NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बाइडेन ने रूस के प्रति अपनी आक्रमकता को कम किया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को बाइडेन द्वारा किए गए फ़ोन के बारे में व्हाइट हाउस ने जो बयान जारी किया है वह हालिया अमेरिकी घोषणाओं से अलग है।
एम. के. भद्रकुमार
15 Feb 2022
Translated by महेश कुमार
बाइडेन ने रूस के प्रति अपनी आक्रमकता को कम किया

शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जोए बाइडेन की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बातचीत के बारे में व्हाइट हाउस द्वारा जारी रीडआउट इस धारणा को व्यक्त करता है कि, यदि रूस यूक्रेन पर हमला करता है तो वाशिंगटन रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाएगा। लेकिन यह अपने सार में मामूली सा संदेश है जिसे व्यक्त करने में एक या दो मिनट से अधिक समय नहीं लगा होगा। फिर भी, बातचीत "एक घंटे से कुछ अधिक" तक चली।

क्रेमलिन रीडआउट अभी जारी किया जाना बाकी है, लेकिन पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कल रात ही मीडिया को एक ब्रीफिंग दी थी। उशाकोव ने खुलासा किया कि बातचीत तत्काल अमेरिकी अनुरोध पर हुई थी जिसे रूस द्वारा यूक्रेन पर कथित रूप से आसन्न "आक्रमण" की आशंकाओं का हवाला देते हुए और लिखित रूप में अवगत कराया गया था। कॉल मूल रूप से सोमवार के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन क्रेमलिन ने इसका वक़्त आगे बढ़ा दिया था। 

जैसा कि उशाकोव ने कहा, बातचीत "रूस द्वारा यूक्रेन पर कथित रूप से 'आक्रमण' करने की संभावना की अमेरिकी अधिकारियों के कुतर्क और उन्माद के माहौल के बीच हुई है।"

दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने पिछले दिन एक विशेष ब्रीफिंग में भयंकर सर्वनाश की भविष्यवाणी की थी, जिसने दुनिया की राजधानियों को हिलाकर रख दिया था, कि यूक्रेन पर एक रूसी आक्रमण "ओलंपिक के दौरान शुरू हो सकता है, जबकि तमाम अटकलों के बावजूद कि यह ओलंपिक के बाद ही हो सकता है।"

उशाकोव ने कहा कि, पुतिन ने इस तरह के उन्मादी आरोपों को अपवाद के रूप में लिया, जिसके तहत यूक्रेन में भारी मात्रा में सैन्य उपकरणों को डाला जा रहा जो केवल एक ही उद्देश्य की पूर्ति करता है, अर्थात्, इसके ज़रिए "यूक्रेनी सशस्त्र बलों द्वारा संभावित उत्तेजक कार्यवाही की  स्थितियां बनाई जा रही हैं।" पुतिन ने मिन्स्क समझौतों के साथ "तोड़फोड़" करने के मामले में कीव की "विनाशकारी नीतियों" के बारे में भी बात की और यूक्रेन के नेतृत्व पर दबाव बनाने में पश्चिम की विफलता की ओर इशारा किया।

हालाँकि, उशाकोव की ब्रीफिंग का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह था कि बाइडेन का प्रतिबंधों आदि का संदर्भ वास्तव में उनकी बातचीत का मुख्य हिस्सा नहीं था। उशाकोव को उद्धृत करते हुए  "बाइडेन ने जिन संभावित रूसी विरोधी प्रतिबंधों का उल्लेख किया, यूक्रेन के आसपास तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए उसकी उम्मीद पहले से लगाई जा रही थी। साथ ही, यह मुद्दा काफी लंबी बातचीत के केंद्र में नहीं था," जो कि कुल मिलाकर रचनात्मक और "व्यावसायिक" था।

उशाकोव के अनुसार, "दोनों राष्ट्रपति इस बात पर सहमत हुए कि मास्को उन विचारों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करेगा जो बाइडेन ने व्यक्त किए हैं और यदि संभव हो, तो अमेरिका और नाटो की स्थिति पर दस्तावेजों की प्रतिक्रिया पर काम करते समय उन्हें ध्यान में रखा जाएगा।"

पुतिन ने बाइडेन को यह भी बताया कि मॉस्को ने संभावित कदमों पर "विभिन्न एजेंसियों के साथ परामर्श ..." लगभग पूरा कर लिया है और निकट भविष्य में इसकी एक घोषणा की जाएगी। हम जल्द ही अपने सहयोगियों और जनता को अपनी प्रतिक्रिया से अवगत कराएंगे।" यह उन्होने रूस की सुरक्षा गारंटी के लिए की गई मांगों पर अमेरिका की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा था।

उशाकोव ने कहा कि पुतिन ने अमेरिका और नाटो के साथ रूस के संबंधों के इतिहास को मद्देनजर रखते हुए कहा कि 1990 के दशक में, "हम दोस्त लग रहे थे, हालांकि तब भी, अमेरिका और नाटो ने रूस के प्रति जो नीति अपनाई थी, वह रचनात्मकता से बहुत दूर थी।" हालाँकि, तब से नाटो का विस्तार जारी रहा और "गठबंधन रूस की सीमाओं के करीब आ गया।" नतीजतन, सुरक्षा की स्थिति "नाटकीय रूप से बिगड़ गई" और नाटो का विस्तार अब रूस की सुरक्षा से संबंधित है।

उशाकोव ने कहा कि बाइडेन ने याद किया कि अमेरिकी और सोवियत नेताओं ने दोनों देशों के बीच एक बड़े संघर्ष से बचने के लिए अपनी हैसियत के हिसाब से सब कुछ किया, और यद्यपि "हमारी दो महान शक्तियां अभी भी प्रतिद्वंद्वी हैं, उन्हें स्थिरता बनाए रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना चाहिए और पूरी दुनिया में सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।"

बाइडेन ने जोर देकर कहा कि यूक्रेन के आसपास के मौजूदा संकट में सबसे खराब स्थिति से बचने के लिए हर संभव प्रयास करना जरूरी है। उशाकोव ने कहा कि, दोनों "राष्ट्रपति आज फोन पर की गई चर्चा के सभी मुद्दों पर विभिन्न स्तरों पर आगे के संपर्कों पर सहमत हुए हैं ... जैसा कि बाइडेन ने कहा कि, वे चाहते हैं कि रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच अंतरराज्यीय संबंध आपसी सम्मान की नींव पर बने।"

कुल मिलाकर, उशाकोव की ब्रीफिंग ने एक सकारात्मकता की सूचना दी है। अपनी ओर से, व्हाइट हाउस ने भी नए बने हालत के मद्देनजर प्रेस को बताया कि दोनों राष्ट्रपतियों के बीच चर्चा "पेशेवर और वास्तविक" थी। ब्रीफिंग में स्वीकार किया गया कि "दांव इतना ऊंचा है कि रूस को ऐसी कार्रवाई से बचने का हर मौका नहीं देना चाहिए जो हमें लगता है कि विनाशकारी होगा।"

महत्वपूर्ण रूप से, इसने उस जुझारूपन को छोड़ दिया है जो सुलिवन ने पिछले दिन सर्वनाश की भविष्यवाणियों के माध्यम से पेश किया था। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि बाइडेन  "समस्या को सुलझाने और समाधान खोजने का तरीका पसंद करते हैं जो हमारे हित में, हमारे भागीदारों और सहयोगियों के हित में है, और जो रूस द्वारा उठाई गई कम से कम कुछ चिंताओं को दूर कर सकता है।"

सीधे शब्दों में कहें तो व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को सुलिवन की उग्र बयानबाजी और गैर-जिम्मेदाराना आरोपों से खुद नकार दिया है। यहाँ कुछ गड़बड़ लगती है। बेशक, अमेरिका-रूस संबंधों में पहियों के भीतर पहियों का एक लंबा इतिहास है जहां अमेरिकी प्रशासन में मौजूद रूस विरोधी तत्वों ने अपने एजेंडे को पीछे कर दिया है।

2016 के चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ हिलेरी क्लिंटन के अभियान के दौरान कुख्यात स्टील डोजियर एक उदाहरण है। वैसे, हिलेरी क्लिंटन के विदेश नीति सलाहकार के रूप में सुलिवन ट्रम्प-रूस "मिलीभगत" की कथा को फैलाने वाले प्रमुख व्यक्ति थे। और, हिलेरी क्लिंटन ने 2016 में अपनी हार के लिए व्यक्तिगत रूप से पुतिन को दोषी ठहराया था।

क्या यह संयोग हो सकता है कि ब्रिटिश रक्षा सचिव बेन वालेस ने आज संडे टाइम्स को बताया कि "हवा में म्यूनिख के युद्ध का एक झोंका" है? मुद्दा यह है, हालांकि यह पूरी तरह से मान्य है कि यूक्रेन पर किसी भी सैन्य हमले की स्थिति में यूरोप रूस की निंदा करेगा, लेकिन साथ ही यह वाशिंगटन के युद्ध उन्माद को बढ़ावा भी नहीं देता है।

दरअसल, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने भी शनिवार को पुतिन से बात की थी और बाद में पेरिस से आई खबरों में कहा गया था कि उन्हें विश्वास नहीं था कि मास्को यूक्रेन के खिलाफ "एक आक्रामक तैयारी कर रहा है"। निश्चित रूप से, अपनी घरेलू राजनीति में इस तरह के तीव्र ध्रुवीकरण के बीच अमेरिकी नीतियों की निरंतरता के बारे में यूरोपीय मन में भी संदेह है।

दिलचस्प बात यह है कि पोलिटिको ने शुक्रवार को रिपोर्ट दी - उसी दिन जब व्हाइट हाउस दस्तावेज़ "इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी" जारी किया गया था - कि यूरोपीयन यूनियन और चीनी नेता बार-बार देरी के बाद 1 अप्रैल को एक आभासी शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए तैयार हैं, जो कि दोनों के बीच हाल ही में बढ़ते व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव को शांत करने के लिए उच्च-राजनीतिक प्रयास है ... यूरोपीयन यूनियन के कई संस्थानों ने हाल के महीनों में चीन के साथ प्रणालीगत प्रतिद्वंद्विता पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित करने के बारे में चिंता व्यक्त की है, यूरोपीयन यूनियन-चीन में दो बातों पर ज़ोर देने की उम्मीद है - साझेदारी और आर्थिक प्रतिस्पर्धा – पर अधिक ध्यान रखना।"

स्पष्ट रूप से, अमेरिका के ट्रान्साटलांटिक नेतृत्व के बारे में बढ़ती बेचैनी इस ओर इशारा कर रही है और बड़ी गंभीरता से इसे नोट करना भी महत्वपूर्ण समझा जा रहा है कि इससे जहां व्यापक तनाव पैदा होगा, विशेष रूप से महाद्वीप में एक युद्ध के भूत के खतरे से और भी बड़ी चिंता यह है कि यूरोप की अर्थव्यवस्थाएं पहले से काफी संघर्ष कर रही हैं। गौरतलब है कि यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्री कुलेबा ने आज खुलासा किया कि यूरोपीय देशों के विरोध के कारण स्विफ्ट अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली से रूस को हटाने पर विचार नहीं किया जा रहा है।

उशाकोव के मुताबिक, पुतिन और बाइडेन के बीच "रचनात्मक और व्यावसायिक" बातचीत से तो यह धारणा बनती है कि अमरीका भी वर्तमान गतिरोध की जटिलताओं और रूस के साथ तनाव पर लगाम लगाने की तत्काल जरूरत के प्रति सचेत हैं।

इस प्रकार, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ बाइडेन की फोन पर हुई बातचीत के बारे में व्हाइट हाउस ने आज से पहले की अपनी सभी अमेरिकी घोषणाओं से मुह मोड लिया है, और आसन्न रूसी आक्रमण के किसी भी आरोप को नकार दिया है। ज़ेलेंस्की ने खुद हाल ही में वाशिंगटन में युद्ध के उन्माद पर निराशा व्यक्त की थी।

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Biden Dials Back Belligerence Toward Russia
 

US-Russia
Joe Biden
vladimir putin
ukraine

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

गुटनिरपेक्षता आर्थिक रूप से कम विकसित देशों की एक फ़ौरी ज़रूरत

यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल


बाकी खबरें

  • night curfew
    रवि शंकर दुबे
    योगी जी ने नाइट कर्फ़्यू तो लगा दिया, लेकिन रैलियों में इकट्ठा हो रही भीड़ का क्या?
    24 Dec 2021
    देश में कोरोना महामारी फिर से पैर पसार रही है, ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों ने राज्यों को नाइट कर्फ़्यू लगाने पर मजबूर कर दिया है, जिसके मद्देनज़र तमाम पाबंदिया भी लगा दी गई है, लेकिन सवाल यह है कि रैलियों…
  • kafeel khan
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोरखपुर ऑक्सिजन कांड का खुलासा करती डॉ. कफ़ील ख़ान की किताब
    24 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के इस वीडियो में वरिष्ठ पत्रकार परंजोय गुहा ठाकुरता डॉ कफ़ील ख़ान की नई किताब ‘The Gorakhpur Hospital Tragedy, A Doctor's Memoir of a Deadly Medical Crisis’ पर उनसे बात कर रहे हैं। कफ़ील…
  • KHURRAM
    अनीस ज़रगर
    मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की
    24 Dec 2021
    कई अधिकार संगठनों और उनके सहयोगियों ने परवेज़ की गिरफ़्तारी और उनके ख़िलाफ़ चल रहे मामलों को कश्मीर में आलोचकों को चुप कराने का ज़रिया क़रार दिया है।
  •  boiler explosion
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक
    24 Dec 2021
    गुजरात के वडोदरा में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
  • Uddhav Thackeray
    सोनिया यादव
    लचर पुलिस व्यवस्था और जजों की कमी के बीच कितना कारगर है 'महाराष्ट्र का शक्ति बिल’?
    24 Dec 2021
    न्याय बहुत देर से हो तो भी न्याय नहीं रहता लेकिन तुरत-फुरत, जल्दबाज़ी में कर दिया जाए तो भी कई सवाल खड़े होते हैं। और सबसे ज़रूरी सवाल यह कि क्या फांसी जैसी सज़ा से वाक़ई पीड़त महिलाओं को इंसाफ़ मिल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License