NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एनडीए सरकार द्वारा माँगें स्वीकार न किये जाने तक ग्रामीण डाक सेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
22 मई को लगभग सभी 1,29,500 ब्रांच डाक खाने बंद रहेI
रौनक छाबड़ा
24 May 2018
strike

अभूतपूर्व एकता और हिम्मत का प्रदर्शन करते हुए डाक विभाग के लगभग तीन लाख ग्रामीण डाक सेवा (GDS) कर्मचारी 22 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैंI

उनकी शिकायतें हैं – लम्बे अर्से से ग्रामीण डाक सेवकों की माँग कि उन्हें सरकारी कर्मचारी के रूप में नियमित किया जाये और GDS के काम करने की परिस्थितियों पर कमलेश चंद्रा कमेटी की सिफ़ारिशों का खराब रूप से अमल किया जानाI

यह ऐतिहासिक हड़ताल एनडीए सरकार की इन मुद्दों के प्रति उदासीनता को चुनौती दे रही है और इसे सभी डाक कर्मचारियों की यूनियनों से समर्थन मिला हैI इसका नतीजा है कि 22 मई को लगभग सभी 1,29,500 ब्रांच डाक खाने बंद रहेI

ग्रामीण डाक सेवक ग्रामीण इलाकों में काम करने के लिए केंद्र सरकार के डाक विभाग के नियमित डाक कर्मचारियों के अतिरिक्त विभागीय एजेंट होते हैंI इस समय, डाक विभाग के 60% से ज़्यादा कर्मचारी GDS हैं और 80% से ज़्यादा डाक खाने GDS ब्रांच डाक खाने हैंI

हालांकि विभाग के राजस्व का बड़ा भाग GDS से आता है, फिर भी सेवकों को नियमित कर्मचारियों के बराबर आय और सुविधाएँ पाने के लिए काफी संघर्ष करने पड़ेI

सरकार ने GDS की काम करने की परिस्थितियों और आय के ढाँचे के अध्ययन के लिए एक-सदसीय कमलेश चंद्रा कमेटी का गठन कियाI नवम्बर 2016 में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपीI रिपोर्ट में कई सिफ़ारिशें दी गयीं, मसलन GDS की न्यूनतम आय 10,000 रूपये और अधिकतम 35,480 रूपये होनी चाहिए, 50 साल की आयु सीमा को ख़त्म करना, एक बच्चे की शिक्षा के लिए मिलने वाले सालाना 6,000 रूपये में प्रति वर्ष 3% का इज़ाफा इत्यादिI   

ढाई साल के लम्बे अन्तराल के बावजूद डाक विभाग और भारतीय सरकार ने कमलेश चंद्रा की सिफ़ारिशें लागू नहीं कि हैंI भारतीय सरकार और डाक विभाग के रवैये से परेशान होकर ही ग्रामीण डाक सेवा के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को मजबूर हुए हैंI

सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन करते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, “आम जनता को ज़रूरी सेवाएँ देने वाले इन ज़मीनी कर्मचारियों की न्यायसंगत माँगों को स्वीकार कर एनडीए सरकार को इस मुद्दे को तुरंत सुलझाना चाहिएI”

विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रीजनल लेबर कमीशनरों ने समाधान निकालने के लिए एक मीटिंग की जिसमें सभी यूनियनें शामिल हुईंI कमलेश चंद्रा कमेटी की सिफ़ारिशों को लागू किये जाने के सम्बन्ध में विभाग ने कोई भी लिखित आश्वासन नहीं दिया जिससे बेहद शोषित कामगारों के एक हिस्से के भविष्य को अधर में लटका दिया गया हैI

ग्रामीण डाक सेवक
हड़ताल
NDA Government

Related Stories

एमएसएमई नीति के नए मसौदे में कुछ भी नया या महत्वपूर्ण नहीं!

“इलेक्शन होगा, तो पढ़ाई भी होगा” सासाराम में भड़के छात्रों का नारा

प्रिया रमानी जजमेंट #MeToo आंदोलन को सही ठहराता है!

बदलाव: किसान आंदोलन जनतंत्र के सभी आंदोलनों की मां है!

आंदोलन : खरबपतियों के राज के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं किसान

बिहार में क्या सचमुच भाजपा का समय आ गया है?

बीच बहस: नीतीश कुमार का शीर्षासन या समाजवाद का!

बिहार विधानसभा चुनाव के पांच अहम सबक़

नज़रिया: तेजस्वी इसलिए हारे क्योंकि वे अपनी यूएसपी भूल गए थे...!

बदलाव के जनादेश की भावना को नकार बनी अस्थिरता की पतनशील सरकार!


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा
    08 Feb 2022
    आज हम डॉ. सत्यजीत के साथ कोविड -19 के टीके का उत्पादन के बारे में बात करेंगे, टीके के निर्यात को ले के दुनिया के अलग- अलग देशों और उनके कंपनियों की नीतियों को भी समझेंगे और इन टीकों से जो बड़ा…
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : रुद्रप्रयाग में दस साल पहले प्रस्तावित सैनिक स्कूल अभी तक नहीं बना, ज़मीन देने वाले किसान नाराज़!
    08 Feb 2022
    रुद्रप्रयाग विधानसभा के जखोली विकासखंड के थाती-बड़मा गांव में 2013 में सैनिक स्कूल प्रस्तावित किया गया था मगर आज तक यहाँ सरकार स्कूल नहीं बनवा पाई है। पढ़िये न्यूज़क्लिक संवाददाता मुकुंद झा की यह…
  • Media
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ‘केंद्रीय मीडिया प्रत्यायन दिशा-निर्देश-2022’ : स्वतंत्र मीडिया पर लगाम की एक और कोशिश?
    08 Feb 2022
    यह सरकारी दिशा-निर्देश ऊपर से जितने अच्छे या ज़रूरी दिखते हैं, क्या वास्तव में भी ऐसा है? ‘‘सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता’’ या ‘जन व्यवस्था’ जितने आवश्यक शब्द हैं, इन्हें लागू करने की नीति या…
  • union budget
    सी. सरतचंद
    अंतर्राष्ट्रीय वित्त और 2022-23 के केंद्रीय बजट का संकुचनकारी समष्टि अर्थशास्त्र
    08 Feb 2022
    केंद्र सरकार आखिरकार केंद्रीय बजट में ठहरे/गिरते सरकारी राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय में स्पष्ट वृद्धि के बीच में अंतर क्यों कर रही है?
  • jammu and kashmir
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर : क्षेत्रीय दलों ने परिसीमन आयोग के प्रस्ताव पर जताई नाराज़गी, प्रस्ताव को बताया जनता को शक्तिहीन करने का ज़रिया
    08 Feb 2022
    महबूबा मुफ़्ती का कहना है कि बीजेपी गांधी के भारत को गोडसे के भारत में बदलना चाहती है। इस लक्ष्य के लिए जम्मू-कश्मीर को प्रयोगशाला के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License