न ही सरकार खरीदी करेगी या भाव का अंतर सुनिश्चत करेगी यह घोषणा की। फसल बीमा का मुआबजा ,नुकसानी का मुआबजा, भंडारण ,किसान पेंशन हेतु आवश्यक राशि का इंतजाम नहीं किया है।

सरकार ने किसानों को अधिक कर्ज़दार बनाने की घोषणा की है ,जरूरत महंगाई के साथ किसान की आय बढ़ाने की थी,उसको कर्ज़दार बनाने की नहीं।

बजट में जब देश के राष्ट्रपति को 5 लाख प्रति माह देंने का प्रावधान किया गया है तब कम से कम 25 हज़ार किसान परिवार की आय सुनिश्चित करने के प्रावधान बजट करने चाहिए थे ,जो नहीं किया गया।

किसानों की आबादी 65 प्रतिशत है उसको बजट का 2 प्रतिशत भी आवंटित नहीं किया गया है।

इसे स्पष्ट करते हुए उन्होंने मक्का का उदाहरण देते हुए कहा कि मक्का का समर्थन 1425 तय किया गया लेकिन किसानों को 600 से 800 रुपये क्विंटल पर बेचना पढ़ा ।जो खरीद की गई वह प्रति हेक्टर 19 क्विंटल 54 किलो के औसत उत्पादन के आधार पर की गई जबकि बास्तविक उत्पादन 60 क्विंटल प्रति हेक्टर हो रहा है ,भावन्तर योजना में 10 प्रतिशत किसानों का ही पंजीयन हुआ है। पंजीकृत किसानों को 200 रुपये प्रति क्विंटल की राशि दी जा रही है जबकि 600 रुपये प्रति क्विंटल पर मक्का बेचने वाले किसान को 825 रुपये दिए जाने चाहिए थे। लेकिन एक चौथाई भी नहीं मिला यही सरकार की बजट घोषणा का हश्र होना तय है । 4 प्रतिशत सेस सभी देश के सभी नागरिकों से वसूल किया जाएगा जिसका मतलब है कि महंगाई बढ़ेगी जिसकी सबसे ज्यादा मार गरीबों किसानों और मज़दूरों पर पड़ेगी।

बजट से यह स्पष्ट हो गया है कि मोदी जी के न्यू इंडिया और विकास की परिकल्पना में किसान का कोई स्थान नहीं है।

Courtesy: संघर्ष संवाद ,
Original published date:
01 Feb 2018
बजट 2018
कृषि संकट
कृषि बजट 2018
नरेंद्र मोदी
अरुण जेटली

Related Stories

मोदी सरकार ने फसल बीमा योजना पर गुपचुप तरीके से ताला लगा दिया है

भारतीय अर्थव्यवस्था की मंदी दूर कर सकती है कृषि

सत्ता का मन्त्र: बाँटो और नफ़रत फैलाओ!

छद्मपूर्ण योजना: "आदर्श गाँव" के पाँच साल

रोज़गार में तेज़ गिरावट जारी है

अविश्वास प्रस्ताव: विपक्षी दलों ने उजागर कीं बीजेपी की असफलताएँ

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

चुनाव से पहले उद्घाटनों की होड़

अमेरिकी सरकार हर रोज़ 121 बम गिराती हैः रिपोर्ट

कुल उत्पादन के एक तिहाई के लिए एमएसपी, बाकी का क्या?


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में न Modi magic न Yogi magic
    06 Mar 2022
    Point of View के इस एपिसोड में पत्रकार Neelu Vyas ने experts से यूपी में छठे चरण के मतदान के बाद की चुनावी स्थिति का जायज़ा लिया। जनता किसके साथ है? प्रदेश में जनता ने किन मुद्दों को ध्यान में रखते…
  • poetry
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'टीवी में भी हम जीते हैं, दुश्मन हारा...'
    06 Mar 2022
    पाकिस्तान के पेशावर में मस्जिद पर हमला, यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत को ध्यान में रखते हुए पढ़िये अजमल सिद्दीक़ी की यह नज़्म...
  • yogi-akhilesh
    प्रेम कुमार
    कम मतदान बीजेपी को नुक़सान : छत्तीसगढ़, झारखण्ड या राजस्थान- कैसे होंगे यूपी के नतीजे?
    06 Mar 2022
    बीते कई चुनावों में बीजेपी को इस प्रवृत्ति का सामना करना पड़ा है कि मतदान प्रतिशत घटते ही वह सत्ता से बाहर हो जाती है या फिर उसके लिए सत्ता से बाहर होने का खतरा पैदा हो जाता है।
  • modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: धन भाग हमारे जो हमें ऐसे सरकार-जी मिले
    06 Mar 2022
    हालांकि सरकार-जी का देश को मिलना देश का सौभाग्य है पर सरकार-जी का दुर्भाग्य है कि उन्हें यह कैसा देश मिला है। देश है कि सरकार-जी के सामने मुसीबत पर मुसीबत पैदा करता रहता है।
  • 7th phase
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव आख़िरी चरण : ग़ायब हुईं सड़क, बिजली-पानी की बातें, अब डमरू बजाकर मांगे जा रहे वोट
    06 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ़ आख़िरी दौर के चुनाव होने हैं, जिसमें 9 ज़िलों की 54 सीटों पर मतदान होगा। इसमें नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत अखिलेश का गढ़ आज़मगढ़ भी शामिल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License