NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एनआरसी से छूटे लोग सभी कानूनी तरीकों का इस्तेमाल करने तक मतदाता बने रहेंगे: चुनाव आयोग
असम ने एनआरसी की अंतिम सूची 30 अगस्त को प्रकाशित हुई थी। इस सूची में 3.11 करोड़ लोगों का नाम शामिल था। जबकि सूची में राज्य के 19 लाख लोग बाहर हो गए थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Sep 2019
NRC and election commision
Image courtesy: Free Press Journal

नई दिल्ली: गृह मंत्रालय ने कुछ दिन पहले साफ किया था कि असम में जिन लोगों के नाम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में शामिल नहीं हो पाये वे तब तक नागरिक के रूप में सभी अधिकार प्राप्त करते रहेंगे जब तक सारे कानूनी उपायों का इस्तेमाल नहीं कर लेते। इसके बाद चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि ऐसे लोगों के नाम यदि राज्य की मतदाता सूची में हैं तो उन्हें मताधिकार मिलता रहेगा।

चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि एनआरसी से छूट गये लोग जब तक सारे कानूनी तरीकों का इस्तेमाल नहीं कर लेते और उन्हें अंतत: विदेशी घोषित नहीं किया जाता, तब तक उन्हें मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधित्व कानून के अनुसार कोई विदेशी भारत में मतदाता नहीं हो सकता।

चुनाव आयोग के अधिकारी ने इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण का जिक्र किया कि जिनके नाम एनआरसी में नहीं हैं वे पहले की तरह अन्य नागरिकों की भांति सारे अधिकार प्राप्त करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि जब तक वे उन्हें उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल नहीं कर लेते, उनके मताधिकार की कोई समीक्षा नहीं होगी। चुनाव कानूनों के अनुसार किसी मतदाता का नाम बिना उसे नोटिस दिये नहीं हटाया जा सकता।

आपको बता दें कि असम के मतदाता सूची में संदेहास्पद या D एक श्रेणी है जिसमें उन लोगों के नाम हैं जो अनिश्चित या विवादित है। 1997 में चुनाव आयोग राज्य की मतदाता सूची को रिवाइज करने के दौरान पहली बार इस श्रेणी को शामिल किया था।

ऐसे ही करीब 1.2 लाख वोटरों ने हाल के लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं किया था। मालूम हो कि असम ने एनआरसी की अंतिम सूची 30 अगस्त को प्रकाशित हुई थी। इस सूची में 3.11 करोड़ लोगों का नाम शामिल था। जबकि सूची में राज्य के 19 लाख लोग बाहर हो गए थे।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य के 19 लाख लोगों में कितने लोगों का नाम राज्य की मतदाता सूची में वोटर के रूप में दर्ज है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ )

NRC Process
NRC Assam
NRC and voting right
election commission of India
NRC and Election
home ministry

Related Stories

2 सालों में 19 लाख ईवीएम गायब! कब जवाब देगा चुनाव आयोग?

दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल

जनादेश-2022:  इस बार कहीं नहीं दिखा चुनाव आयोग, लगा कि सरकार ही करा रही है चुनाव!

विधानसभा चुनाव: वीडियो वैन के इस्तेमाल पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश जारी

चुनाव आयोग की विश्वसनीयता ख़त्म होती जा रही है

पंजाब विधानसभा चुनाव की नई तारीख़, अब 20 फरवरी को पड़ेंगे वोट

यूपी; नोट करें: आपके आस-पड़ोस में कब पड़ेंगे वोट, किस दिन आएगी आपकी बारी

राष्ट्रव्यापी NRC पर अभी कोई फैसला नहीं: गृह मंत्रालय ने संसद को बताया

राजनीति: राज्यसभा की आठ सीटें खाली लेकिन उपचुनाव सिर्फ़ एक पर

बंगाल उपचुनाव: तृणमूल ने ‘‘देरी’’ के लिए निर्वाचन आयोग की आलोचना की


बाकी खबरें

  • सरोजिनी बिष्ट
    विधानसभा घेरने की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशाएं, जानिये क्या हैं इनके मुद्दे? 
    17 May 2022
    ये आशायें लखनऊ में "उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन- (AICCTU, ऐक्टू) के बैनर तले एकत्रित हुईं थीं।
  • जितेन्द्र कुमार
    बिहार में विकास की जाति क्या है? क्या ख़ास जातियों वाले ज़िलों में ही किया जा रहा विकास? 
    17 May 2022
    बिहार में एक कहावत बड़ी प्रसिद्ध है, इसे लगभग हर बार चुनाव के समय दुहराया जाता है: ‘रोम पोप का, मधेपुरा गोप का और दरभंगा ठोप का’ (मतलब रोम में पोप का वर्चस्व है, मधेपुरा में यादवों का वर्चस्व है और…
  • असद रिज़वी
    लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश
    17 May 2022
    एडवा से जुड़ी महिलाएं घर-घर जाकर सांप्रदायिकता और नफ़रत से दूर रहने की लोगों से अपील कर रही हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 43 फ़ीसदी से ज़्यादा नए मामले दिल्ली एनसीआर से सामने आए 
    17 May 2022
    देश में क़रीब एक महीने बाद कोरोना के 2 हज़ार से कम यानी 1,569 नए मामले सामने आए हैं | इसमें से 43 फीसदी से ज्यादा यानी 663 मामले दिल्ली एनसीआर से सामने आए हैं। 
  • एम. के. भद्रकुमार
    श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी
    17 May 2022
    यहां ख़तरा इस बात को लेकर है कि जिस तरह के राजनीतिक परिदृश्य सामने आ रहे हैं, उनसे आर्थिक बहाली की संभावनाएं कमज़ोर होंगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License