NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दलितों पर मुंबई-गुंटूर में हमला, हमलावरों की गिरफ़्तारी के बजाय दलितों के ख़िलाफ़ ही मामला दर्ज
बीते दिनों में दलितों पर लगातार हुए हमले उनके ख़िलाफ़ बढ़ रही नफ़रत को दर्शातें हैं।
पी.जी आंबेडकर
06 Jan 2018
दलितों पर हमला
image coutesy : Indian Express

महाराष्ट्र में दलितों पर हुए हमले को लेकर दलितों, बौद्धों और धर्मनिरपेक्ष लोगों ने 3 जनवरी को मुंबई बंद का आह्वान किया था। प्रकाश अम्बेडकर की ओर से दलितों पर किए गए हिंदुत्व हमलों के ख़िलाफ़ ये बंद बुलाया गया था। बता दें कि वर्ष 1818 में भीमा कोरेगांव में पेशवा सैनिकों के ख़िलाफ़ लड़ते हुए महार सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी थी। इन्हीं सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दलित समाज के लोग इस साल इकट्ठा हुए थे जिन पर बुरी तरह हमला किया गया। इस घटना के बाद पूरे राज्य में दलितों के ख़िलाफ़ हिंसा हुई। इसी तरह की घटना मुंबई में भी हुई।

दलितों पर हमला

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए मुंबई के एक सामाजिक कार्यकर्ता सागर ज़ेंडे ने कहा कि उन्होंने पीड़ितों का मुलाक़ात की। मुंबई के पूर्वी कल्याण इलाके में इन पर उच्च जाति के लोगों ने हमला किया था। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्व झुंड में आए और दलितों पर हमला करना शुरू कर दिया। उन्होंने दलितों या बौद्धों से संबंधित कलाकृतियों की तोड़-फोड़ की और उन्हें नष्ट कर दिया।

दलितों पर हमला

दलितों पर हमला

दलितों ने हमलावरों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया है। सागर ने आगे कहा कि "दोषियों को पकड़ने के बजाय पुलिस ने मामला दर्ज कराने वाले परिवार के सदस्यों के ख़िलाफ़ ही काउंटर केस दर्ज कर दिया है"। उन्होंने कहा कि दलित और बौद्ध परिवारों के सात लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिसमें दो पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि फ़िलाहाल इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वहां से छुट्टी मिलने पर वे ज़मानत के लिए आवेदन देंगे। हिंसा करने वालों की तरफ़ से दस लोगों को ही गिरफ्तार किया गया है।

एक अन्य घटना गुंटूर ज़िले के गोट्टीपाडु गांव की है जो आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती से क़रीब 60 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां भी इसी साल 1 जनवरी को दलितों पर हमला किया गया। गांव के ही उच्च जाति के लोगों ने दलितों पर आरोप लगाया कि दलितों ने उनकी समाज के युवाओं से दुर्व्यवहार किया है। दुर्व्यवहार का बहाना बनाकर उच्च जातियों के लोगों ने दलितों पर हमला किया।

दलितों पर हमला

दलित बहुजन मोर्चा (डीबीएफ) के बैनर तले दलितों ने ज़िला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। दलितों ने मांग की कि दोषियों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 307और एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए साथ-साथ दलितों के ख़िलाफ़ दर्ज सभी फ़र्ज़ी मामलों को हटाया जाए। दलितों की तीसरी मांग थी कि नेताओं को हमले में घायल हुए पीड़ितों से मुलाक़ात करने की अनुमति दी जाए।

न्यूज़़क्लिक से बात करते हुए डीबीएफ के मेल्लम भाग्यराओ ने कहा कि इस साल 1 जनवरी को सुबह-सुबह गोट्टीपाडु के चार दलित युवक बाइक पर जाते हुए लोगों को "नये साल की बधाई" दे रहे थें। उनमें से एक युवक अपनी बाइक से उस स्थान से कुछ दूर गिर गयी जहां पर उच्च जाति के हिंदू "रंगोली" से अपनी सड़कों को सजा रहे थे। नीचे गिरे बाइक सवार की मदद करने के बजाय उच्च जाति के लोगों ने युवाओं को बुरी तरह पीटा।

घटना के दूसरे दिन सुबह के समय क़रीब 70 कम्मा जाति के लोग वहां आए और दलित के घरों पर हमला किया। इस हमले में आठ दलित गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीते दिनों में दलितों पर लगातार हुए हमले उनके ख़िलाफ़ बढे नफ़रतों को दर्शाता है।

 

bheema koregaon
Dalit atrocities
Dalit assertion
Mumbai

Related Stories

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

लखनऊ: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत के साथ आए कई छात्र संगठन, विवि गेट पर प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

मुंबई में अगले साल आईओसी सत्र का आयोजन देश के खेल क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा: प्रमाणिक

यूपी चुनाव: दलितों पर बढ़ते अत्याचार और आर्थिक संकट ने सामान्य दलित समीकरणों को फिर से बदल दिया है

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक से ईडी कर रही है पूछताछ

मध्य प्रदेश : धमकियों के बावजूद बारात में घोड़ी पर आए दलित दूल्हे

चुनाव 2022: उत्तराखंड में दलितों के मुद्दे हाशिये पर क्यों रहते हैं?


बाकी खबरें

  • RAHANE PUJARA
    भाषा
    रणजी ट्राफी: रहाणे और पुजारा पर होंगी निगाहें
    23 Feb 2022
    अपने फॉर्म से जूझ रहे आंजिक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा अब रणजी ट्रॉफी से वापसी की कोशिश करेंगे। 24 फरवरी को होने वाले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों पर खास नज़र होगी।
  • ibobi singh
    भाषा
    मणिपुर के लोग वर्तमान सरकार से ‘ऊब चुके हैं’ उन्हें बदलाव चाहिए: इबोबी सिंह
    23 Feb 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने कहा "मणिपुर के लोग भाजपा से ऊब चुके हैं। वह खुलकर कह नहीं पा रहे। भाजपा झूठ बोल रही है और खोखले दावे कर रही है। उन्होंने अपने किसी भी वादे को…
  • तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: बीजेपी के गढ़ पीलीभीत में इस बार असल मुद्दों पर हो रहा चुनाव, जाति-संप्रदाय पर नहीं बंटी जनता
    23 Feb 2022
    पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): जैसा वायदा किया गया था, क्या किसानों की आय दोगुनी हो चुकी है? क्या लखीमपुर खीरी में नरसंहार के लिए किसानों को न्याय मिल गया है?
  • vaccine
    ऋचा चिंतन
    शीर्ष कोविड-19 वैक्सीन निर्माताओं ने गरीब देशों को निराश किया
    23 Feb 2022
    फ़ाइज़र, मोडेरना एवं जेएंडजे जैसे फार्मा दिग्गजों ने न तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोवाक्स में ही अपना कोई योगदान दिया और न ही गरीब देशों को बड़ी संख्या में खुराक ही मुहैया कराई है।
  • vvpat
    एम.जी. देवसहायम
    चुनाव आयोग को चुनावी निष्ठा की रक्षा के लिहाज़ से सभी वीवीपीएटी पर्चियों की गणना ज़रूरी
    23 Feb 2022
    हर एक ईवीएम में एक वीवीपैट होता है, लेकिन मतों की गिनती और मतों को सत्यापित करने के लिए काग़ज़ की इन पर्चियों की गिनती नहीं की जाती है। यही वजह है कि लोग चुनावी नतीजों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License