NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लैटिन अमेरिका
अमेरिका
एशिया के बाकी
अर्थव्यवस्था
G 20 से गायब हो गयी है साझेपन की भावना !
अभी हाल में G 20 की बैठक ओसका, जापान में हुई। जहां सभी देश मिले लेकिन कोई प्रभावी निष्कर्ष निकलकर के लिए नहीं आया। अमेरिका और चीन बीच चल रहे ट्रेड और टेक वार के बीच कोई सुलह का रास्ता नहीं दिखा।अमेरिका और ईरान विवाद पर किसी तरह की गंभीरता नहीं दिखाई गयी। अमेरिका और भारत के चल रहा ट्रेड वार पर कोई ठोस बातचीत नहीं हुई। जलवायु परिवर्तन पर कोई गंभीर बातचीत नहीं हुई।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
01 Jul 2019

अभी हाल में G 20 की बैठक ओसका, जापान में हुई। जहां सभी देश मिले लेकिन कोई प्रभावी निष्कर्ष निकलकर के लिए नहीं आया। अमेरिका और चीन बीच चल रहे ट्रेड और टेक वार के बीच कोई सुलह का रास्ता नहीं दिखा।अमेरिका और ईरान विवाद पर किसी तरह की गंभीरता नहीं दिखाई गयी। अमेरिका और भारत के चल रहा ट्रेड वार पर कोई ठोस बातचीत नहीं हुई। जलवायु परिवर्तन पर कोई गंभीर बातचीत नहीं हुई। रूस के राष्ट्रपति पुतिन का वक्तव्य था कि दुनिया से उदारवाद का अंत हो गया है, अब लोग बहुसंस्कृतिवाद को अपनाना नहीं चाहते हैं। अपने वोटरों को ध्यान में रखकर देश की आर्थिक नीतियां सरक्षणवाद को अपना रही हैं। कहने का मतलब यह है कि G 20 की मीटिंग केवल एक इवेंट बनकर रह गयी। जिसमें से साझेपन की भावना गयाब थी। इस पूरे मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं न्यूज़क्लिक के एडिएटर इन चीफ प्रबीर पुरकायस्थ।

G-20 summit
osaka
japan
Narendra modi
Donald Trump
america and china trade war
US-China Trade War
america and iran
america sanction to iran
vladimir putin
india-russia-china

Related Stories

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

यूक्रेन-रूस युद्ध का संदर्भ और उसके मायने

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक

कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते

ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल मॉडल ऑफ़ गवर्नेंस से लेकर पंजाब के नए राजनीतिक युग तक


बाकी खबरें

  • Olaf Scholz
    एम. के. भद्रकुमार
    मास्को की नपी-तुली कूटनीति काम कर रही है
    21 Feb 2022
    यूक्रेन पर रूसी हमले की संभावना सही मायने में कभी थी ही नहीं। हालांकि, अगर यूक्रेनी सेना अलगाववादी ताक़तों पर हमला करती है, तो डोनबास क्षेत्र में मास्को के हस्तक्षेप का होना सौ फ़ीसदी तय है।
  • sultanpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनावः सुल्तानपुर चीनी मिल राज्य सरकार की अनदेखी से हुई जर्जर
    21 Feb 2022
    "सुल्तानपुर चीनी मिल के सही ढ़ंग से न चलने की वजह से इस इलाके के गन्ने की उपज प्राइवेट क्रशर मशीन में किसान मजबूरन दे देते हैं जहां से उनको गन्ने की कीमत आधी या दो-तिहाई ही मिल पाती है।"
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में पीएम मोदी ने पार की चुनावी मर्यादा, जागो चुनाव आयोग
    21 Feb 2022
    आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अखिलेश यादव पर साधे गए निशाने पर बात की और उसको हास्यास्पद बताया। उसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी टिप्पणी की कैसे एक…
  • election
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव चौथा चरण: लखीमपुर हिंसा और गोवंश से फ़सलों की तबाही जैसे मुद्दे प्रमुख
    21 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में तीन चरणों के चुनावों के बाद अब चौथे चरण के लिए जंग शुरू हो गई है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद अब अवध की चुनावी परिक्रमा लगातार जारी है। लेकिन चौथे चरण में अवध की वो सीटे भी हैं जहां…
  • Ballia
    विजय विनीत
    बलिया: ''सबके वोटे के चिंता बा, चुनाव बाद रसड़ा चीनी मिल के बात केहू ना करे ला''
    21 Feb 2022
    देसी चीनी और गुड़ के लिए मशहूर रसड़ा, कभी ''रसदा'' के नाम से जाना जाता था। रसड़ा इलाके में कई घंटे गुजारने के बाद हमें इस बात का एहसास हो चला था कि रसड़ा में हर आदमी की जुबां पर सिर्फ़ एक ही सवाल है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License