NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ब्रिटेन की संसद में ब्रेक्जिट विधेयक पारित लेकिन समयसीमा ख़ारिज
दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर ब्रिटेन की संसद में मंगलवार को मतदान होने के बाद जॉनसन ने कहा, ‘‘मैं इस बात से निराश हूं कि सदन ने समझौते के साथ 31 अक्टूबर तक ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने की गारंटी देने वाली समयसीमा के बजाय इसमें देरी के लिए मतदान किया है। अब हमारे सामने और अनिश्चितता है।’’
भाषा
23 Oct 2019
  borris johnson     brexit issue 

लंदन : ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ब्रेक्जिट समझौते पर उस समय ‘‘अल्पविराम’’ लगा दिया जब सांसदों ने उनके बेक्जिट विधेयक को 299 के मुकाबले 329 मतों से पारित कर दिया लेकिन इससे जुड़े उस अहम प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें 31 अक्टूबर तक यूरोपीय संघ के बाहर होने की बात की गई थी।
दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर ब्रिटेन की संसद में मंगलवार को मतदान होने के बाद जॉनसन ने कहा, ‘‘मैं इस बात से निराश हूं कि सदन ने समझौते के साथ 31 अक्टूबर तक ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने की गारंटी देने वाली समयसीमा के बजाय इसमें देरी के लिए मतदान किया है। अब हमारे सामने और अनिश्चितता है।’’
जॉनसन ने कहा, ‘‘ईयू को अपना मन बना लेना चाहिए कि उसे संसद के देरी के अनुरोध का क्या उत्तर देना है। सरकार को एकमात्र जिम्मेदार मार्ग अपनाना चाहिए और कोई समझौता नहीं होने के परिणाम की अपनी तैयारियां तेज कर देनी चाहिए। ईयू के किसी फैसले पर पहुंचने तक हम विधेयक पर अल्पविराम लगाएंगे।’’
इस बीच, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड ट्रस्क ने कहा कि वह ईयू नेताओं से ब्रेक्जिट की समयसीमा को आगे बढ़ाने की सिफारिश करेंगे।
टस्क ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के (ईयू से) बाहर निकलने के समझौते को अल्पविराम देने के फैसले के बाद और बिना समझौते के ब्रेक्जिट से बचने के लिए मैं ईयू के सदस्य देशों से अपील करूंगा कि वे समयसीमा बढ़ाने का ब्रिटेन का अनुरोध स्वीकार करें। इसके लिए मैं लिखित प्रक्रिया शुरू करूंगा।’’
फ्रांस ने भी कहा कि वह ब्रेक्जिट की समयसीमा के ‘‘कई दिनों के तकनीकी’’ विस्तार के लिए तैयार है लेकिन उसने जॉनसन और ब्रसेल्स के बीच हुए समझौते पर फिर से वार्ता करने पर इनकार कर दिया।
इससे पहले जॉनसन अपने ब्रेक्जिट विधेयक के लिए मंगलवार को संसद की पहली बाधा पार करने में कामयाब रहे। संसद में वोटिंग के दौरान उनके प्रस्ताव को 299 के मुकाबले 329 मतों का समर्थन मिला।

इसका मतलब है कि यूरोपीय संघ के साथ ब्रेक्जिट समझौता अब कानून बन सकता है लेकिन इसके बाद सांसदों ने विधेयक के लिए 31 अक्टूबर की समयसीमा के खिलाफ 308 के मुकाबले 322 मतों से मतदान किया।

जॉनसन ने 31 अक्टूबर की समयसीमा के परे ब्रेक्जिट में देरी करने के बजाय विधेयक को वापस लेने और आम चुनाव कराने की धमकी दी थी।
ब्रेक्जिट समझौता सोमवार रात प्रकाशित होने के बाद जॉनसन ने हाउस ऑफ कॉमन्स में चर्चा के लिए इसे मंगलवार को रखा था।

इससे पहले विपक्षी सांसदों ने उन पर बिना उचित समीक्षा के 110 पृष्ठों के विधेयक के जरिए जल्दबाजी दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

जॉनसन ने सांसदों से कहा था, ‘‘मैं इसके लिए किसी भी कीमत पर और समय नहीं लेने दूंगा। अगर संसद ब्रेक्जिट से इनकार करती है और इसके बजाय...सब चीजें जनवरी या उससे आगे तक टालती है तो किसी भी सूरत में सरकार इस परिस्थिति को बरकरार नहीं रखी सकती।’’

उन्होंने कहा था, ‘‘और काफी खेद के साथ मुझे कहना होगा कि यह विधेयक वापस लेना होगा और हमें आम चुनाव कराना पड़ेगा।’’

गौरतलब है कि जॉनसन ईयू के साथ पिछले हफ्ते एक ‘‘अच्छे नये समझौते’’ पर सहमत हो गए थे।

हालांकि, ब्रिटेन की संसद में शनिवार को सांसदों ने जॉनसन के ब्रेक्जिट समझौते में देर कराने वाले एक प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए मतदान किया था।
 

 

Brexit
borris johnson
parilament
brexit issue

Related Stories

ब्रेक्जिट के बाद कोरोना वायरस से यूरोपीय संघ का ढांचा चरमराया

कश्मीर नज़रबंदी पर सुप्रीमकोर्ट, गिरती अर्थव्यवस्था, ब्रेकज़िट और अन्य

अति-दक्षिणपंथ को कौन रोक सकता है?

बग़दादी की 'मौत’, कश्मीर के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और अन्य

हारे और घबराए ब्रिटिश प्रधानमंत्री जॉनसन डाल रहे हैं आम चुनाव के लिए दबाव

ब्रेक्जिट पर बोरिस जॉनसन की संसद में बड़ी हार, समय से पूर्व चुनाव की संभावना

होर्मुज जल संधि में गनबोट कूटनीति

बजट 2019: पैन नहीं होने पर आधार के जरिये आयकर रिटर्न भर सकेंगे करदाता

इस ब्रेक्सिट की गुत्थी सुलझाए नहीं सुलझती

मे का ब्रेक्सिट फेल, सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश


बाकी खबरें

  • Jalandhar
    न्यूज़क्लिक टीम
    जालंधर टू अमृतसरः सुनो तो, क्या बोले है पंजाब
    19 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने जालंधर से लेकर अमृतसर में अलग-अलग पेशों से जुड़े लोगों से बातचीत की और चुनावी मुद्दों का जायजा लिया। लेखक, फिल्ममेकर, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्रों,…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी का रण, तीसरा चरण:  बीजेपी को उसके पिछले प्रदर्शन से रोक पाएंगे अखिलेश?
    19 Feb 2022
    तीसरे चरण के चुनाव बेहद अहम होने वाले हैं, क्योंकि यहां कई ऐसे दिग्गज चेहरे मैदान में हैं जिनकी साख दांव पर लगी है। इसके अलावा हाथरस, बिकरू कांड और आलू किसान चुनावी गणित को और ज्यादा कठिन बना सकते…
  • Channi
    नीलू व्यास
    पंजाब चुनाव: क्या चन्नी की 'भैया' वाली टिप्पणी हताशा की निशानी है या...?
    19 Feb 2022
    पंजाब के मुख्यमंत्री के इस बयान को कांग्रेस की अंदरूनी कलह और मतदाताओं का विकल्प के तौर पर आम आदमी पार्टी की ओर रुख़ करने के सिलसिले में उनके तरकश के आख़िरी तीर के तौर पर देखा जा रहा है।
  • Punjab elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब चुनावः बेलगाम अवैध खनन, लोग परेशान
    19 Feb 2022
    पंजाब में चुनावी शोरगुल के बीच अवैध खनन को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच चर्चा ग़ायब है. राज्य को वित्तीय घाटे के साथ साथ यह बात भी अब स्पष्ट है कि लोगों और जानवरों की सेहत को जानलेवा नुकसान हो रहा…
  • Kairana Assembly constituency
    भाषा
    कैराना; चुनाव में लापरवाही:  मजिस्ट्रेट के ख़िलाफ़ कार्रवाई की सिफ़ारिश, पुलिस कांस्टेबल व होमगार्ड सस्पेंड
    19 Feb 2022
    पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव ने कहा कि 10 फरवरी को कैराना में मतदान के बाद क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट के वाहन में एक अतिरिक्त ईवीएम मशीन मिली थी। उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीन को एक वाहन में बाहर लावारिस छोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License