NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एक केटली और नदी की कहानी
ऐसा लग रहा है कि प्रतीकों की राजनीति के दिन पूरे हुए। जहां से यह राजनीति शुरू हुई थी वहीं से इसके दफन की तैयारी दिखाई पड़ती है।
संदीप पाण्डेय
19 Dec 2017
akhbarnagar kilti
Image Courtesy: Ahemdabad Life

2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के बाद जब नरेन्द्र मोदी देश के प्रधान मंत्री बनने का चुनाव लड़ रहे थे तो देश के लोगों को बताया गया कि वे अपने शुरू के दिनों में चाय बेचा करते थे ताकि यह दिखाया जा सके कि वे कहां से कहां पहुंच गए। वडनगर रेलवे स्टेशन वह स्थान चिन्हित किया गया जहां वे चाय बेचा करते थे। भारतीय रेल वडनगर पर पैसा खर्च कर उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चाहती है।

हकीकत यह है कि मोदी ने जवानी के दिनों में कुछ दिनों के लिए अहमदाबाद शहर के गीता मंदिर सड़क परिवहन डिपो पर अपने चाचा की कैन्टीन सम्भाली थी।

अहमदाबाद के एक प्रसिद्ध चैराहे अखबार नगर, जो वर्तमान में देश के दूसरे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति व मोदी के चेले और उस समय के विधायक अमित शाह के विधान सभा क्षेत्र में पड़ता है, पर एक बड़े आकार की केटली बनी हुई है जिसे स्थानीय सिलवरओक अभियांत्रिकी व प्रौद्योगिकी संस्थान के लोगों ने बनाया है। यह केटली देखने में आकर्षक लगती है लेकिन ध्यान से देखने पर इसका दोष पकड़ में आ जाता है।

इसका हैण्डल ऐसा लगा हुआ है कि आप इसे झुका कर उसमें से चाय नहीं निकाल सकते। आप हैण्डल को चाहे जितना झुका लें केटली का शरीर नहीं झुकेगा। यदि यह केटली हमारे अभियांत्रिकी व प्रौद्योगिकी संस्थानों की काबिलियत की प्रतीक है तो समझा जा सकता है कि हमारे संस्थनों का स्तर क्या है।

केटली का दोषपूर्ण मॉडल नरेन्द्र मोदी की राजनीति की तरह है। देखने में आकर्षक लेकिन उपयोगी नहीं। बल्कि वह किसी काम की नहीं। पहली बार देखने पर वास्तविकता की झलक आती है लेकिन गौर से देखने पर धोखे का एहसास होता है। देखने पर ऐसा लगता है कि शयद इसमें से चाय निकलेगी। किंतु इंतजार करने पर कुछ नहीं होता। क्योंकि वह तो सिर्फ दिखावे की चीज है। लोग इसके आस-पास से गुजर जाते हैं लेकिन कोई टिप्पणी नहीं करता। पता नहीं लोग इसे नजरअंदाज करना चाहते हैं या उन्हें इसके दोष का इल्म है भी या नहीं।

जिसने इसे बनाया क्या वह जनता को बेवकूफ समझता होगा और उसे इस बात का कोई डर नहीं कि जनता उसकी गल्ती पकड़ लेगी तो क्या करेगी? वह जनता की फिक्र नहीं करता। क्या वह सभी लोगो को हमेशा हमेशा के लिए बेवकूफ बना सकता है? या फिर जनता को कभी यह एहसास होगा कि यह केटली उसकी बौद्धिक क्षमता का खुलेआम मजाक उड़ा रही है और वह उसे नीचे उतारेगी, नहीं तो कम से कम उसकी त्रुटि को दूर करेगी?

नरेन्द्र मोदी ने कभी कोई चाय नहीं बेची यह तो उससे ही स्पष्ट हो गया था जिस तरह से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अस्पताल के बाहर चाय बेचने वालों को मोदी के अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे से पहले ही पुलिस हटा देती थी। चूंकि मोदी का हेलिकॉप्टर विश्वविद्यालय परिसर के अंदर उतरता था तो चाय बेचने वालों को मोदी के लिए खतरा मान कर उन्हें कई दिनों पहले से ही हटा दिया जाता था। ठेला गुमटी व्यवसाइयों के संगठन के अध्यक्ष चिंतामणि सेठ ने नरेन्द्र मोदी की वाराणसी यात्राओं के दौरान उनकी आजीविका के नुकसान का हिसाब लगा उसका मुआवजा उनके संसदीय क्षेत्र कार्यालय से मांगा था। मोदी के वाराणसी रहते वे अपनी दुकानें नहीं लगा सकते थे।

क्या यह सम्भव है कि जिस व्यक्ति ने सही में चाय बेची होती तो वह दूसरे चाय बेचने वालों के प्रति इतना संवेदनहीन होता? चिंतामणि सेठ को अपने ज्ञापन का नरेन्द्र मोदी के स्थानीय कार्यालय से कोई जवाब नहीं मिला। उल्टे पुलिस का दमन और तेज हो गया। आमतौर पर मोदी के वाराणसी से प्रस्थान के बाद वे अपने ठेले-दुकानें पुनः लगा लेते थे। किंतु योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह मुश्किल हो गया। एक बार उनकी दुकानें हटाईं गईं तो फिर उन्हें दोबारा नहीं लगाने दिया गया। अतः दुकानदारों को धरना प्रदर्शन करना पड़ा। चाय बेचने वालों का भविष्य वाराणसी में अनिश्चित हो गया है और मोदी-योगी शासन में वे पहले से ज्यादा असुरक्षित हो गए हैं।

नरेन्द्र मोदी ने 2014 के चुनाव प्रचार में यह भी वायदा किया था कि जैसे अहमदाबाद में उन्होंने साबरमती नदी की सफाई की है वैसी ही वाराणसी में गंगा की करेंगे। साढ़े तीन वर्ष से ज्यादा का समय बीत चुका है। शहर के सीवर का पानी बिना परिष्कृत किए भी गंगा में डाला जा रहा है। अभी नितिन गडकरी विदेश से गंगा की सफाई के लिए धन एकत्र करने गए थे।

अहमदाबाद शहर में प्रवेश से पहले साबरमती का पानी एकदम सूख गया है। नहीं में एक बूंद पानी नहीं। सरकार की तरफ से नदी को जीवित करने का कोई प्रयास नहीं चल रहा। सरकार ने आसान रास्ता ढूंढ निकाला है। नर्मदा नहर से, जो पूर्व में योजना में शामिल नहीं था, पानी लाकर साबरमती में अहमदाबाद शहर की 10-11 किलोमीटर की लम्बाई में डाल दिया है जिससे शहर में आभास होता है जैसे नदी लबालब भरी हो। परन्तु यह बहता हुआ पानी नहीं है। गुजरात सरकार ने नदी को एक लम्बे सरोवर में तब्दील कर दिया है। शहर के दूसरे छोर पर अहमदाबाद के सारे कारखानों का गन्दा पानी नदी में डाल दिया जाता है जिससे यहां उसका रंग काला हो गया है। यहां भी कोई परिष्करण नहीं किया जा रहा। नदी कराह रही है किंतु उसे साफ करने की कोई योजना नहीं है।

अखबार नगर चैराहे की केटली और साबरमती नदी जो मोदी के विकास के मॉडल की प्रतीक हैं की पोल खुल गई है। इतने सालों तक इंतजार करने के बाद और यह उम्मीद पालने के बाद की कोई जादू होगा अब लोगों का धैर्य जवाब दे गया है। गुजरात में नरेन्द्र मोदी के सत्तासीन होने के बाद पहली बार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। नवजवानों का समूह हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकुर व जिग्नेश मेवानी के नेतृत्व में भाजपा से टक्कर ले रहा है और नरेन्द्र मोदी या भाजपा के पास ऐसा कोई चेहरा नहीं जो लोगों को आकर्षित कर रहा हो।

ऐसा लग रहा है कि प्रतीकों की राजनीति के दिन पूरे हुए। जहां से यह राजनीति शुरू हुई थी वहीं से इसके दफन की तैयारी दिखाई पड़ती है।

Courtesy: द सिटिज़न,
Original published date:
10 Dec 2017
modi sarkar
modi model
gujarat model
vikas

Related Stories

यूपी चुनाव: मुसलमान भी विकास चाहते हैं, लेकिन इससे पहले भाईचारा चाहते हैं

चुनाव 2022 : UP में भाजपा के विरुद्ध निर्णायक जनादेश की शर्तें

मतदाता पहचान कार्ड, सूची को आधार से जोड़ने सहित चुनाव सुधार संबंधी विधेयक को लोकसभा की मंजूरी

लखीमपुर खीरी कांड: गृह राज्य मंत्री टेनी दिल्ली तलब

मंत्रिमंडल ने तीन कृषि क़ानून को निरस्त करने संबंधी विधेयक को मंज़ूरी दी

अबकी बार, मोदी जी के लिए ताली-थाली बजा मेरे यार!

वैश्विक भुखमरी इंडेक्स में भारत की ‘तरक़्क़ी’: थैंक्यू मोदी जी!

यूपी: योगी सरकार का "विकासोत्सव" बर्बादी का जश्न है

युवाओं ने दिल्ली सरकार पर बोला हल्ला, पूछा- 'कहां है हमारा रोज़गार?'

बनारस मॉडल का नंगा सचः मानसून आते ही मटियामेट हो गई रेत पर बनी “मोदी नहर”


बाकी खबरें

  • covid
    संदीपन तालुकदार
    जानिए ओमिक्रॉन BA.2 सब-वैरिएंट के बारे में
    24 Feb 2022
    IISER, पुणे के प्रख्यात प्रतिरक्षाविज्ञानी सत्यजित रथ से बातचीत में उन्होंने ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BA.2 के ख़तरों पर प्रकाश डाला है।
  • Himachal Pradesh Anganwadi workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी
    24 Feb 2022
    प्रदर्शन के दौरान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला व उन्हें बारह सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आगामी बजट में कर्मियों की मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। यूनियन…
  • Sulaikha Beevi
    अभिवाद
    केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया
    24 Feb 2022
    एलडीएफ़ सरकार ने मठीपुरम में मछुआरा समुदाय के लोगों के लिए 1,032 घर बनाने की योजना तैयार की है।
  • Chandigarh
    सोनिया यादव
    चंडीगढ़ के अभूतपूर्व बिजली संकट का जिम्मेदार कौन है?
    24 Feb 2022
    बिजली बोर्ड के निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान लगभग 36 से 42 घंटों तक शहर की बत्ती गुल रही। लोग अलग-अलग माध्यम से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से लाचार…
  • Russia targets Ukraine
    एपी
    रूस ने यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों, सैन्य आधारभूत ढांचे को बनाया निशाना, अमेरिका-नाटो को चेताया
    24 Feb 2022
    रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सेना ने घातक हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों एवं अन्य सैन्य आधारभूत ढांचे को निशाना बनाने के लिये किया है। उसने आगे दावा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License