NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिवाली से पहले ही दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर घातक
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गयी एन्वाइरनमेंट पोल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी ने दिल्ली वालों से अपील की है कि वह आने वाले कुछ दिन सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें, जिससे प्रदूषण कम हो।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Nov 2018
smog

आज सुबह जब दिल्ली के बाशिंदों की नींद खुली तो उन्हें चारों तरफ सिर्फ धुंध दिखाई दी। जानकारों ने बताया कि आज दिवाली से दो दिन पहले ही राजधानी में वायु गुणवत्ता का स्त्तर बहुत खराब है और यह घातक हो सकता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार मंदिर मार्ग पर पीएम 10 का स्तर 707 था और पीएम 2.5 का स्तर 663 था, जवाहरलाल स्टेडियम के आसपास पीएम 10 का स्तर 681 था और मेजर ध्यानचंद स्टेडियम के आसपास पीएम 10 का स्तर 676 था। दक्षिण दिल्ली के ओखला में पीएम 2.5 का स्तर 644 था जो कि बेहद घातक है। वर्ल्ड हेल्थ और्गेनाइज़ेशन की सुरक्षा सीमा से यह 20 गुना ज़्यादा है।

पीएम 2.5 किसी भी चीज़ के वह कण होते हैं जिनका डायामीटर 10 या 2.5  माइक्रोमीटर से काम होता है। इस आकार के कण धूल में बड़ी मात्रा में होते हैं और वह फेंफड़ों में चले जाते हैं। इस तरह के कण नाक, गले में फंस जाते हैं और इससे साँस सम्बन्धी परेशानियाँ हो सकती हैं। 

 0-50 के एयर क्वॉलिटी इंडेक्स को अच्छा माना जाता है, 51-100 को संतोषजनक माना जाता है, 101-200 को ठीक-ठाक माना जाता है, 201 -300 को ख़राब माना जाता है, 301-400  को बहुत खराब माना जाता है और 401-500 को घातक माना जाता है। रविवार को कुछ समय के लिए दिल्ली में प्रदूषण का स्तर खराब स्तर तक पहुँच गया था, इससे दिल्ली वालों को कुछ राहत मिली थी, क्योंकि इससे पहले कई दिनों तक यह बहुत खराब और घातक था। रविवार को एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 231 था, जो कि खराब स्तर पर आता है। 

सिस्टम ऑफ़ एयर क्वॉलिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च(सफर) ने शनिवार को कहा था कि सोमवार से वायु की गुणवत्ता में गिरावट होगी। ये कहा गया था कि दिल्ली के मौसम में नमी बढ़ जाने, तापमान में गिरावट, ऊपर जाने वाली हवा में गिरावट और पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी की वजह से यह स्थिति बनी है। सुबह से सड़क पर धुंध के कारण कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था। सफर की आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक जैसा की अंदेशा था दिल्ली में बिओमास प्रदूषण बढ़ गया है। इस वजह से हवा में तेज़ी के बावजूद वायु गुणवत्ता का स्तर बहुत गिर गया है इसकी एक वजह पराली का जलाया जाना भी है, जिसकी दर आज 24 % है। 

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ ट्रॉपिकल मिटीऑरोलॉजी ने भी कहा कि पराली के जलाये जाने और दूसरी वजहों से भारत के उत्तर पश्चिम में गुरुवार के मुकाबले शनिवार को प्रदूषण का स्तर कुछ कम था। लेकिन उन्होंने भी कहा कि आज इसका स्तर बढ़ जायेगा। जहाँ एक तरफ पीएम 10, 2.5 और 1 के बढ़ जाने की बात हो रही है, वहीं जानकार कहते हैं कि नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और बेंज़ीन के दरों में भी बढ़ोतरी हुई है। 

सूरज की रौशनी से मिलकर नाइट्रोजन डाइऑक्साइड फोटोकेमिकल स्मॉग बना देता है जिससे शहर के मौसम में एक पीलापन देखा जा सकता है। डेटा यह दिखाता है कि इसका स्तर तब बढ़ जाता है जब ट्रैफिक ज़्यादा हो जाता है। इसका सबसे बड़ा स्रोत पेट्रोल और डीज़ल हैं। इसके साथ ही पिछले कुछ हफ़्तों से बेंज़ीन के स्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। बेंज़ीन जिसके संपर्क में आने से ही काफी नुकसान हो सकता है, के स्तर में तापमान गिरने से बढ़ोतरी हुई है। यह सबसे ज़्यादा रात में होता है। 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गयी एन्वाइरनमेंट पोल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी ने दिल्ली वालों से अपील की है कि वह नवंबर के पहले 10 दिनों के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें, जिससे प्रदूषण कम हो। बताया जाता है कि दिल्ली एनसीआर में 40 % वायु प्रदूषण निजी वाहनों से होता है। डीपीसीसी ने 10 नवंबर तक ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को प्रदूषण करने वाले वाहनों और रोड पर ज़्यादा वाहन होने से रोकने को कहा है। इसी तरह खुदाई सम्बंधित निर्माण कार्य पर भी बैन लगा दिया गया है। साथ ही स्टोन क्रशर और हॉट मिक्स प्लांट जिससे धूल उड़ती है पर भी रोक लगा दी गयी है। 

जहाँ एक तरफ प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है वहीं दूसरी तरफ एयर प्योरिफायर के बाज़ार में भी तेज़ी आयी है।  पिछले सालों में यह क्षेत्र तीन गुना तक बढ़ गया है। इसे बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ भी बनाती हैं और छोटी-छोटी कम्पनियां भी बना रही हैं। बेसिक फीचर वाले प्योरिफायर जहाँ 7000 रुपये में मिल जाते हैं वहीं ज़्यादा फीचर वाले एक लाख तक की कीमतों तक जाते हैं। इसका सबसे बड़ा मार्केट उत्तर भारत है जहाँ वायु प्रदूषण सबसे ज़्यादा है। यह शहर हैं दिल्ली, नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, फरीदाबाद, जयपुर, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और लुधियाना जहाँ दिवाली आने से पहले ही एक्यूआई 400 से ज़्यादा है जो कि घातक है। 

Delhi smog
Air Pollution
PM2.5
PM10
air purifier
CBCS

Related Stories

वर्ष 2030 तक हार्ट अटैक से सबसे ज़्यादा मौत भारत में होगी

बिहार की राजधानी पटना देश में सबसे ज़्यादा प्रदूषित शहर

दिल्ली से देहरादून जल्दी पहुंचने के लिए सैकड़ों वर्ष पुराने साल समेत हज़ारों वृक्षों के काटने का विरोध

साल 2021 में दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी थी : रिपोर्ट

विश्व जल दिवस : ग्राउंड वाटर की अनदेखी करती दुनिया और भारत

देहरादून: सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के कारण ज़हरीली हवा में जीने को मजबूर ग्रामीण

हवा में ज़हर घोल रहे लखनऊ के दस हॉटस्पॉट, रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयार किया एक्शन प्लान

दिल्ली : ओला-ऊबर के किराए और पेनिक बटन-की के खिलाफ टैक्सी ड्राइवरों की भूख हड़ताल

हर नागरिक को स्वच्छ हवा का अधिकार सुनिश्चित करे सरकार

कृषि क़ानूनों की वापसी को कैबिनेट में मंज़ूरी, दिल्ली वायु प्रदूषण और अन्य ख़बरें


बाकी खबरें

  • Nishads
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: आजीविका के संकट के बीच, निषाद इस बार किस पार्टी पर भरोसा जताएंगे?
    07 Mar 2022
    निषाद समुदाय का कहना है कि उनके लोगों को अब मछली पकड़ने और रेत खनन के ठेके नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके चलते उनकी पारंपरिक आजीविका के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
  • Nitish Kumar
    शशि शेखर
    मणिपुर के बहाने: आख़िर नीतीश कुमार की पॉलिटिक्स क्या है...
    07 Mar 2022
    यूपी के संभावित परिणाम और मणिपुर में गठबंधन तोड़ कर चुनावी मैदान में हुई लड़ाई को एक साथ मिला दे तो बहुत हद तक इस बात के संकेत मिलते है कि नीतीश कुमार एक बार फिर अपने निर्णय से लोगों को चौंका सकते हैं।
  • Sonbhadra District
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: सोनभद्र के गांवों में घातक मलेरिया से 40 से ज़्यादा लोगों की मौत, मगर यहां के चुनाव में स्वास्थ्य सेवा कोई मुद्दा नहीं
    07 Mar 2022
    हाल ही में हुई इन मौतों और बेबसी की यह गाथा भी सरकार की अंतरात्मा को नहीं झकझोर पा रही है।
  • Russia Ukraine war
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन अपडेट: जेलेंस्की ने कहा रूस पर लगे प्रतिबंध पर्याप्त नहीं, पुतिन बोले रूस की मांगें पूरी होने तक मिलट्री ऑपरेशन जारी रहेगा
    07 Mar 2022
    एक तरफ रूस पर कड़े होते प्रतिबंधों के बीच नेटफ्लिक्स और अमेरिकन एक्सप्रेस ने रूस-बेलारूस में अपनी सेवाएं निलंबित कीं। दूसरी तरफ यूरोपीय संघ (ईयू) के नेता चार्ल्स मिशेल ने कहा कि यूक्रेन के हवाई…
  • International Women's Day
    नाइश हसन
    जंग और महिला दिवस : कुछ और कंफ़र्ट वुमेन सुनाएंगी अपनी दास्तान...
    07 Mar 2022
    जब भी जंग लड़ी जाती है हमेशा दो जंगें एक साथ लड़ी जाती है, एक किसी मुल्क की सरहद पर और दूसरी औरत की छाती पर। दोनो ही जंगें अपने गहरे निशान छोड़ जाती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License