NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
छत्तीसगढ़ में नर्सों की हड़ताल को जबरन ख़तम कराया गया
उनपर बहुत राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था इसीलिए उनकी माँगे न पूरी होने के बावजूद भी उन्हें ये हड़ताल ख़तम करनी पड़ी I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Jun 2018
Translated by ऋतांश आज़ाद
हड़ताल

छत्तीसगढ़ में 45 दिनों से चल रही सरकारी नर्सों की हड़ताल शनिवार देर रात को आश्वासनों के बाद ख़तम हो गयी I 18 मई को शुरू हुई ये हड़ताल छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण  संघ (CPKKS), के बैनर तले चल रही थी और इसमें वेतन को बढ़ाये जाने और प्रमोशन की माँगों के साथ और भी कई माँगे उठाई गया I नर्सों के साथ बातचीत के बाद उन्हें ये भरोसा दिलाया गया कि उनकी माँगों पर एक कमिटी द्वारा 45 दिनों में निर्णय लिया जायेगा I

नुर्सों की छह माँगें हैं : नर्सों को ग्रेड 2 की और सांतवे वेतन आयोग की 4600 वेतन श्रेणी में रखा जाए , नर्सों को भत्ता और दूसरी सुविधाएँ मिलें , नर्सों के क्वार्टर अस्पताल के पास हों और नर्सिंग स्टाफ में पदों को भरा जाए ICPKKS ने बताया कि दूसरे राज्यों में नुर्सों को 4600 रुपये का पेग्रेड मिलता है वहीं छत्तीसगढ़ में सिर्फ 2800 रुपये का ही पेग्रेड मिलता है I CPKKS पिछले 3 सालों से ये माँगे रख रहा है I जब सरकार ने ये माँगे नहीं पूरी की तो नर्सें हड़ताल पर चली गयीं I

इसके जवाब में बीजेपी सरकार ने 29 मई Essential Services Maintenance Act 1979 (ESMA),  को लागू करते हुए इस हड़ताल को गैरकानूनी बताया और नर्सों को अपने काम पर लौट जाने को कहा I लेकिन नर्सों ने यूनियन और Directorate of Health Services के बीच बातचीत के असफल हो जाने पर भी लड़ाई को ख़तम नहीं किया I

1 जून को ESMA को लागू किये जाने के बाद कम से कम 607 नर्सों को हड़ताल जारी रखने के लिए गिरफ्तार किया गया I गिरफ्तार की गयी 227 नर्सों को , जिसमें से कुछ गर्भवती थीं , को गिरफ्तार कर रायपुर जेल में रखा गया था I CPKKS ने कहा कि ये सरकार द्वारा एक शांतिप्रीय आन्दोलन को दबाने का प्रयास है I मीडिया से बात करते हुए CPKKS की एक सदस्य ने कहा “गिरफ्तार की गयी कुछ नर्सें गर्भवती हैं और फिर भी उन्हें छोड़ा नहीं गया है I”

JSA छत्तीसगढ़ ने ज़्यादतियों के बारे में बताया “उन्हें सुबह गिरफ्तार किया गया और श्याम तक कुछ भी खाने को नहीं दिया गया I जेल में 10 नर्सें भूख हड़ताल पर बैठ गयी थीं I एक नर्स बेहोश हो गई थी I छोड़े जाने के बाद नर्सों ने ये कहा कि उन्हें जेल में प्रताड़ित किया गया और उन्हें अपने बच्चों को खाना खिलाने नहीं दिया गया I बाहर मौजूद नर्सें बारिश के बावजूद विरोध प्रदर्शन करती रहीं I जेल में शौचालय का कोई इंतज़ाम नहीं था I”

अपनी बात तो आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा “नर्सों को शौचालय का पानी पीने को कहा गया I इसके साथ ही जेल के चौकीदार ने भी उनके साथ ख़राब बर्ताव किया I” इसके साथ ही DHS रानू साहू ने कहा “नर्सें अगर काम पर वापस चली जाती हैं तो उन्हें छोड़ दिया जायेगा I”

लेकिन CPKKS ने कहा है कि उन्हें बहुत मानसिक प्रतारणा दी गयी इसीलिए उन्होंने ये हड़ताल ख़तम की I उन्होंने आगे कहा कि उनपर बहुत राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था इसीलिए उनकी माँगे न पूरी होने के बावजूद भी उन्हें ये हड़ताल ख़तम करनी पड़ी I

छत्तीसगढ़
नर्सों का आन्दोलन
हड़ताल
नर्स
बीजेपी

Related Stories

झारखंड चुनाव: 20 सीटों पर मतदान, सिसई में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत, दो घायल

झारखंड की 'वीआईपी' सीट जमशेदपुर पूर्वी : रघुवर को सरयू की चुनौती, गौरव तीसरा कोण

छत्तीसगढ़ के एचएनएलयू के वीसी के खिलाफ छात्र विरोध में क्यों हैं

सुकुमा “मुठभेड़ कांड”: ये किसका लहू है, कौन मरा?

हमें ‘लिंचिस्तान’ बनने से सिर्फ जन-आन्दोलन ही बचा सकता है

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

असमः नागरिकता छीन जाने के डर लोग कर रहे आत्महत्या, एनआरसी की सूची 30 जुलाई तक होगी जारी

मज़दूरों ने अपने अधिकारों के लिए किया मार्च ;20 जुलाई को करेंगे दिल्ली में हड़ताल

अहमदाबाद के एक बैंक और अमित शाह का दिलचस्प मामला

दिल्ली मेट्रो : डीएमआरसी कर्मचारियों अपनी कई मांगो को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं |


बाकी खबरें

  • Hijab
    अजय कुमार
    आधुनिकता का मतलब यह नहीं कि हिजाब पहनने या ना पहनने को लेकर नियम बनाया जाए!
    14 Feb 2022
    हिजाब पहनना ग़लत है, ऐसे कहने वालों को आधुनिकता का पाठ फिर से पढ़ना चाहिए। 
  • textile industry
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः "कानपुर की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी"
    14 Feb 2022
    "यहां की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी है। जमीनी हकीकत ये है कि पिछले दो साल में कोरोना लॉकडाउन ने लोगों को काफ़ी परेशान किया है।"
  • election
    ओंकार पुजारी
    2022 में महिला मतदाताओं के पास है सत्ता की चाबी
    14 Feb 2022
    जहां महिला मतदाता और उनके मुद्दे इन चुनावों में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं, वहीं नतीजे घोषित होने के बाद यह देखना अभी बाक़ी है कि राजनीतिक दलों की ओर से किये जा रहे इन वादों को सही मायने में ज़मीन पर…
  • election
    सत्यम श्रीवास्तव
    क्या हैं उत्तराखंड के असली मुद्दे? क्या इस बार बदलेगी उत्तराखंड की राजनीति?
    14 Feb 2022
    आम मतदाता अब अपने लिए विधायक या सांसद चुनने की बजाय राज्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के लिए मतदान करने लगा है। यही वजह है कि राज्य विशेष के अपने स्थानीय मुद्दे, मुख्य धारा और सरोकारों से दूर होते…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 34,113 नए मामले, 346 मरीज़ों की मौत
    14 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.12 फ़ीसदी यानी 4 लाख 78 हज़ार 882 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License