NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
बंगाल हिंसा मामला : न्याय की मांग करते हुए वाम मोर्चा ने निकाली रैली
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम के साथ रैली का नेतृत्व करने वाले वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि राज्य में ‘सामूहिक हत्या’ की घटना को छिपाने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Mar 2022
birbhum violence
चित्र साभार: पीटीआई

वाम मोर्चा (एलएफ) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट कस्बे में एक रैली निकाली और एक दिन पहले इलाके में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के लिए न्याय की मांग की।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम के साथ रैली का नेतृत्व करने वाले वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि राज्य में ‘सामूहिक हत्या’ की घटना को छिपाने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा।

बोस ने ग्रामीणों को बचाने के लिए कथित तौर पर ‘कुछ नहीं करने’ के लिए पुलिस की कड़ी आलोचना की।

मोहम्मद सलीम ने घटना स्थल का दौरा करने के बाद पत्रकारों से कहा कि मकानों में आग लगाने की घटना में अवैध रेत खनन माफिया ने अहम भूमिका निभाई है। माकपा नेता ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बर्बर हमले में शामिल लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा चाहते हैं।’’

बीरभूम जिले के रामपुरहाट कस्बे के पास बोगतुई गांव में मंगलवार तड़के कुछ मकानों में आग लगने से दो बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गयी।

तृणमूल कांग्रेस के पंचायत स्तर के एक नेता की सोमवार को हत्या के बाद रामपुरहाट शहर के बाहरी इलाके में स्थित बोगतुई गांव में कथित तौर पर करीब एक दर्जन मकानों में आग लगा दी गई थी। ऐसा कहा जा रहा है कि कुछ लोगों ने अपने नेता की हत्या के प्रतिशोध में मकानों में आग लगा दी।

गांव के करीब 10 घरों में अज्ञात बदमाशों ने आग लगी दी। उन्होंने घरों में सो रहे लोगों पर बम फेंके।

स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की और पुलिस और दमकल को मदद के लिए बुलाया, लेकिन वे मूकदर्शक बने रहे और आग की लपटों में दो बच्चों सहित सात की मौत हो गई, जबकि बचाए गए एक अन्य व्यक्ति की बाद में अस्पताल में मौत हो गई।

सोमवार की रात बोगतुई गांव के उप पंचायत प्रमुख भादू शेख की हत्या के कुछ घंटों के भीतर हुए हमले ने संदेह पैदा किया है कि इस घटना को प्रतिशोध के तहत अंजाम दिया गया है।

घटना ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है और इसे टीएमसी का अंदरूनी झगड़ा बताया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने घटना को भयावह करार देते हुए राज्य के ‘हिंसा एवं अराजकता’ की संस्कृति की गिरफ्त में होने का दावा किया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनसे ‘अनुचित बयान देने से बचने’ का आग्रह किया और कहा कि उनके बयानों का राजनीतिक स्वर होता है, जो सरकार को धमकाने के लिए अन्य राजनीतिक दलों को समर्थन मुहैया कराते हैं।

राज्य के भाजपा सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसके बाद घटना पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी।

पुलिस महानिदेशक मनोज मालवीय ने पत्रकारों से कहा,“ स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है और गांव में एक पुलिस पिकेट स्थापित की गयी है। हम जांच कर रहे हैं कि गांव के मकानों में आग कैसे लगी और क्या यह घटना बरशाल गांव के पंचायत उप प्रमुख की मौत से संबंधित है।”

उन्होंने कहा, “हम इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं कि आग अन्य घटनाओं के प्रतिशोध के कारण लगाई गई थी। इसकी जांच की जा रही है। अगर ऐसा था, तो यह गहरी निजी दुश्मनी के कारण था।”

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अधीर चौधरी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में स्थिति खराब हो रही है और यहां संविधान का अनुच्छेद 355 लागू किया जाना चाहिए।

इस सिलसिले में अब तक कम से कम 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) ज्ञानवंत सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

(पीटीआई भाषा इनपुट के साथ)

Birbhum
Violence
mob violence
mamta banerjee
TMC
Trinamool Congress
West Bengal

Related Stories

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

मेघालय में कर्फ़्यू के बाद भी हिंसा, राज्यपाल सत्यपाल मलिक के काफिले पर हमला

त्रिपुरा: भीड़ ने की तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या, आख़िर कौन है बढ़ती लिंचिंग का ज़िम्मेदार?

राजस्थान : फिर एक मॉब लिंचिंग और इंसाफ़ का लंबा इंतज़ार

पश्चिम बंगाल में जाति और धार्मिक पहचान की राजनीति को हवा देती भाजपा, टीएमसी

दिल्ली : सीएए समर्थकों और विरोधियों के बीच कई इलाकों में भिड़ंत, हेड कांस्टेबल की मौत

यौन संबंध के लिए सहमति की उम्र कम करने की मांग उठायेगा बंगाल

पशु चोरी के संदेह में पश्चिम बंगाल में भीड़ ने की दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या

भाजपा और तृणमूल के बीच फंसा बंगाल, धर्म और बदले की राजनीति तेज़

लोकतंत्र की जगह लेता भीड़तंत्र!


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    दवाओं की महंगाई महंगे तेल की नहीं बल्कि बेकार सरकारी नीतियों का परिणाम है
    31 Mar 2022
    क्या दवाओं की क़ीमतें भी कच्चे तेल की क़ीमतों में इज़ाफ़े की वजह से बढ़ी हैं?
  • सुहा रफी
    आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022 के रहस्य को समझिये
    31 Mar 2022
    आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम पर सूचीबद्ध है, लेकिन गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने सोमवार को इसे लोकसभा में पेश किया है।
  • भाषा
    महाराष्ट्र: फडणवीस के खिलाफ याचिकाएं दाखिल करने वाले वकील के आवास पर ईडी का छापा
    31 Mar 2022
    उके ने भाजपा नेताओं खासतौर पर फडणवीस के खिलाफ अदालतों में कई याचिकाएं दायर की हैं। उन्होंने अपनी एक अर्जी में फडणवीस के खिलाफ चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों का खुलासा नहीं करने के लिए,आपराधिक…
  • विजय विनीत
    यूपी बोर्डः पेपर लीक मामले में योगी सरकार के निशाने पर चौथा खंभा, अफ़सरों ने पत्रकारों के सिर पर फोड़ा ठीकरा
    31 Mar 2022
    "उत्तर प्रदेश में बार-बार पेपर लीक होने से ऐसा लगता है कि नकल माफ़िया सरकार की पकड़ और सख्ती से बाहर हैं। किन्तु इस प्रकार की गंभीर घटनाओं से प्रदेश की पूरे देश में होने वाली बदनामी के लिए असली…
  • लाल बहादुर सिंह
    नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें
    31 Mar 2022
    आज जब देश के छात्र-युवा जबरदस्त मानसिक दबाव और भविष्य की असुरक्षा का सामना कर रहे हैं तब चंद्रशेखर का जीवन और संघर्ष उनके लिए आशावाद और शक्ति का स्रोत हो सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License