NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़ेसबुक ने कई फ़िलिस्तीनी सामाजिक कार्यकर्ताओं के अकाउंट डिलीट किये
इससे पहले भी फ़ेसबुक पर इज़रायल का साथ देकर फ़िलिस्तीनियों की अभिव्यक्ति की आज़ादी और उनके विद्रोह को दबाने के इल्ज़ाम लगते रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
07 May 2020
FB

5 और 6 मई को सोशल मीडिया वेबसाइट फ़ेसबुक ने 'नॉट फॉलोइंग कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स' के तहत 10 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी सामाजिक कार्यकर्ताओं के कई पेज को ब्लॉक कर दिया है। असल संख्या इससे ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि ख़बर लिखे जाने के समय भी ब्लॉकिंग की शिकायतें आ रही थीं।

फ़ेसबुक के अनुसार उसने अपने निर्णय पर 'पुनः विचार' कर लिया है और जो पेज ब्लॉक या डिलीट किये गए हैं उन्हें कोई राहत नहीं दी जाएगी।

मिडिल ईस्ट आई से बार करते हुए क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में रहने वाले एक कार्यकर्ता इमाद जिब्रीन ने दावा किया कि फ़ेसबुक ने उनका पेज डिलीट करने के लिए "कोई विशिष्ट कारण नहीं बताया" है। उनके अनुसार, फ़ेसबुक अमूमन ब्लॉक या डिलीट करने से पहले कारण बताता है।

फेसबुक का इजरायल सरकार के साथ काम करने का इतिहास रहा है और उसने अतीत में भी फ़िलिस्तीन के संघर्ष के लिए समर्पित पेज को हटाया है। पिछले साल अक्टूबर में इसने प्रसिद्ध समाचार साइट फ़िलिस्तीन सूचना केंद्र से संबंधित पेज को हटा दिया था। इसने इस वर्ष फ़रवरी में केंद्र द्वारा बनाए गए एक वैकल्पिक पेज को फिर से हटा दिया।

मिडिल ईस्ट आई के अनुसार, फेसबुक इज़रायल सरकार द्वारा दायर शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए ज़्यादा तत्पर रहता है। इसने हाल के दिनों में इज़रायल सरकार द्वारा बताए गए 95% अकाउंट या पोस्ट को हटा दिया है।

फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया साइटें इजरायल प्राधिकरण की दैनिक दमनकारी नीतियों और फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ आक्रामकता के कार्यों के बारे में जानकारी का एक मुख्य स्रोत रही हैं। फ़िलिस्तीनी कार्यकर्ताओं से संबंधित पेज को ब्लॉक करने से उनकी विद्रोह की आज़ादी का उल्लंघन होता है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

Palestine
journalist
Facebook
FB accounts
social activists

Related Stories

बीजेपी के चुनावी अभियान में नियमों को अनदेखा कर जमकर हुआ फेसबुक का इस्तेमाल

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

हेट स्पीच और भ्रामक सूचनाओं पर फेसबुक कार्रवाई क्यों नहीं करता?

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने

कैसे बना सोशल मीडिया राजनीति का अभिन्न अंग?

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?

फेसबुक ने घंटो तक बाधित रखा मोदी के इस्तीफे संबंधी हैशटैग, बाद में कहा गलती से हुआ बाधित

फेसबुक के 53.3 करोड़ प्रयोगकर्ताओं का डेटा ऑनलाइन लीक, भारत के 61 लाख यूजर्स इसमें शामिल


बाकी खबरें

  • पीपल्स डिस्पैच
    नेपाल ने अमेरिका के MCC अनुदान समझौते को विरोध प्रदर्शनों के बीच दी मान्यता, अब आगे क्या?
    04 Mar 2022
    नेपाली संसद में कई हफ़्तों तक चली उठापटक नतीजा आख़िरकार अमेरिका की एमसीसी के साथ 500 मिलियन डॉलर का समझौता रहा। इस समझौते के पहले सरकार के समझौते का विरोध कर रही राजनीतिक पार्टियों ने बड़े विरोध…
  • mamta banerjee
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः बनारस के सियासी अखाड़े में दिग्गजों पर भारी पड़ीं ममता, भाजपा को दे गईं गहरी चोट
    04 Mar 2022
    बंगाली समाज के लोग बनारस में पीढ़ियों से बंग संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। पिछले कई चुनावों से वह बीजेपी को वोट देते आए हैं। इस बार ममता बनर्जी का अपमान और उनको यह कहना कि वो हिन्दू नहीं हैं, अंदर…
  • पीपल्स डिस्पैच
    यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और युद्ध-विरोधी आंदोलन के परिपेक्ष्य
    04 Mar 2022
    शांति के लिए काम करने वाले एबी मार्टिन और ब्रायन बेकर रूस-यूक्रेन संघर्ष के सिलसिले में युद्ध विरोधी आंदोलन की दिशा में चर्चा करने के लिए आपस में मिले
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,396 नए मामले, 201 मरीज़ों की मौत
    04 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.16 फ़ीसदी यानी 69 हज़ार 897 हो गयी है।
  • mbbs
    रवि कौशल
    सरकार ने मेडिकल कॉलेजों की बजाय मंदिरों को प्राथमिकता दी,  इसी का ख़ामियाज़ा यूक्रेन में भुगत रहे हैं छात्र : मेडिकल विशेषज्ञ
    04 Mar 2022
    विशेषज्ञों का कहना है कि रूस, चीन और पूर्वी यूरोपीय देशों में मेडिकल की डिग्री हासिल करने के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की बड़ी तादाद की मुख्य वजह देश के निजी चिकित्सा संस्थानों की मोटी फीस है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License