NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली भाजपा को हराने के लिए तैयार
महेश कुमार
05 Feb 2015

नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को इसका अंदाजा तो था कि दिल्ली का चुनाव उतना आसान नहीं है जितना कि वे अन्य राज्यों के चुनावों को समझ रहे थे। क्योंकि लोकसभा चुनाव के बाद जिन-जिन राज्यों में चुनाव हुए वहां अमूमन कांग्रेस का शासन था। लेकिन दिल्ली की बात कुछ और है। यहाँ पहले से ही आप पार्टी ने कांग्रेस के आधार को हड़प लिया है और पूरी दिल्ली के पैमाने पर भाजपा के मुकाबले जनता के मुद्दों पर अपनी बढ़त बना ली है। सभी सर्वेक्षण आप को भाजपा के मुकाबले काफी बढ़त दिखा रहे हैं। इसके पूरे आसार हैं कि आप साधारण बहुमत तो आराम से पा लेगी। आम आदमी पार्टी ने शुरू से ही भ्रष्टाचार और पानी, बिजली तथा जन कल्याण के मुद्दों को अपना मुख्य निशाना बनाया और दिल्ली की जनता को विश्वास दिलाया कि अगर वह सत्ता में आती है तो वह उनकी तकलीफों को दूर कर सकती है। इसी का नतीजा है कि आप को जनता के हर तबके से व्यापक समर्थन मिल रहा है। खासकर मेहनतकश तबका पूरी तरह आप के साथ है।

मोदी के खिलाफ रुख

पिछले करीब एक महीने में मैंने बस में, मेट्रो में, बाजारों में और राह चलते करीब 200 लोगों से बात की, उनमें करीब-करीब सभी लोगों ने आप को वोट देने की बात कही। यह पूछने पर कि वे नरेंद्र मोदी को क्यों नहीं वोट कर रहें हैं तो उन्होंने कहा कि “मोदी तो केवल भाषण देना जानते हैं, वे जनता के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं, अच्छे दिन की बात की और काम किसी और के लिए कर रहे हैं।” इतनी जल्दी दिल्ली की जनता के दिल में मोदी सरकार के खिलाफ आक्रोश भर जाएगा यह समझने वाली बात है। जनता के इस फैसले से यह साफ़ हो गया है भाजपा की हर चाल उलटी हो गयी है चाहे फिर वह किरण बेदी को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में उतारने की बात हो या फिर आप के फंड पर सवाल उठाने की बात हो।

                                                                                                                                      

दिल्ली की जनता के मुद्दे

दिल्ली की जनता ,खासकर गरीब और मेहनतकश वर्ग महंगाई, बेरोज़गारी, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और भष्टाचार से जूझ रही है। 60% से भी ज्यादा आबादी ऐसी बस्तियों में रहती जोकि नियमित कोलोनियों की श्रेणी में नहीं आती हैं। इन बस्तियों में रहे रही जनता को सम्पूर्ण विकास का फल आज तक चखने को नहीं मिला। यहाँ युवा तबका लाखों की तादाद में बेरोजगार है और अभी तक आई किसी भी सरकार के पास इस बेरोज़गारी को दूर करने के कोई भी पक्का कार्यक्रम नहीं है। ये सभी सवाल बड़े पैमाने पर आम जनता को झकझोर रहे हैं। यही कारण है कि इस बार दिल्ली की जनता बड़ी ही समझदारी से कदम उठा रही है। इस चुनाव ने उनकी सम्पूर्ण भागीदारी को सुनिश्चित कर दिया है। इस बार आम जनता अपने मुद्दे पर वोट देगी। इस चुनावी समर में अगर अपने मुद्दों का कोई हिमायती उन्हें नज़र आता है तो वह आम आदमी पार्टी है जो महंगाई को कम करने की बात कर रही है, बिजली, राशन, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुडी समस्याओं को सुलझाने और उनपर तुरंत कदम उठाने की बात कर रही है। यानी आम आदमी पार्टी के पास भाजपा के मुकाबले दिल्ली की जनता के लिए कार्यक्रम है।

भाजपा के उलटे पड़ते वार

यूँ देखा जाए तो भाजपा के पास दिल्ली की जनता के लिए कोई कार्यक्रम नहीं है। इसलिए उन्होंने दिल्ली की राजनीति को सांप्रदायिक मोड़ देने की कोशिश की। त्रिलोकपुरी के दंगों से लेकर बवाना तक साम्प्रदायिक मुहीम छेड़ी गयी लेकिन दिल्ली की जनता की सूझ-बूझ ने इनकी इस चाल को कामयाब नहीं होने दिया। केजरीवाल की प्रसिद्धि का मुकाबला करने के लिए किरण बेदी को मैदान में उतारना भी महंगा पड़ा। इसके चलते भाजपा के वोट में बड़ी कटौती हो गयी। केजरीवाल और आप के कईं नेताओं पर व्यक्तिगत आरोप लगाए गए लेकिन उनसे भी भाजपा की किरकिरी ही हुयी। पिछले एक दशक से भी ज्यादा से भाजपा स्थानीय निकायों यानी एम.सी.डी. में काबिज़ है पर दिल्ली की स्थानीय समस्याएं न केवल ज्यों की त्यों बनी हुई हैं वरन और ख़राब हो गयी है। दिल्ली नगर निगम में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, प्रदुषण के नाम पर रिश्वत न देने पर छोटी-छोटी दुकानों के बंद किया जा रहा है, रेहडी-पटरी पर गुजारा करने वालों पर निगम और पुलिस का दमन बरकार है, नालियों और सिवरेज की स्थिति काफी ख़राब है, मोदी सरकार द्वारा स्वच्छ अभियान चलाये जाने के बावजूद भी दिल्ली सबसे गन्दा शहर बना हुआ है। भाजपा अगर नगर-निगम में स्वच्छ प्रशासन नहीं दे पायी तो दिल्ली में कैसे देगी। दिल्ली की जनता के पास भाजपा के शासन का काफी बड़ा तजुर्बा है।

अपने शहर को आम आदमी का शहर बनाने वाली दिल्ली की जनता ने फैसला कर लिया है कि अब सरकार आम आदमी की ही बनेगी। भाजपा को यहाँ से अब हारने की आदत डाल लेनी चाहिए। क्योंकि ये पब्लिक है, ये सब जानती है।

डिस्क्लेमर:- उपर्युक्त लेख मे व्यक्त किए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत हैं, और आवश्यक तौर पर न्यूज़क्लिक के विचारो को नहीं दर्शाते ।

 

 

आम आदमी पार्टी
भाजपा
अरविन्द केजरीवाल
किरण बेदी
नरेन्द्र मोदी
सांप्रदायिक ताकतें
त्रिलोकपुरी
बवाना
अमित शाह

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों 10 सितम्बर को भारत बंद

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

मोदी के एक आदर्श गाँव की कहानी


बाकी खबरें

  • Michael Vaughan
    भाषा
    नस्लवाद के आरोपों के बाद वॉन बीबीसी के शो से बाहर
    06 Nov 2021
    वॉन बीबीसी फाइव लाइव्स के शो ‘ द टफर्स एंड वॉन क्रिकेट शो ’ पर पिछले 12 साल से विशेषज्ञ के तौर पर काम कर रहे थे।
  • UN Security Council
    एपी
    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इथियोपिया में संघर्ष तत्काल रोकने की अपील की
    06 Nov 2021
    परिषद ने इथियोपिया में तेज होते संघर्ष के प्रसार को रोकने और युद्ध प्रभावित टिगरे क्षेत्र में भुखमरी से निपटने के लिए निर्बाध मानवीय सहायता की अपील की।
  •  fire in Ahmednagar government hospital
    भाषा
    अहमदनगर के सरकारी अस्पताल में आग लगने से कोविड के 10 मरीज़ों की मौत
    06 Nov 2021
    अहमदनगर के जिलाधिकारी राजेंद्र भोसले ने पुष्टि की कि सरकारी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लगने से 10 मरीजों की मौत हो गई और एक मरीज की हालत गंभीर है।
  • liquid
    पुष्यमित्र
    शराबबंदी के बाद भी क्यों सूख नहीं रहे बिहार की ग्रामीण महिलाओं के आंसू?
    06 Nov 2021
    क्या बिहार में शराबबंदी फेल है? और फेल है तो क्या नीतीश कुमार का यह फैसला गलत था? इन दिनों मीडिया में ये सवाल हर तरफ हैं। मगर इस पूरे डिबेट से वे महिलाएं गायब हैं, जिनकी पहल पर राज्य में शराबबंदी…
  • Leela Devi
    राहुल कुमार गौरव
    बिहार: जिस ई-श्रम कार्ड को बनाने में ही भ्रष्टाचार हो रहा है वो करोड़ों असंगठित मजदूरों की ज़िंदगी में बदलाव कैसे लाएगा?
    06 Nov 2021
    सरकारी दस्तावेज़ बनवाने में भारत के ग्रामीण इलाकों में जबरदस्त भ्रष्टाचार का चलन है। श्रम कार्ड बनवाने को लेकर बिहार में जिस तरह की लूट मची हुई है, उसका एक नमूना आप यहां पढ़ सकते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License