NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
क्यूबावासियों ने राष्ट्रीय नायक कोशे मार्टी को श्रद्धांजलि दी
कोशे मार्टी एक क्रांतिकारी कवि, लेखक, पत्रकार और एक राजनीतिज्ञ थें। वह क्यूबा क्रांतिकारी पार्टी के निर्माता और स्पेन के ख़िलाफ़ क्यूबा में स्वतंत्रता संग्राम के संयोजक थें।
पीपल्स डिस्पैच
29 Jan 2020
cuba

27 जनवरी को क्यूबा के राष्ट्रीय नायक और क्रांतिकारी कवि जोस मार्टी की 167 वीं जयंती मनाई गई। 27 जनवरी की रात को हर साल की तरह राजधानी हवाना में देशभक्त और शहीद मार्टी की याद में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया।

हजारों युवाओं ने हवाना विश्वविद्यालय की सीढ़ी से राष्ट्रीय स्मारक मार्टी फोर्ज की ओर मार्च किया। ये वह स्थान जहां स्वतंत्रता सेनानी को उनके स्वतंत्रता विचारों के लिए 1869 में सजा के तौर पर बंधुआ मज़दूरी के लिए मजबूर किया गया था जब वह केवल 17 वर्ष के थे।

क्यूबा के कम्युनिस्ट पार्टी के पहले सचिव राउल कास्त्रो और इस गणतंत्र के राष्ट्रपति मिगुएल डिआज़ कैनेल ने इस वार्षिक मार्च का नेतृत्व किया।

देश के प्रमुख ने अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से लोगों से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने और इसे इतिहास बनाने का आह्वान किया। केनेल ट्वीट किया, "आज हम विश्वविद्यालय की सीढ़ी पर अपने मशालों के साथ मार्टी के 167 वें जन्मदिन का इंतजार करने जा रहे हैं। आइए हम प्रेरणा देने वालों का सम्मान करने और उन्हें अपमानित करने की कोशिश करने वालों की निंदा करने के लिए सबसे बड़े मार्च के साथ इतिहास बनाएं।

 #WeAreCuba #WeAreContinuity ”।

राष्ट्रीय नायक को श्रद्धांजलि देते हुए पहला मशाल जुलूस 27 जनवरी 1953 की आधी रात को निकाला गया था और इसका नेतृत्व कमांडर फिदेल कास्त्रो ने किया था।

देश को राह दिखाते रहने के लिए मार्टी की विरासत और कास्त्रो के विचारों का बचाव करने को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को प्रमाणित करने के लिए 1953 के बाद से हर साल क्यूबा के नागरिक, युवा संगठन, छात्रों के संगठन और नेता अपने हाथों में मशालों के साथ अंधेरे में इकट्ठा होते हैं।

जोस जूलियन मार्टी पेरेज़ का जन्म 28 जनवरी 1853 को हवाना में हुआ था। वे एक उत्कृष्ट लेखक, पत्रकार, शिक्षक, क्रांतिकारी दार्शनिक और राजनीतिज्ञ थे। वह क्यूबा क्रांतिकारी पार्टी के निर्माता और स्पेन के खि़लाफ़ क्यूबा में स्वतंत्रता संग्राम के संयोजक थें।

cuba
koshe marti
anniversay
revolutionary
journalist
scholar
leader
freedom fighter

Related Stories

क्यों USA द्वारा क्यूबा पर लगाए हुए प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं अमेरिकी नौजवान

क्यूबा में नाकाबंदी ख़त्म करने की मांग को लेकर उत्तरी अमेरिका के 100 युवाओं का मार्च

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

ग्वांतानामो की विवादित जेल को हुए 20 साल

फिदेल कास्त्रो: लैटिन अमेरिका सहित समूची दुनिया में क्रांतिकारी शक्तियों के प्रतीक पुरुष

COP-26 में जिस एकमात्र व्यक्ति पर गिरफ़्तारी के बाद धाराएं लगाई गईं, वह कम्यूनिस्ट था

भारतीय वामपंथियों ने क्यूबा के क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो की 5वीं पुण्यतिथि पर उनके जीवन को याद किया

प्रसिद्ध अल्जीरियाई पत्रकार मोहम्मद मौलौद्ज को आतंकवाद के आरोप में हिरासत में लिया गया

वर्तमान और भविष्य के बीच संघर्ष का नाम है क्रांति : फिदेल कास्त्रो

हमारे समय का सबसे बड़ा मुक़ाबला मानवता और साम्राज्यवाद के बीच है


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 975 नए मामले, 4 मरीज़ों की मौत  
    16 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलो ने चिंता बढ़ा दी है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार कोरोना पर अपनी नजर बनाए रखे हुए हैं, घबराने की जरूरत नहीं। 
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश: सागर से रोज हजारों मरीज इलाज के लिए दूसरे शहर जाने को है मजबूर! 
    16 Apr 2022
    सागर के बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा नहीं है। जिससे जिले की आवाम बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों को जाने के लिए बेबस है। 
  • शारिब अहमद खान
    क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?
    16 Apr 2022
    यमन में अप्रैल माह में दो अहम राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिला, पहला युद्धविराम की घोषणा और दूसरा राष्ट्रपति आबेद रब्बू मंसूर हादी का सत्ता से हटना। यह राजनीतिक बदलाव क्या यमन के लिए शांति लेकर आएगा ?
  • ओमैर अहमद
    मंडल राजनीति को मृत घोषित करने से पहले, सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अंबेडकर की तस्वीरों को याद करें 
    15 Apr 2022
    ‘मंदिर’ की राजनीति ‘जाति’ की राजनीति का ही एक दूसरा स्वरूप है, इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव ने मंडल की राजनीति को समाप्त नहीं कर दिया है, बल्कि ईमानदारी से इसके पुनर्मूल्यांकन की ज़रूरत को एक बार फिर…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग
    15 Apr 2022
    बीएचयू में एक बार फिर छात्राओं ने अपने हक़ के लिए की आवाज़ बुलंद की है। लाइब्रेरी इस्तेमाल के लिए छात्राएं हस्ताक्षर अभियान के साथ ही प्रदर्शन कर प्रशासन पर लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखने का आरोप…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License