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भारत
एबीवीपी के एक और छात्रसंघ नेता पर फर्ज़ीवाड़े का आरोप, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हमला
मामला बिहार के दरभंगा स्थित एलएनएमयू का है। यहां छात्रसंघ अध्यक्ष मधुमाला कुमारी का यूनिवर्सिटी में एडमिशन फर्जी बताया जा रहा है। इस मामले में एसएफआई और अन्य वामपंथी जनवादी छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया जिनपर हमला भी किया गया है।
मुकुंद झा
22 May 2019
STUDENT PROTEST LNMU

एक और विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की छात्रसंघ नेता पर एडमिशन में फर्जीवाड़े का आरोप लग रहा है।  इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने पर छात्रों पर हमला भी किया गया है।

मामला बिहार के दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का है। यहां छात्र संघ की अध्यक्ष मधुमाला कुमारी जो ABVP  की सदस्य हैं का यूनिवर्सिटी में एडमिशन फर्जी बताया जा रहा है। ये मामला सामने आने पर एस.एफ.आई और अन्य वामपंथी जनवादी छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया जिसपर हमला भी किया गया है। हमले का आरोप ABVP  पर लग रहा है। छात्रों का कहना का है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे कि ABVP  के गुंडों ने उनके ऊपर हमला कर दिया। इस हमले में कई छात्र जख्मी हो गए। 
 

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इससे पहले ऐसा ही मामला दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष और ABVP  नेता अंकिव बैसोया और उत्तराखंड के गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर काबिज ABVP  के संदीप राणा का आया था। दोनों ही मामलों में शुरुआत में तो ABVP ने इससे इंकार किया लेकिन फर्जीवाड़ा खुलने और कोर्ट के आदेश के बाद दोनों ही मामलो में इन छात्रसंघ नेताओ को बर्ख़ास्त कर दिया गया। 

इस भी पढ़े ;-गढ़वाल विवि में भी पकड़ा गया एबीवीपी का फर्जीवाड़ा, छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप राणा का चुनाव रद्द
एलएनएमयू का क्या है पूरा मामला?
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) छात्र संघ की अध्यक्ष मधुमाला कुमारी के एडमिशन को लेकर पूरा विवाद है। नियम के मुताबिक विश्वविद्यालय में परास्नातक (एमए) एडमिशन के लिए पहले पंजीकरण करना होता उसके बाद उसे एक प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है उसके बाद ही किसी छात्र का एडमिशन हो सकता है परन्तु मधुमाला पर आरोप है कि न तो उन्होंने पंजीकरण कराया और न ही कोई परीक्षा दी है। इसके बावजूद उनका एडमिशन हो गया। इतना ही नहीं वो छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ीं। लेकिन किसी ने भी इसकी जाँच नहीं की। छात्रों का कहना है कि इसमें प्रशसन की भी मिलीभगत है। इसलिए अब इसे दबाने की कोशिश की जा रही है।  
इस पूरे मामले पर आरोपी एलएनएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष मधुमाला कहती हैं कि उन्हें फंसाया जा रहा है, उन्होंने वैधानिक तरीक़े से नामांकन लिया है, इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सूचित भी किया था, अधिकारियों के सहमति से ही उन्होंने एडमिशन लिया है, सीट खाली होने के वजह से अधिकारियों ने उन्हें एडमिशन की परमिशन दी। 
इसको लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि आप इतिहास पलट के देख लीजिए, आपको पता चल जाएगा कि कोई अपराधी नहीं कहता कि वह गुनाहगार है। अब ग़लती तो दोनो की है, अध्यक्ष महोदया की भी और संबंधित अधिकारियों की भी, जिन्होंने उन्हें एडमिशन दिया। दोनों इस भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। 

इस भी पढ़े ;-फर्जी डिग्री मामला : क्या एबीवीपी और अंकिव को बचाना चाहता है डीयू?

क्या एक बार फिर एबीवीपी के एक और छात्रसंघ नेता की कुर्सी फर्जीवाड़े के चक्कर में जाएगी ?

एलएनएमयू दरभंगा जिसमें 40 वर्षों के लंबे अंतराल और एक लंबे छात्र संघर्ष के बाद पिछले 2 वर्षों से छात्रसंघ का चुनाव हो रहा है, उसमें दोनों ही बारABVP के छात्र जीतकर अध्यक्ष व अन्य पदों पर आसीन होते रहे हैं। इस दौरान अन्य छात्र संगठनों का हमेशा ही आरोप रहा है कि ABVP सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर छात्रसंघ का चुनाव जीतती है।

स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इण्डिया (एसएफआई) के राज्य सचिव मुकुल राज ने बताया कि यहां चुनाव में खुलेआम सभी नियमों को ताक पर रखकर खुलेआम धन और बाहुबल का प्रयोग किया जाता है। यहाँ तक सत्ताधारी बीजेपी के नेता सांसद और मंत्री चुनाव में सीधा हस्तक्षेप करते हैं। चुनाव के दौरान पूरे कैंपस में भय का माहौल बनाया जाता है, अपने पक्ष में जबरन मतदान कराया जाता है। यहाँ छात्रसंघ में छात्रों का चुनाव नहीं होता बल्कि छात्रों के नाम पर यहाँ आरएसएस और बीजेपी के लोगों को जिताया जाता है। 
आगे उन्होंने कहा की इस बार भी ऐसा ही हुआ लेकिन उनकी धांधली इसबार पकड़ी गई। उसे छुपाने के लिए अब हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। पिछले कई दिनों से विश्वविद्यालय के छात्र और विभिन्न छात्र संगठन अपनी जायज मांग को लेकर परिसर में शान्तिपूर्ण और लोकतांत्रिक रूप से प्रदर्शन कर थे। इसी दौरान मंगलवार को ABVP और संघ के 100  से अधिक कार्यकर्ता भगवा झंडे के साथ कॉलेज में घुसे और प्रदर्शन कर रहे है छात्रों के साथ मारपीट शुरू कर दी, इनमें से अधिकतर छात्र नहीं थे, इस दौरान उन्होंने बीच बचाव कर रहे कर्मचारियों के साथ भी हिंसा की जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए और अभी अस्पताल में भर्ती हैं। इसके बाद से ही पूरे विश्वविद्यालय का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।  
एसएफआई ने इस हमले के पीछे प्रॉक्टर का भी हाथ होने का आरोप लगाया है। घायल छात्रों को डीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। एसएफआई ने प्रॉक्टर को बर्खास्त करने और मधुमाला कुमारी के एडमिशन की जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है। सभी छात्र संगठनों ने यह भी चेताया कि अगर इस मामले में जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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