NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जम्मू-कश्मीर : ‘लॉकडाउन’ का एक साल
पिछले साल आज 5 अगस्त के ही दिन केंद्र की मोदी सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया था और जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म कर उसे दो केंद्र-शासित क्षेत्रों— जम्मू-कश्मीर व लद्दाख— में बांट दिया था
आज का कार्टून
05 Aug 2020
जम्मू-कश्मीर : ‘लॉकडाउन’ का एक साल

आज 5 अगस्त है। पिछले साल आज ही के दिन केंद्र की मोदी सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया था और जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म कर उसे दो केंद्र-शासित क्षेत्रों— जम्मू-कश्मीर व लद्दाख— में बांट दिया। इसे एक तरह का लॉकडाउन ही कहा जाएगा। बेहद सख़्त लॉकडाउन, जो लगभग कर्फ़्यू ही है।

वरिष्ठ लेखक विजय प्रसाद अपने लेख में कहते हैं कि- मोहम्मद युसुफ तारिगामी ने चार अगस्त को मुझसे कहा, 'जम्मू कश्मीर के लोग अब भी सदमे में हैं।' 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के लोग धोखे का दिन बताते हैं।

तारिगामी, जम्मू और कश्मीर में कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) के नेता हैं। जब विधानसभा का विघटन नहीं किया गया था, उसके पहले वे विधानसभा के एक चुने हुए सदस्य थे। तारिगामी कहते हैं कि "हम किसी तरह अपने आप को थामे हुए हैं। लोग हर तरफ से परेशानी में हैं। राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगी हुई है। सरकार चिथड़ों में बंटी हुई है और सुरक्षा स्थितियां बदतर हुई जा रही हैं।"

 

इसे पढ़ें : सदमे में हैं कश्मीरी : अनुच्छेद 370 रहित कश्मीर के एक साल पूरे होने पर तारिगामी का नज़रिया

 

इसे भी पढ़ें : कश्मीर रिपोर्ट : कश्मीर को तहस-नहस कर दिया गया है

 

Jammu and Kashmir
Kashmir Lockdown
Abrogation of Article 370
August 5
Amit Shah
Narendra modi
BJP
RSS
Yusuf Tarigami
CPI-M

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License