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पृथ्वी की प्लेट टेक्टोनिक्स प्रक्रिया क़रीब 3.2 अरब वर्ष पहले शुरू हुईः स्टडी
प्लेट टेक्टोनिक्स ने वायुमंडल में नई चट्टानों को उभारा और इस प्रकार अरबों वर्षों में पृथ्वी की सतह के तापमान को स्थिर करने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाएं हुईं।
संदीपन तालुकदार
30 Apr 2020
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हमारे ग्रह पृथ्वी की एक अनूठी गतिशील प्रक्रिया है 'प्लेट टेक्टोनिक्स' जो कि बड़े पैमाने पर सात बड़े प्लेटों की गति के साथ साथ पृथ्वी के सबसे बाहरी परत की छोटी प्लेटों की अधिक संख्या की गति है। न केवल प्लेट टेक्टोनिक्स भूवैज्ञानिक अनुसंधान और पृथ्वी के इतिहास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह इस ग्रह पर जीवन के विकास के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

टेक्टोनिक प्लेटों की गति ने महाद्वीपों और उनके स्थानों को आकार दिया और नई प्लेटों के निर्माण और माउंटेन की तरह अद्वितीय लैंडस्केप बनाने में भी मदद की। प्लेट टेक्नोटिक्स के कारण समुद्र से हिमालय का बनना सर्वविदित है।

प्लेट टेक्टोनिक्स ने वायुमंडल में नई चट्टानों को उभारा और इस प्रकार अरबों वर्षों में पृथ्वी की सतह के तापमान को स्थिर करने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाएं हुईं। जीवन के उद्भव के लिए स्थिर जलवायु का काफी महत्व है।

लेकिन जब से टेक्टोनिक गति की शुरुआत हुई तो भूवैज्ञानिकों के बीच विशेष बहस का विषय बना हुआ है। अब, 'साइंस एडवांस' में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन ने इसका एक बहुत ही दिलचस्प अनुमान लगाया है और पाया है कि यह क़राब 3.2 बिलियन (3.2 अरब) वर्ष पहले शुरू हुई।

शोधकर्ताओं ने 235 हनीटर बेसाल्ट कोर से नमूने निकाले जो पृथ्वी पर सबसे पुरानी चट्टानों में से एक है। इन चट्टानों में उस समय के पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के रिकॉर्ड को बनाए रखने की अनोखी विशेषता है जब इसने क्रिस्टलीकरण करना शुरू किया था। चुंबकीय रूप से उन्मुख इस आग्नेय चट्टान ने उन्हें प्लेट टेक्टोनिक्स की शुरुआत के काल को समझने में मदद की।

चट्टानों का काल जो अलग-अलग समय में क्रिस्टलीकृत हुई वे वैज्ञानिकों को ज्ञात हैं। ये चट्टानें अलग-अलग समय में क्रिस्टलीकृत हुईं लेकिन क्रस्ट के ब्लॉक के भीतर क्रिस्टलीकरण की घटना हुई। शोधकर्ता लाखों वर्षों में ब्लॉक के अक्षांश में परिवर्तन का परिणाम निकाल सके।

उन्होंने पाया कि क्रस्ट का सेक्शन प्रति वर्ष औसतन 2.5 सेंटीमीटर की दर से प्रवाह करता है। महत्वपूर्ण रूप से, यह वेग आज की प्लेट गति दर जैसा दिखता है।

ऑस्ट्रेलिया से निकाले गए हनीस्टार बेसाल्ट कोर चट्टानों को अमेरिका में अपनी प्रयोगशाला में ले आए और शोधकर्ताओं ने चट्टान के इन नमूनों को मैग्नेटोमीटर और डीमेग्नेटाइजिंग उपकरणों में डाल दिया। इन उपकरणों का उपयोग चट्टानों के चुंबकीय इतिहास को खोजने के लिए किया गया था। इतिहास का सबसे स्थिर हिस्सा वो समय है जब चट्टानें बन रही थीं और उपकरणों ने इसे पाया और अनुमान लगाया कि यह 3.2 अरब साल पहले हुआ था।

इस अध्ययन के प्रमुख लेखक एलेक ब्रेनर कहते हैं, “मूल रूप से, पृथ्वी के इतिहास में काफी पहले पृथ्वी पर प्लेट टेक्टोनिक्स के रिकॉर्ड का विस्तार करने के लिए यह भूवैज्ञानिक सबूत का एक अंश है। सबूतों के आधार पर हमने पाया कि यह प्लेट टेक्टोनिक्स की तरह लगता है जो प्रारंभिक पृथ्वी पर होने वाली बहुत अधिक समान प्रक्रिया है और जो पृथ्वी के लिए तर्क प्रस्तुत करता है कि आज के अधिक समान लगता है।"

ये निष्कर्ष अन्य ग्रहों की प्रणाली में भी प्लेट टेक्टोनिक्स का अध्ययन करने की संभावना को खोल सकता है। ब्रेनर ने कहा, "उम्मीद है कि हमें यह समझने में आसानी होगी कि प्लेट टेक्टोनिक्स की घटना को समझना कितना आसान है, विशेषकर प्लेट टेक्टोनिक्स, जीवन के उद्भव और जलवायु के स्थिरीकरण के बीच की सभी कड़ी को समझने में।"

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल लेख को नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।

Earth’s Plate Tectonics May Have Begun 3.2 Billion Years Ago, Finds Study 

Honeyeater Basalt Cores
Ancient Rocks in Australia
Plate Tectonics
Evolution of Humans
Evolution of Earth
History of Plate Tectonics

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License