NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गाय के नाम पर अब पहाड़ को भी अशांत करने की कोशिश
अब पहाड़ की शांत वादियों को भी गोकशी की अफवाह से दहलाने की कोशिश की जा रही है। ऐसा ही प्रयास हिमाचल प्रदेश में हुआ और राजधानी शिमला को बुलंदशहर बनाने की कोशिश की गई। सीपीएम ने इस पूरी घटना की न्यायिक जांच की मांग की है।
मुकुंद झा
29 Dec 2018
himachal shimla
शिमला के रोहड़ू बाजार में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के दृश्य।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रोहड़ू बाजार में एक घर की छत पर कथित रूप से गोवंश के अवशेष मिलने के बाद दक्षिणपंथी हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने हिंसा और तोड़फोड़ की। जिससे वहाँ के स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया। ज़िला प्रशासन का कहना है कि वो स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।

हिमाचल देश के सबसे शांति प्रिय क्षेत्रों में से एक है लेकिन जब से राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार आई है तब से दक्षिणपंथी ताकतों को हौसला मिला है और लगातार यहां का माहौल ख़राब करने कि कोशिशि की जा रही है। इसी कड़ी में देश के प्रमुख पर्यटन स्थल शिमला को भी अशांत करने की कोशिशें की जा रही हैं। स्थानीय राजनीतिक और समाजिक कार्यकर्ताओं ने खुले तौर पर कहा है कि जब से हिमाचल में भाजपा कि सरकार आई है उसने हिमाचल में कोई विकास कार्य नहीं किया है और उसे छिपाने के लिए अब वो अन्य राज्यों कि तरह यहां भी गाय के नाम राजनीति करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने शिमला के रोहड़ू को बुलन्दशहर बनाने कि कोशिश कि परन्तु वो नाकाम रहे।

क्या है पूरा मामला ?

स्थानीय मीडिया के मुताबिक शिमला के रोहड़ू बाजार में घर की छत पर कथित तौर पर गोवंश के अवशेष मिलने के बाद एक समुदाय की करीब डेढ़ दर्जन दुकानों में तोड़फोड़ की गई।  पहले बुधवार रात को रेहड़ी-फड़ियों में तोड़फोड़ कर सामान सड़क पर फेंक दिया गया। इसके बाद गुरुवार सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक फिर दुकानों को निशाना बनाया गया। इसके चलते गुरुवार को दिन भर बाजार बंद रहा।

ख़बरों के मुताबिक करीब पांच हजार लोग बाजार में जुटे और माहौल तनावपूर्ण बना रहा। इस भीड़ ने गोवंश की हत्या का आरोप लगते हुए विरोध में रैली निकाली। स्थिति बिगड़ती देख आसपास के थानों के अलावा शिमला से एक पुलिस बटालियन बुलाई गई। भीड़ की तोड़फोड़ को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) की राज्य कमेटी ने रोहड़ू में फैलायी गई साम्प्रदायिक हिंसा व तोड़फोड़ की घटना की कड़ी निंदा की है और इसके लिए आरएसएस व उसे जुड़े  संगठनों को ज़िम्मेदार ठहराया। पार्टी ने इस मामले में सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर इस हिंसा के लिए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और पूरी घटना की न्यायिक जांच की मांग की है। पार्टी के मुताबिक कुछ समय से आरएसएस व इसे जुड़े संगठन साम्प्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का कार्य कर देश मे अशांति व दहशत का माहौल पैदा करने का कार्य कर रहे हैं। रोहड़ू की घटना भी इसी प्रकार की मानसिकता से प्रेरित लगती है।

शिमला शहर के पूर्व मेयर सीपीएम नेता संजय चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार रोहड़ू में प्रभावित हर नागरिक की जान व माल की सुरक्षा सुनिश्चित करे व जिन लोगों की दुकानों व अन्य स्थानों पर तोड़फोड़ की गई है, उनको उचित मुआवजा प्रदान करे। जो भी लोग इस हिंसा को भड़काने में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से दोषी हैं उनके विरुद्ध तुरंत कार्रवाई करे और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर प्रदेश में अमन व शांति का माहौल कायम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए। क्योंकि हिमाचल प्रदेश एक शान्ति प्रिय प्रदेश है और इस प्रकार की हिंसा व दहशत का माहौल बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने डर के कारण यहां से पलायन किया है |

प्रशासन का कहना है कि उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत कर ली। उन्होंने आश्वस्त किया है कि वह ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे माहौल खराब हो। लेकिन संजय चौहान के मुताबिक पुलिस प्रशासन के कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होते है कि क्योंकि अबतक हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। 

Himachal Pradesh
shimla
cow slaughter
Cow Vigilante
cow terrorism
गौरक्षक
BJP-RSS
CPIM
गौ गुंडे

Related Stories

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'


बाकी खबरें

  • bihar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में नवजात शिशुओं के लिए ख़तरनाक हुआ मां का दूध, शोध में पाया गया आर्सेनिक
    27 Feb 2022
    “बिहार के जिन 6 जिलों में मां के दूध में आर्सेनिक की मात्रा काफ़ी अधिक पाई गई है वहां की महिलाओं को इसके लिए अपने दूध की जांच कराना बहुत ज़रूरी है ताकि उनके बच्चे स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें।”
  • inter faith
    काशिफ काकवी
    अंतर-धार्मिक विवाह: एक उच्च न्यायालय, दो एक जैसे मामले, लेकिन फ़ैसले अलग-अलग!
    27 Feb 2022
    एक मामले में जहाँ मध्य प्रदेश की अदालत पूरी तरह से एक अंतर-धार्मिक जोड़े के बचाव में आ गई, लेकिन इसी प्रकार के दूसरे मामले में, पूरा केस लड़की की भलाई पर एक पखवाड़े की रिपोर्ट के वास्ते लंबित है।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में कौन आगे, कौन पीछे और यूक्रेन पर रूसी हमले का सच
    26 Feb 2022
    यूपी में मतदान के पांचवे चरण से ऐन पहले बडा सवाल है: चुनावी जंग में कौन आगे है और कौन पीछे? क्या होगा नतीजा? #HafteKiBaat के नये एपिसोड में यूक्रेन पर रूसी हमले का सच बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार…
  • delhi violence
    मुकुंद झा
    दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़
    26 Feb 2022
    जिनके घर के कमाने वाले इस दंगे में मारे गए वो आज भी अपने लिए इंसाफ ढूंढ रहे हैं। इसी के लिए आज यानी 26 फरवरी 2022 को दंगा पीड़ितों, नागरिक समाज के लोगों, सीपीआई(एम) की दिल्ली कमेटी के आह्वान पर बहुत…
  • ukraine
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन अपडेट: कीव में सड़कों पर घमासान,लोगों से शरण लेने की अपील
    26 Feb 2022
    रूसी सैनिकों ने शनिवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव में प्रवेश किया और सड़कों पर घमासान शुरू हो गया है, जबकि स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से छुप जाने की अपील की है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License