NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
GDP से आम आदमी के जीवन में क्या नफ़ा-नुक़सान?
हर साल GDP के आंकड़े आते हैं लेकिन GDP से आम आदमी के जीवन में क्या नफा-नुकसान हुआ, इसका पता नहीं चलता.
न्यूज़क्लिक टीम
03 Jun 2022

हर साल GDP के आंकड़े आते हैं लेकिन GDP से आम आदमी के जीवन में क्या नफा-नुकसान हुआ, इसका पता नहीं चलता. Financial year 2021-22 में GDP की 8.7% की बढ़ोतरी सरकार और कॉरपोरेट के गठजोड़ से बनी मीडिया की हेडलाइन में कोरोना के बाद अर्थव्यवस्था की रिकवरी की बात तो करती है लेकिन आम आदमी की जिंदगी पर नहीं? साल 1981 में ₹750 में जो सामान मिल जाता था वही सामान साल 2019 में तकरीबन 15 हजार में मिलता है।

जबकि देश में महज 10% कामगारों की महीने की आमदनी ₹25 हजार या उससे ज्यादा है।साल 1991 से लेकर 2019 की हालत यह है कि कारोबारियों ने कुल मुनाफे का तकरीबन आधे से अधिक हिस्सा 58% अपने पास रखा और महज 19% हिस्सा अपने मजदूरों को दिया। मतलब जीडीपी के आंकड़ें भले आर्थिक बढ़ोतरी की माया रचते हों लेकिन आर्थिक बढ़ोतरी का पैसा अमीरों की जेब में जा रहा है और आम लोग बद से बदतर होते जा रहे हैं। इस विषय पर हमारे सहयोगी ऑनिंद्यो चक्रवर्ती के साथ बातचीत।

GDP
economic crisis
common man

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

वित्त मंत्री जी आप बिल्कुल गलत हैं! महंगाई की मार ग़रीबों पर पड़ती है, अमीरों पर नहीं

किधर जाएगा भारत— फ़ासीवाद या लोकतंत्र : रोज़गार-संकट से जूझते युवाओं की भूमिका अहम

गहराते आर्थिक संकट के बीच बढ़ती नफ़रत और हिंसा  

मोदी  महंगाई पर बुलडोजर क्यों नहीं चलाते?

8 साल की उपलब्धि : ...और नहीं बस और नहीं !

जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी

25 मार्च, 2020 - लॉकडाउन फ़ाइल्स

देश पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ, मोदी राज में कर्जे में 123 फ़ीसदी की बढ़ोतरी 


बाकी खबरें

  • cartoon
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: ...पॉजिटिविटी तो आने दो
    29 May 2021
    जब से कोरोना की दूसरी वाली लहर आयी है, देश में पॉजिटिविटी का बहुत भारी टोटा पड़ गया है।
  • यूपी : कब और कैसे रुकेगा अवैध और ज़हरीली शराब का धंधा
    असद रिज़वी
    यूपी : कब और कैसे रुकेगा अवैध और ज़हरीली शराब का धंधा
    29 May 2021
    अलीगढ़ की घटना प्रदेश में ज़हरीली शराब से होने वाली यह पहली त्रासदी नहीं है। अभी 28 अप्रैल को हाथरस में ऐसी ही घटना हुई थी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी।
  • फैक्ट चेकः भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के कोरोना की दूसरी लहर के बारे में दावों की सच्चाई
    राज कुमार
    फैक्ट चेकः भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के कोरोना की दूसरी लहर के बारे में दावों की सच्चाई
    29 May 2021
    कैलाश विजयवर्गीय दो दावे कर रहे हैं, पहला, कि भारत के पड़ोसी देशों में कोरोना की दूसरी लहर नहीं है और दूसरा, कि कोरोना की दूसरी लहर चीन का भारत पर वायरल वार है। आइये इन दोनों ही दावों की पड़ताल करते…
  • एक दुर्बल स्वास्थ्य प्रणाली महामारी से नहीं निपट सकती है 
    भरत डोगरा
    एक कमज़ोर स्वास्थ्य प्रणाली महामारी से नहीं निपट सकती है 
    29 May 2021
    भारत में स्वास्थ्य संकट और मौतों के लिए अकेले महामारी जिम्मेदार नहीं है। स्वास्थ्य पर अपर्याप्त बजट आवंटन ने हमारी स्वास्थ्य प्रणाली को कुचल कर रख दिया है।
  •  सोशल मीडिया
    सोनिया यादव
    नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?
    29 May 2021
    नए आईटी नियम सोशल मीडिया कंपनियों के लिए जवाबदेही के नाम पर दोधारी तलवार हैं और इस तलवार का इस्तेमाल कहां कंपनियों के ख़िलाफ़ किया जायेगा ये कहा नहीं जा सकता। लोकहित के नाम पर लाए जा रहे ये कानून, कब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License